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ताबूत में बैठने का इंतजाम, 'स्वर्ग' और 'नरक' वाली ड्रिंक्स... आखिर ये कैसा बार

जापान में एक ऐसा बार है, जहां 'स्वर्ग' और 'नरक' वाली ड्रिंक्स मिलती हैं. यहां ताबूत में बैठने और लेटने की भी सुविधा दी जाती है. जापान में इस अनोखे बार को बौद्ध भिक्षु चलाते हैं.

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इस अनोखे बार में मौत के बाद का अनुभव लेने की दी जाती है सुविधाएं (Photo - ITG)
इस अनोखे बार में मौत के बाद का अनुभव लेने की दी जाती है सुविधाएं (Photo - ITG)

दुनिया में थीम वाले बार और रेस्तरां की कमी नहीं है, लेकिन जापान में एक ऐसा बार है जो लोगों को सिर्फ खाने-पीने का अनुभव ही नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु पर सोचने का मौका भी देता है. यही वजह है कि यह बार इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक,  जापान की राजधानी टोक्यो के शिंजुकु इलाके में मौजूद वाउज बारको बौद्ध भिक्षु चलाते हैं. यहां आने वाले लोगों को स्वर्ग और नरक से प्रेरित खास ड्रिंक्स परोसी जाती हैं. इसके साथ ही लोग भिक्षुओं से जीवन से जुड़ी सलाह भी ले सकते हैं और बौद्ध मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं.

मेन्यू में खास स्वर्ग और नरक वाली ड्रिंक्स
सोशल मीडिया पर एक चीनी पर्यटक ने इस बार का वीडियो शेयर किया, जिसके बाद यह जगह चर्चा में आ गई. बार के मेन्यू में 'निर्वाण इन द प्योर लैंड', 'नेवर एंडिंग सफरिंग इन हेल' और 'लव एंड हेट लीडिंग टू हेल' जैसे अनोखे नामों वाली ड्रिंक्स मिलती हैं. इनकी कीमत करीब 1000 येन है.

इन ड्रिंक्स में फल और अलग-अलग तरह की शराब मिलाकर मीठा, खट्टा और मसालेदार स्वाद तैयार किया जाता है. साथ में अगरबत्ती जैसी दिखने वाली स्नैक्स भी परोसी जाती हैं.

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ड्रिंक के साथ सीख सकते हैं कैलिग्राफी
ग्राहकों के लिए यहां एक और दिलचस्प गतिविधि भी है. ऑर्डर का इंतजार करते समय लोग ब्रश और स्याही की मदद से जापानी कैलिग्राफी सीख सकते हैं. बार की दीवार पर यहां आने वाले लोगों द्वारा लिखे गए अक्षर और संदेश लगे हुए हैं, जो इसकी अलग पहचान बनाते हैं.

रात 9 बजे होता है मंत्रोच्चार
हर रात करीब 9 बजे यहां एक विशेष सत्र आयोजित किया जाता है. इसमें मेहमान भिक्षुओं के साथ बैठकर बौद्ध मंत्रों का जाप करते हैं. वीडियो शेयर करने वाली टूरिस्ट ने बताया कि मंत्रोच्चार के दौरान उसका मन काफी शांत हो गया. उसने कहा कि सत्र खत्म होने तक उसे ऐसा लगा जैसे मन पूरी तरह हल्का और शुद्ध हो गया हो.

कंधे पर डंडे की मार भी मुफ्त!
इस बार की सबसे अनोखी बातों में से एक है यहां मिलने वाली 'केइसाकू' सेवा. केइसाकू एक सपाट लकड़ी का डंडा होता है, जिसका इस्तेमाल जेन परंपरा में ध्यान के दौरान साधकों को सतर्क रखने के लिए किया जाता है. बार में आने वाले लोग चाहें तो अपने कंधे पर इसकी हल्की चोट मुफ्त में लगवा सकते हैं.

ताबूत में लेटकर या बैठकर 'मौत' का अनुभव
अगर कोई और भी अलग अनुभव लेना चाहता है तो उसके लिए ताबूत (कॉफिन) में बैठने या लेटने का अनुभव भी मौजूद है. करीब 1000 येन देकर लोग सफेद वस्त्र पहन सकते हैं और फूलों से सजे ताबूत में लेट या बैठ सकते हैं. इस दौरान एक भिक्षु मंत्र पढ़ता है और पारंपरिक लकड़ी के वाद्य यंत्र को बजाता है. कई लोग इसे जीवन और मृत्यु के बारे में सोचने का अनोखा अनुभव बताते हैं.

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बार के मालिक योशिनोबु फुजिओका पहले पार्ट-टाइम बारटेंडर थे. बाद में वे बौद्ध भिक्षु बने. उनका कहना है कि बौद्ध धर्म सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि लोगों को जीवन जीने का तरीका सिखाता है. उनका मानना है कि बार जैसा माहौल लोगों को धर्म और आध्यात्मिकता से जुड़ने का आसान मौका देता है.

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यहां आने वाले कई लोग सिर्फ ड्रिंक पीने नहीं, बल्कि अपनी निजी समस्याओं पर सलाह लेने भी आते हैं. रिश्तों में तनाव, पारिवारिक विवाद, मानसिक दबाव और जीवन से जुड़े दूसरे सवालों पर भिक्षु लोगों की बात सुनते हैं और उन्हें मार्गदर्शन देने की कोशिश करते हैं.

फुजिओका के मुताबिक, एक बार उन्होंने घरेलू हिंसा से परेशान एक महिला की मदद करने के लिए स्थानीय अधिकारियों और सहायता सेवाओं से भी संपर्क कराया था.

जापान में ऐसे और भी अनोखे बार
जापान अपने अनोखे थीम वाले बार के लिए मशहूर है. क्योटो शहर में मौजूद माचो बार भी काफी लोकप्रिय है. यहां मस्कुलर स्टाफ ग्राहकों का स्वागत करते हैं. कुछ सेवाओं के लिए लोग अलग से पैसे देकर उनके साथ फोटो खिंचवा सकते हैं या उनके विशेष प्रदर्शन देख सकते हैं.

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हालांकि, टोक्यो का यह बौद्ध बार बाकी सभी जगहों से अलग है. यहां लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि कुछ देर शांति, आत्मचिंतन और जीवन के बारे में सोचने के लिए भी आते हैं.

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