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आंख के अंदर मिला उगा हुआ पौधा, डॉक्टर भी रह गए हैरान, चार महीने तक सिरदर्द से परेशान रहा रूसी शख्स

रूस में एक 42 साल का शख्स करीब चार महीने तक सिरदर्द, आंखों में सूजन और धुंधलेपन से परेशान रहा. जब डॉक्टरों ने उसकी आंख की जांच की तो अंदर एक अंकुरित बीज मिला, जिसकी जड़ें आंख के नाजुक हिस्से तक पहुंच गई थीं.

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डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से बीज को बाहर निकाला, जिसके बाद शख्स को राहत मिली. ( Photo: ITG)
डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से बीज को बाहर निकाला, जिसके बाद शख्स को राहत मिली. ( Photo: ITG)

रूस में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स करीब चार महीने तक तेज सिरदर्द और आंखों की परेशानी से जूझता रहा. उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके सिर में लगातार दर्द क्यों हो रहा है और उसकी नजर भी कमजोर क्यों होती जा रही है. जब वह डॉक्टरों के पास पहुंचा और आंखों की जांच कराई, तो जो बात सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया. उसकी आंख के अंदर एक पौधे का बीज मौजूद था, जो धीरे-धीरे अंकुरित होकर छोटा पौधा बनने लगा था. इतना ही नहीं, उस बीज की जड़ आंख के नाजुक हिस्से के अंदर तक पहुंच गई थी.

यह मामला रूस के साइबेरिया इलाके का है. यहां रहने वाले 42 साल के मैक्सिम स्लेप्सोव के साथ यह अजीब घटना हुई. उन्हें कई महीनों से सिरदर्द, आंखों में सूजन और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां हो रही थीं. शुरुआत में उन्हें लगा कि आंख में कोई मामूली चोट लगी होगी, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि आंख के अंदर एक बीज जड़ पकड़ रहा है.

आखिर आंख के अंदर कैसे पहुंचा पौधे का बीज?
मैक्सिम पेशे से वेल्डर और प्लंबर हैं. कुछ समय पहले वह साइबेरिया के दूर-दराज के अबियिस्की इलाके में अपने एक दोस्त से मिलने गए थे. वहां दोनों ने मछली पकड़ने और जंगली बेर इकट्ठा करने का प्लान बनाया था. इसी दौरान उनके साथ एक हादसा हो गया. मैक्सिम के मुताबिक, एक पेड़ की टहनी अचानक उनके चेहरे से टकराई और उनकी आंख पर लग गई. इससे उनकी आंख में खुजली, दर्द और जलन होने लगी. आंख लाल हो गई और उसमें से पानी भी निकलने लगा. उन्होंने पानी से आंख धोई और उन्हें लगा कि टहनी का कोई छोटा टुकड़ा आंख में चला गया था, जिसे उन्होंने निकाल दिया है. इसके बाद उन्होंने इस चोट को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया.

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लेकिन असल परेशानी तो इसके बाद शुरू हुई. पेड़ से निकला एक बेहद छोटा बीज उनकी आंख के अंदर ही रह गया था. उन्हें इसका पता नहीं चला और समय के साथ वह बीज आंख के अंदर ही अंकुरित होने लगा.

चार महीने तक होता रहा सिरदर्द
शुरुआत में मैक्सिम को लगा कि आंख की चोट अपने आप ठीक हो जाएगी. लेकिन धीरे-धीरे उनकी परेशानी बढ़ने लगी. उनकी आंख में लगातार सूजन रहने लगी और देखने की क्षमता भी प्रभावित होने लगी. इसके साथ ही उन्हें तेज सिरदर्द होने लगा. वह बताते हैं कि उन्हें लगातार माइग्रेन जैसा दर्द रहता था. सुबह सोकर उठने पर भी उनका सिर बुरी तरह दर्द करता था. करीब चार महीने तक वह इस परेशानी से जूझते रहे. जिस इलाके में वह रह रहे थे, वह काफी दूर-दराज का था. इस वजह से उन्हें तुरंत आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर तक पहुंचने में भी परेशानी हुई.

आखिरकार जब वह याकुत्स्क शहर पहुंचे, तो उन्होंने आंखों के एक इमरजेंसी सेंटर में डॉक्टरों को दिखाया. यहां जांच के दौरान डॉक्टरों को उनकी आंख में कुछ ऐसा दिखाई दिया, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी.

आंख के अंदर बीज ने निकाल ली थीं जड़ें
डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मैक्सिम की आंख के अंदर मौजूद बीज अंकुरित हो चुका था. यानी जिस बीज को वह मामूली समझकर भूल गए थे, वह आंख के अंदर ही पौधे की तरह बढ़ने लगा था.इसकी जड़ करीब 3 मिलीमीटर तक बढ़ चुकी थी और आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली पतली झिल्ली में घुस गई थी. इस झिल्ली को कंजंक्टाइवा (Conjunctiva) कहते हैं. यह आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली एक पतली और नाजुक परत होती है. अस्पताल के मुख्य डॉक्टर इवान लुत्स्कान ने बताया कि सबसे हैरानी की बात यह थी कि बीज सिर्फ आंख में फंसा नहीं था, बल्कि उसमें से जड़ें भी निकल चुकी थीं. ये जड़ें आंख के नाजुक टिश्यू तक पहुंच गई थीं.

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इंजेक्शन की सुई से निकाला गया बीज
आंख की जांच के बाद डॉक्टरों ने बीज को निकालने का फैसला किया. आंखों की विशेषज्ञ डॉक्टर एलिजावेता कारपोवा ने लोकल एनेस्थीसिया की मदद से यह प्रक्रिया पूरी की. लोकल एनेस्थीसिया का मतलब है कि शरीर के जिस हिस्से का इलाज करना होता है, वहां की जगह को सुन्न कर दिया जाता है, ताकि मरीज को प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस न हो.

डॉक्टर ने इंजेक्शन में इस्तेमाल होने वाली सुई की मदद से सावधानीपूर्वक बीज को आंख से बाहर निकाल दिया. डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में पहले कभी ऐसा मामला नहीं देखा था. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह बीज आंख के अंदर ही रहता और जड़ें बढ़ती रहतीं, तो इससे गंभीर परेशानी हो सकती थी. यहां तक कि व्यक्ति की देखने की क्षमता भी जा सकती थी.

बीज निकलते ही सिरदर्द से मिली राहत
मैक्सिम की आंख से बीज निकलने के बाद उन्हें तुरंत राहत महसूस हुई. उनका कहना था कि जैसे ही डॉक्टरों ने आंख से बीज निकाला, उन्हें काफी अच्छा लगने लगा. वह इस बात से बेहद खुश थे कि समय रहते डॉक्टरों ने उनकी परेशानी की असली वजह पहचान ली. यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि एक छोटी-सी टहनी की चोट के बाद आंख में फंसा बीज धीरे-धीरे अंकुरित हो गया और कई महीनों तक परेशानी की वजह बना रहा. अगर आंख में पेड़ की टहनी, धूल या कोई बाहरी चीज चली जाए और दर्द, लालिमा या धुंधलापन बना रहे, तो उसे मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में आंखों के डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

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