Samsaptak Yoga 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का एक-दूसरे के आमने-सामने होना 'समसप्तक योग' कहलाता है. जब दो ग्रह एक-दूसरे से सातवें भाव में होते हैं, तो वे एक-दूसरे पर अपनी 7वीं पूर्ण दृष्टि डालते हैं. आज कर्मफलदाता शनिदेव और भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक शुक्रदेव मिलकर इस समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं.
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शनि और शुक्र के बीच मित्र भाव तो माना जाता है, लेकिन दोनों के स्वाभाव और दृष्टि का प्रभाव विपरीत होता है. इस समसप्तक दृष्टि योग के कारण कुछ राशियों के जीवन में धन हानि, मानसिक तनाव और रिश्तों में खटास आ सकती है. आइए जानते हैं कि आज बन रहे इस समसप्तक योग के कारण किन 5 राशियों को सतर्क और सावधान रहने की ज़रूरत है:
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. परिवार के सदस्यों या भाई-बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है. कोई भी बड़ा वित्तीय या करियर से जुड़ा निर्णय जल्दबाजी में न लें, सोच-समझकर ही आगे बढ़ें.
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि वालों के लिए यह समसप्तक योग कार्यक्षेत्र और मानसिक शांति में खलल डाल सकता है. नौकरी या व्यापार में बनते काम अंतिम समय में अटक सकते हैं. सहकर्मियों या अधिकारियों से विवाद हो सकता है. अपनी वाणी पर संयम रखें और दफ्तर या बिजनेस में किसी भी तरह की बहस से दूर रहें.
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन पर असर डाल सकता है. जीवनसाथी के साथ बेवजह की गलतफहमियां या मतभेद बढ़ सकते हैं. मानसिक तनाव और सेहत से जुड़ी समस्याएं उभर सकती हैं. वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से काफी संभलकर चलने का है. अनचाहे खर्चे बढ़ सकते हैं और बजट बिगड़ सकता है. पैसों के लेन-देन में धोखे की आशंका है. किसी को बड़ा कर्ज या उधार न दें और किसी भी जोखिम भरे निवेश से बचें.
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के स्वामी शनिदेव हैं, लेकिन इस योग के कारण आपको सेहत और आर्थिक मोर्चे पर प्रतिकूल फल मिल सकते हैं. पुरानी बीमारी या शारीरिक थकान आपको परेशान कर सकती है. व्यावसायिक साझेदार (Partner) के साथ अनबन हो सकती है. स्वास्थ्य को लेकर ढिलाई न बरतें और बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता बनाए रखें.
नकारात्मक प्रभावों से बचाव के उपाय
- शनिवार को ऊं शं शनैश्चराय नमः और शुक्रवार को ऊं शुं शुक्राय नमः का जाप करें.
- हनुमान चालीसा का पाठ करने से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव दूर होते हैं.
- गरीबों या जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द की दाल, या सफेद वस्त्र और मिठाई का दान करें.