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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP का आंदोलन... कैसे दिखी Instagram की ताकत

एक इंस्टाग्राम पेज, लाखों युवा और 70 दिनों का आंदोलन. जानिए कैसे सोशल मीडिया पर शुरू हुई CJP की मुहिम जंतर-मंतर पहुंची और फिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक की कहानी बनी.

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एक कमेंट से शुरू हुई पूरी कहानी ([Photo:ITG)
एक कमेंट से शुरू हुई पूरी कहानी ([Photo:ITG)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चर्चा में है. पिछले दो महीनों से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर CJP ने इसे अपनी सबसे बड़ी जीत बताया है. पार्टी का दावा है कि सोशल मीडिया से शुरू हुई यह मुहिम धीरे-धीरे देशभर के युवाओं की आवाज बन गई. इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बड़े जन अभियानों का मंच भी बनते जा रहे हैं.

एक कमेंट से शुरू हुई पूरी कहानी

मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गई. CJP और उसके समर्थकों का कहना है कि इसी टिप्पणी के बाद उन्होंने 'कॉकरोच' शब्द को विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाया.

इसी के अगले दिन, 16 मई 2026 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद के अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत की. बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और राजनीतिक संचार रणनीतिकार दिपके ने इसे एक सटायरिकल  मूवमेंट बताया, जिसकी टैगलाइन रखी गई -Voice of the Lazy & Unemployed.

इंस्टाग्राम बना आंदोलन का सबसे बड़ा मंच

17 मई को @cockroachjantaparty नाम से इंस्टाग्राम हैंडल लॉन्च किया गया. शुरुआत मीम्स, रील्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स से हुई. बेरोजगारी, NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियां, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार कंटेंट पोस्ट किया जाने लगा.

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लॉन्च के कुछ ही दिनों में उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से करोड़ों लोग जुड़ गए और यह अभियान तेजी से वायरल हो गया. बड़ी संख्या में युवाओं ने पार्टी की वेबसाइट पर भी सदस्यता ली.पार्टी के मुताबिक, ग्राफिक्स, पोस्टर, मेनिफेस्टो और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के लिए ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया. कम संसाधनों में तैयार किया गया यह डिजिटल अभियान देखते ही देखते लाखों युवाओं तक पहुंच गया.

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा आंदोलन

जून और जुलाई आते-आते यह आंदोलन सोशल मीडिया से निकलकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच गया. CJP और कई छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन करने लगे. आंदोलन की प्रमुख मांगों में NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था.इस दौरान 'चलो संसद' मार्च भी निकाला गया. जंतर-मंतर पर धरना, प्रदर्शन और सोशल मीडिया कैंपेन एक साथ चलते रहे. CJP का कहना था कि यह आंदोलन युवाओं की आवाज उठाने के लिए है और इसे पूरी तरह वॉलंटियर मॉडल पर चलाया गया.

इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक होने पर और बढ़ी चर्चा

जुलाई में प्रदर्शन के दौरान CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं रहा. इसके बाद अभिजीत दिपके ने X पर पोस्ट कर दावा किया कि Meta ने पार्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट हटा दिया है. बाद में अकाउंट दोबारा बहाल हो गया. इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी और CJP फिर से ट्रेंड करने लगी. CJP समर्थकों ने इन पोस्ट्स और रील्स पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं. इससे सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच डिजिटल बहस लगातार जारी रही.

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देर रात प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम वीडियो

इसी घटनाक्रम के बीच बुधवार रात 11 बजकर 52 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया. यह वीडियो उनके सामान्य संबोधनों से अलग था. इसे मोबाइल के फ्रंट कैमरे से वर्टिकल फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया गया था.

वीडियो की शुरुआत उन्होंने अपने पारंपरिक संबोधन 'मित्रों' की बजाय ;फ़्रेंड्स' कहकर की. कई लोगों का मानना था कि इंस्टाग्राम को माध्यम बनाने के पीछे युवाओं तक सीधे पहुंचने की कोशिश भी हो सकती है, क्योंकि यही प्लेटफॉर्म पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र रहा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में उन्होंने लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनके पिछले वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और प्रतिक्रिया के लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों का प्यार और समर्थन आगे भी इसी तरह बना रहेगा.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न

25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार X पर पोस्ट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. अपने संदेश में उन्होंने छात्रों के भविष्य, राष्ट्रहित और जंतर-मंतर की स्थिति का फायदा 'एंटी-नेशनल फोर्सेस' द्वारा न उठाए जाने जैसी बातें भी कही.

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क्या बदल गई है आंदोलन की राजनीति?

कॉकरोच जनता पार्टी का सफर इस बात की मिसाल बन गया कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक अभियान भी राष्ट्रीय बहस का विषय बन सकता है. इंस्टाग्राम पर शुरू हुई यह मुहिम जंतर-मंतर के धरने तक पहुंची और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसकी चर्चा और तेज हो गई.

हालांकि CJP का कहना है कि उसकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. पार्टी अब परीक्षा प्रणाली में सुधार, युवाओं से जुड़े मुद्दों और अन्य मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर काम कर रही है. वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में सोशल मीडिया भारतीय राजनीति और जन आंदोलनों का सबसे प्रभावशाली मंच बन जाएगा.

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