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स्टन ग्रेनेड, टियर गैस, फिर एनकाउंटर... आजमगढ़ में 8 घंटे के बंधक संकट के दौरान क्या-क्या हुआ

आजमगढ़ में पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की हत्या के बाद आरोपी अरविंद सिंह 3 बच्चों को लेकर घर में बंद हो गया. करीब 7 घंटे तक पुलिस उससे बातचीत कर बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश करती रही. अचानक घर के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर घर में एंट्री की.

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आरोपी अनिल और उसकी पत्नी. (Photo: ITG)
आरोपी अनिल और उसकी पत्नी. (Photo: ITG)

आजमगढ़ में 2 पुजारियों, पत्नी और बेटे की हत्या के बाद एक घर में ऐसा खौफनाक ड्रामा चला, जिसने करीब 8 घंटे तक पुलिस की सांसें अटका दीं. पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही 10 साल के बेटे की हत्या के बाद आरोपी अरविंद सिंह तीन बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया. बाहर पुलिस का घेरा था और अंदर बच्चों के साथ आरोपी के हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर. करीब 7 घंटे तक मान-मनौव्वल के बाद अचानक घर के अंदर से गोली चली. जिससे पूरा ऑपरेशन एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया. इसके बाद स्टन ग्रेनेड और टियर गैस के बीच पुलिस ने दरवाजा तोड़कर एंट्री की और फिर हुई जवाबी फायरिंग में आरोपी का एनकाउंटर हो गया.

पूजा के विवाद से शुरू हुआ खूनी घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पूजा के दौरान हुए विवाद से हुई. इसके बाद अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और पूजा के लिए आए दो पुजारियों की हत्या कर दी. मामला यहीं नहीं रुका. आरोपी अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर चला गया और खुद को कमरे में बंद कर लिया.

पुजारी महेंद्र पाठक, जिनकी अनिल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. (Photo: ITG)

घर के अंदर उसके तीन बच्चे थे. बाहर पुलिस की टीम और अधिकारी मौजूद थे, जबकि अंदर आरोपी के पास लाइसेंसी रिवॉल्वर थी. पुलिस ने बातचीत के जरिए हालात संभालने की कोशिश शुरू की.

एक-एक मिनट भारी पड़ रहा था
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी. अधिकारी लगातार आरोपी से बातचीत करते रहे और उससे बच्चों को बाहर भेजने की अपील की गई. लेकिन वह किसी भी हालत में बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था.

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करीब सात घंटे तक पुलिस ने धैर्य बनाए रखा. घर को चारों तरफ से घेर लिया गया था. अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए थे. किसी भी जल्दबाजी का मतलब बच्चों की जान को खतरा हो सकता था.

अखिलेश मिश्र को अनिल ने मौत के घाट उतार दिया था. (Photo: ITG)

फिर अचानक घर के अंदर चली गोली
कई घंटे तक बातचीत चलने के बाद अचानक घर के अंदर से फायरिंग की आवाज सुनाई दी. इसके बाद पुलिस को अंदेशा हुआ कि अब हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं.

पुलिस ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया. घर में प्रवेश करने के लिए स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल होने की कोशिश की.

पुलिस अंदर पहुंची तो आरोपी ने बरसा दीं गोलियां
एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा के मुताबिक पुलिस टीम के अंदर पहुंचते ही आरोपी ने लगातार चार-पांच राउंड फायर किए. उसके पास 6 राउंड की रिवॉल्वर थी और उसने अपनी सभी गोलियां चला दीं.

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान तीन-चार राउंड फायर किए गए. कुछ ही देर में आरोपी घायल हो गया.

बच्चों को ढाल बनाकर खड़ा था आरोपी
अंदर का मंजर बेहद गंभीर था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी का करीब 10 साल का बेटा पहले ही गोली लगने से घायल हो चुका था. वहीं आरोपी के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों में एक बच्ची उसके हाथ से नीचे गिर गई.

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इसके बाद आरोपी ने अपनी बड़ी बेटी को कथित तौर पर अपने सामने ढाल की तरह कर लिया. यानी पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ आरोपी को काबू करने की नहीं थी, बल्कि उसके सामने मौजूद बच्चों की जिंदगी बचाने की भी थी.

एक बच्चा गोली से घायल, दो को पुलिस ने बचाया
फायरिंग के बीच पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी रखी. गोली लगने से घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल भेजा गया. वहीं बाकी दोनों बच्चियों को भी सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया.

पुलिस के मुताबिक दोनों बच्चे काफी देर तक घर के अंदर रहने की वजह से डिहाइड्रेशन और ट्रॉमा की स्थिति में थे.

जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी
पुलिस की जवाबी फायरिंग में अरविंद सिंह घायल हुआ. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की तरफ से किसी को गोली नहीं लगी.

इस तरह करीब 8 घंटे तक चला ऑपरेशन अपने अंजाम तक पहुंचा. एक तरफ घर के अंदर आरोपी और बच्चों को लेकर पुलिस की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ पहले ही पत्नी और दो पुजारियों की मौत हो चुकी थी. गोली लगने से उसका बेटा भी घायल हुआ.

8 घंटे में बदलती गई पूरी तस्वीर
पूजा के दौरान विवाद से शुरू हुआ मामला कुछ ही देर में तीन हत्याओं, बच्चों को बंधक बनाने और फिर पुलिस ऑपरेशन तक पहुंच गया. करीब सात घंटे तक पुलिस ने बातचीत और समझाने की कोशिश की. लेकिन घर के अंदर से गोली चलने के बाद ऑपरेशन को बलपूर्वक अंजाम देना पड़ा.

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स्टन ग्रेनेड, टियर गैस और दरवाजा तोड़कर एंट्री के बाद पुलिस और आरोपी के बीच फायरिंग हुई. आखिरकार आरोपी घायल होकर अस्पताल पहुंचा और उसकी मौत हो गई. वहीं घर के अंदर फंसे बच्चों को पुलिस ने बाहर निकाल लिया. इस पूरे घटनाक्रम ने आजमगढ़ में कई घंटों तक तनाव और दहशत का माहौल बनाए रखा.

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