scorecardresearch
 

अमेरिका में लाखों की नौकरी, फिर भी घर खरीदने से डर रहा भारतीय; बोला- 'सर्वाइवल मोड में हूं'

अमेरिका में अच्छी नौकरी और अच्छी कमाई के बावजूद एक भारतीय शख्स अपने भविष्य को लेकर परेशान है. H-1B वीजा पर अमेरिका में रह रहे इस शख्स का कहना है कि वीजा की अनिश्चितता की वजह से वह घर खरीदने और परिवार शुरू करने जैसे बड़े फैसले नहीं ले पा रहा है. उसका कहना है कि वह लंबे समय से 'सर्वाइवल मोड' में जी रहा है. 

Advertisement
X
अब वह अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता तलाश रहा है. ( Photo: ITG)
अब वह अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता तलाश रहा है. ( Photo: ITG)

अमेरिका जाकर अच्छी नौकरी करना और वहां अपनी जिंदगी बसाना कई भारतीय युवाओं का सपना होता है. लेकिन अमेरिका में रहने वाले हर भारतीय के लिए यह सपना उतना आसान नहीं होता. कई लोगों को अच्छी नौकरी और कमाई मिलने के बावजूद अपने भविष्य को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है. इसकी बड़ी वजह वीजा और इमिग्रेशन से जुड़ी अनिश्चितता है.

ऐसी ही कहानी भारतीय मूल के मधुर मेहता ने शेयर की है. मधुर अगस्त 2021 में अमेरिका गए थे. उनका मकसद वहां मास्टर डिग्री पूरी करके एक अच्छी नौकरी हासिल करना और अपने परिवार को आर्थिक रूप से सपोर्ट करना था. करीब पांच साल अमेरिका में रहने के बाद उन्होंने करियर में अच्छी सफलता हासिल की. वह अमेजन में प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर काम कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं करते. 

नौकरी अच्छी, फिर भी भविष्य को लेकर चिंता
मधुर ने बताया कि अमेरिका में उन्होंने अपने करियर के कई लक्ष्य हासिल किए. लेकिन लगातार वीजा की चिंता ने उनकी निजी जिंदगी पर गहरा असर डाला. उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह अमेरिका में लंबे समय तक रह पाएंगे या नहीं.यही वजह है कि वह घर खरीदने या परिवार शुरू करने जैसे बड़े फैसले लेने से भी बच रहे हैं. आमतौर पर जब किसी व्यक्ति की नौकरी अच्छी होती है और कमाई ठीक होती है, तो वह घर खरीदने, शादी करने या बच्चों के बारे में सोचता है. लेकिन मधुर के लिए वीजा की स्थिति इन फैसलों को मुश्किल बना रही है. 

Advertisement

उन्होंने अपनी स्थिति को बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से 'सर्वाइवल मोड' में जी रहे हैं. यानी उनका ध्यान भविष्य की लंबी योजना बनाने के बजाय फिलहाल अपनी नौकरी और अमेरिका में रहने की स्थिति को बनाए रखने पर ज्यादा है. 

पहले स्टूडेंट वीजा, फिर H-1B
मधुर अमेरिका मास्टर डिग्री करने के लिए गए थे. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने OPT के जरिए काम शुरू किया. इसके बाद 2025 में उन्हें H-1B वीजा मिला. H-1B मिलना उनके लिए बड़ी राहत थी, लेकिन इससे उनकी सारी चिंताएं खत्म नहीं हुईं. H-1B एक सीमित अवधि वाला वर्क वीजा है. इसमें नौकरी जाने या इमिग्रेशन नियमों में बदलाव जैसी स्थिति भविष्य को प्रभावित कर सकती है. यही कारण है कि अमेरिका में रहने वाले कई विदेशी कर्मचारियों के लिए अच्छी नौकरी होने के बावजूद भविष्य पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं होता. 

मंगेतर भी इसी परेशानी से गुजर रहीं
मधुर की मंगेतर भी भारत से हैं और उनकी वीजा स्थिति को लेकर भी इसी तरह की चिंता बनी हुई है. दोनों के सामने यह सवाल है कि अगर भविष्य में वीजा से जुड़ी कोई परेशानी आती है तो उनका अमेरिका में रहना और करियर कैसे जारी रहेगा. ऐसे में घर खरीदने जैसे बड़े निवेश को लेकर भी वे सावधानी बरत रहे हैं. आखिर अगर भविष्य में अमेरिका छोड़ना पड़ गया तो घर और दूसरी चीजों से जुड़े फैसले मुश्किल हो सकते हैं.

Advertisement

मधुर की कहानी अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की एक अलग तस्वीर सामने रखती है. सोशल मीडिया पर अक्सर अमेरिका में अच्छी सैलरी, बड़ी कंपनियों में नौकरी और बेहतर लाइफस्टाइल की तस्वीर दिखाई देती है. लेकिन इसके पीछे इमिग्रेशन की लंबी प्रक्रिया और अनिश्चितता भी हो सकती है. मधुर ने बताया कि अमेरिका में रहने का अनुभव उनके लिए अच्छा भी रहा है और चुनौतीपूर्ण भी. उन्होंने करियर में सफलता हासिल की, लेकिन परिवार से दूर रहने और लगातार वीजा की चिंता ने इमोशनल तौर पर उन्हें प्रभावित किया. 

अब आगे क्या करना चाहते हैं?
मधुर फिलहाल अमेरिका में स्थायी रहने का रास्ता तलाश रहे हैं. वह EB-1A वीजा के जरिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि उन्हें डर है कि इमिग्रेशन नियमों में अचानक होने वाला कोई बदलाव उनकी योजनाओं को प्रभावित कर सकता है.  उनकी कहानी यह दिखाती है कि विदेश में अच्छी नौकरी और कमाई होने के बावजूद हर किसी को भविष्य की स्थिरता आसानी से नहीं मिलती. खासकर उन भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए जो वर्क वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं, नौकरी, वीजा और भविष्य की योजनाएं एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं.

मधुर के लिए अमेरिका में रहना सिर्फ करियर बनाने की कहानी नहीं है. यह लगातार अनिश्चितता के बीच अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश भी है. उनका अनुभव यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या विदेश में अच्छी नौकरी मिल जाना ही एक सुरक्षित और स्थिर जिंदगी की गारंटी है?

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement