गुरुग्राम में हुई तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं है. सड़कें पानी से भर गईं. जगह-जगह कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. कुछ लोगों को घर पहुंचने में 4 से 5 घंटे तक लग गए. लेकिन इसी अफरातफरी और परेशानी के बीच एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया. एक मार्केटिंग प्रोफेशनल ने अपनी आंखों से देखा कि कैसे मुश्किल हालात में कुछ अनजान लोग दूसरों की मदद के लिए आगे आए. खासकर एक रैपिडो ड्राइवर की ईमानदारी और जिम्मेदारी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने पूरी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. अब यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है.
मार्केटिंग प्रोफेशनल मंदाकिनी सिंह ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव शेयर किया. उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर की दूरी सिर्फ 6 किलोमीटर थी. आम दिनों में यह सफर कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है. लेकिन तेज बारिश और भारी ट्रैफिक की वजह से उन्हें घर पहुंचने में 4 घंटे 32 मिनट लग गए. उन्होंने लिखा कि यह सफर किसी वीडियो गेम जैसा लग रहा था, जहां हर कुछ मिनट बाद एक नई चुनौती सामने आ रही थी. कभी सड़क पर पानी भर जाता, कभी गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती और कभी रास्ता पूरी तरह बंद मिल जाता.
बारिश के बीच इंसानियत की कई तस्वीरें दिखीं
मंदाकिनी ने बताया कि इस पूरे सफर में उन्हें सिर्फ परेशानी ही नहीं दिखी, बल्कि इंसानियत की कई खूबसूरत मिसालें भी देखने को मिलीं. ऑफिस से करीब 600 मीटर दूर एक महिला अपनी छोटी बेटी के साथ सड़क किनारे खड़ी थी. वह बारिश और जाम में फंसे लोगों को मुफ्त में चाय और बन दे रही थी. कई लोग घंटों से भूखे और थके हुए थे. ऐसे में यह छोटी-सी मदद उनके लिए किसी राहत से कम नहीं थी. इतना ही नहीं, कई बाइक और स्कूटर सवार ऐसे लोगों की मदद कर रहे थे, जिन्हें पानी से भरी सड़क पार करने में परेशानी हो रही थी. कोई किसी को हाथ पकड़कर निकाल रहा था तो कोई सामान उठाने में मदद कर रहा था.
मंदाकिनी ने लिखा कि चारों तरफ अलग-अलग नजारे देखने को मिल रहे थे. कहीं लोग हरियाणवी, भोजपुरी और पंजाबी गाने सुनकर खुद को शांत रखने की कोशिश कर रहे थे. वहीं कई लोग अपने परिवार वालों को फोन कर बता रहे थे कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन ट्रैफिक की वजह से देर से घर पहुंचेंगे. हर किसी के चेहरे पर थकान और चिंता जरूर थी, लेकिन लोगों के भीतर एक-दूसरे की मदद करने का जज्बा भी साफ दिखाई दे रहा था.
मैडम, प्लीज राइड कैंसल मत करना
इस पूरे सफर का सबसे भावुक पल तब आया, जब उनकी रैपिडो बाइक राइड बुक हुई. ऐप के मुताबिक ड्राइवर को उनके पास पहुंचने में करीब 42 मिनट लगने वाले थे. आमतौर पर इतनी देर देखकर ज्यादातर लोग राइड कैंसल कर देते हैं. लेकिन ड्राइवर ने खुद फोन किया और कहा- मैडम, प्लीज राइड कैंसल मत करना. मैं आ रहा हूं. भारी बारिश, पानी से भरी सड़कें और कई किलोमीटर लंबे जाम के बावजूद वह ड्राइवर आखिरकार उनके पास पहुंचा और उन्हें सुरक्षित घर छोड़कर आया.
रास्ते में ड्राइवर ने अपनी मां से फोन पर बात की. उसने बताया कि शायद वह उस रात घर नहीं लौट पाएगा, क्योंकि इतनी बारिश में वापस लौटते समय सवारी मिलने की संभावना बहुत कम है. इसके बावजूद उसने अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का फैसला किया और यात्री को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाया. यही बात मंदाकिनी के दिल को छू गई. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में ऐसे लोग भरोसा जिंदा रखते हैं.
मंदाकिनी की पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई. हजारों लोगों ने रैपिडो ड्राइवर और दूसरे मददगार लोगों की तारीफ की. कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे लोग ही समाज में इंसानियत की उम्मीद जिंदा रखते हैं. कुछ लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या मुश्किल हालात में सरकार और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों का सहयोग भी बहुत जरूरी होता है. छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है.
छोटी-सी मदद ने जीत लिया लोगों का दिल
गुरुग्राम की यह घटना सिर्फ बारिश और ट्रैफिक जाम की कहानी नहीं है. यह बताती है कि मुश्किल वक्त में इंसानियत सबसे बड़ी ताकत होती है. एक कप चाय, किसी अनजान व्यक्ति की मदद या फिर सिर्फ इतना कहना कि मैडम, राइड कैंसल मत करना. मैं आ रहा हूं. किसी का पूरा दिन बदल सकता है.