गुरुग्राम की साइबर सिटी. ऊंची-ऊंची इमारतें, करोड़ों की लग्जरी प्रॉपर्टीज और आधुनिक शहर होने के बड़े-बड़े दावे. लेकिन मूसलाधार बारिश के बाद सामने आईं कुछ तस्वीरें और वीडियो इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. कहीं नर्सरी के मासूम बच्चे डर के मारे रोते-बिलखते नजर आए. कहीं स्कूल वैन पानी में फंसी है.
दरअसल, सोमवार को दिल्ली-NCR में तेज बारिश हुई. इसके बाद गुरुग्राम के कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला. सड़कों पर इतना पानी भर गया कि कई जगह गाड़ियां फंस गईं और लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा.
इसी बारिश के दौरान गुरुग्राम से नर्सरी के बच्चों को लेकर निकली एक स्कूल वैन शीतला माता मंदिर के पास पानी में फंस गई. बताया जा रहा है कि वैन चालक करीब डेढ़ बजे बच्चों को लेकर स्कूल से निकला था, लेकिन सड़क पर भरे पानी के बीच वैन बंद हो गई.
इसके बाद ड्राइवर ने एक-एक कर बच्चों को वैन से बाहर निकाला और पास की एक प्रसाद की दुकान में बैठाया. लेकिन बाहर चारों तरफ भरा पानी और लगातार बारिश का नजारा देखकर मासूम बच्चों में डर बैठ गया. कुछ ही देर में कई बच्चे रोने और बिलखने लगे.
देखें वीडियो
ड्राइवर ने बच्चों के परिजनों को फोन कर वैन खराब होने की जानकारी दी और बच्चों को लेने आने के लिए कहा. लेकिन शीतला माता मंदिर और आसपास के इलाकों में इतना ज्यादा पानी भरा था कि परिजनों को बच्चों तक पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लग गए.
इस दौरान मासूम बच्चे दुकान में बैठे अपने परिवार वालों का इंतजार करते रहे. कोई डर के मारे रो रहा था तो कोई बिलख रहा था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है.
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि तस्वीरों में रोते-बिलखते ये मासूम सिर्फ अपने परिजनों का इंतजार नहीं कर रहे थे, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे थे, जिसके तहत बेहतर शहर और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दावे किए जाते हैं.
300 करोड़ के DLF इलाके तक पहुंचने के लिए लेना पड़ा बाइक का सहारा
बारिश और जलभराव की एक और तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा. ट्रेडर और यूट्यूबर मानस अरोड़ा ने X पर बताया कि मूसलाधार बारिश के बीच एक बाइक राइडर ने उनकी मदद की और उन्हें उनके DLF इलाके तक पहुंचाया.मानस अरोड़ा के मुताबिक, जलभराव इतना ज्यादा था कि उन्हें अपनी कार रास्ते में ही छोड़नी पड़ी. इसके बाद वह बाइक पर बैठकर भरे हुए पानी के बीच से अपने इलाके तक पहुंचे.
उन्होंने अपने पोस्ट में इलाके को 300 करोड़ रुपये वाला DLF पड़ोस बताया. उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोग गुरुग्राम के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाने लगे.
मानस अरोड़ा की शेयर की गई तस्वीर में वह पानी में डूबी सड़क पर अपनी कार के पास खड़े दिखाई देते हैं. वहीं, एक वीडियो में वह बाइक सवार के पीछे बैठे नजर आते हैं. बाइक सवार भरे हुए पानी के बीच से सावधानी के साथ उन्हें उनके इलाके तक पहुंचाता दिखता है.
करोड़ों के फ्लैट, लेकिन बारिश आते ही डूब जाती हैं सड़कें
मिलेनियम सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम में बड़ी-बड़ी कॉर्पोरेट इमारतें और करोड़ों रुपये की लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं. लेकिन बारिश आते ही शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ जाती है.
सोमवार की बारिश के बाद भी सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें सड़कें पानी में डूबी दिखीं और वाहन जलभराव में फंसे नजर आए.
यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जिस शहर को देश की साइबर सिटी और मिलेनियम सिटी कहा जाता है, वहां हर तेज बारिश के बाद हालात ऐसे क्यों हो जाते हैं कि नन्हे बच्चों को घंटों मदद का इंतजार करना पड़े.आखिर साइबर सिटी की सड़कें बारिश के पानी से कब तक हारती रहेंगी.