सोशल मीडिया पर अक्सर फ्लाइट और एयर होस्टेस से जुड़े हैक के वीडियो सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक वीडियो आपने कई बार देखा होगा. जिसमें एयर होस्टेस पानी की बोतल का रैपर उसके ढक्कन के नीचे बांधती नजर आती है. रैपर को वह बोतल के ऊपरी सिरे यानी ठीक ढक्कन के नीचे 'बो' की तरह गांठ लगाती है.
वीडियो में दिखाए गए इस ट्रिक को लेकर की तरह की बातें कही जाती है. मसलन, केबिन प्रेशर की वजह से पानी न निकले इस वजह से ऐसा किया जाता है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. ऐसा करने के पीछे वजह बहुत बड़ी नहीं है. न ही ऐसा करना कोई सेट फॉर्मूला है. यह बस केबिन क्रू अपनी सहूलियत के लिए करती हैं.
एयर होस्टेस तेज सर्विस में अपनी सहूलियत के लिए खुली बोतल को पहचान सके. इस वजह से उसके रैपर को कैप के नीचे बांध देती हैं. इससे तुरंत पानी सर्व करने का काम स्मूदली और तेजी से हो पाता है. ऐसा नहीं करने पर सीलबंद बोतल और खुली बोतल को तुरंत पहचान पाना मुश्किल हो जाता है या फिर बार- बार पानी की बोतल का ढक्कन खोलना पड़ सकता है.
एक गांठ वाला या दूसरी जगह रखा रैपर एक क्विक विज़ुअल क्यू की तरह काम करता है, जिससे पता चलता है कि बोतल पहले ही खोली, तैयार या चेक की जा चुकी है, जिससे सर्विस के दौरान कन्फ्यूजन नहीं होती.
कैप के चारों ओर लगे प्लास्टिक रैपर को हटाने और घुमाने या गांठ लगाने से क्रू मेंबर्स को ज़्यादा पकड़ मिलती है. इससे बिज़ी रास्ते में टाइट या फिसलने वाले बोतल के ढक्कन को जल्दी से खोलना आसान हो जाता है.
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जब बोतल पर नमी (कंडेनसेशन) जमने से वह फिसलने लगती है, तो इस तरह बांधने से उसे पकड़ना आसान हो जाता है. यह फ्लाइट के दौरान इस्तेमाल होने वाला एक व्यावहारिक तरीका है, कोई आधिकारिक नियम नहीं.
अगली बार अगर फ्लाइट में पानी की बोतल के ऊपर रैपर बंधा दिखे तो समझ लें कि यह कोई हैक नहीं है. एयर होस्टेस फास्ट सर्विस के लिए ऐसा करती है. इससे उन्हें जल्दी- जल्दी काम करने में सहूलियत होती है.