scorecardresearch
 

एयर होस्टेस ने बताई वो अनकही बातें- जब अजनबियों के साथ करना होता है काम

एयर होस्टेस की जॉब हमें काफी ग्लैमरस और चमक-धमक वाली लगती है. लेकिन, इसके पीछे की सच्चाई कुछ और ही है. क्योंकि, यह काम भी कई बार रातों की नींद और सुकून को छीन लेता है.

Advertisement
X
एयर होस्टेस के ग्लैमरस जॉब के पीछे की ये है सच्चाई (Photo - AI Generated)
एयर होस्टेस के ग्लैमरस जॉब के पीछे की ये है सच्चाई (Photo - AI Generated)

दूसरों का काम हमेशा से हमें अच्छा लगता है. खासकर कुछ ऐसे जॉब हैं, जो हमेशा से दूसरे सेक्टर में काम करने वाले लोगों को लुभाते आए हैं. इनमें से ही एक है हजारों फीट की ऊंचाई पर काम करने वाले फ्लाइट अटेंडेंट और एयर होस्टेस. हमेशा से एयर होस्टेस का काम ग्लैमर और चकाचौंध वाला लगता है. लेकिन, एक पूर्व एयर होस्टेस ने इस जॉब से जुड़ी कुछ ऐसी अनकही बातें बताई, जिसके बारे में जरूर जानना चाहिए. 

 बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 10 साल तक यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस, किया , जो अब बंद हो चुकी है. उसमें फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में काम करने वाली एक महिला ने अपने अनुभव शेयर करते हुए एयर होस्टेस के काम से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां दी. उन्होंने बताया कि जो चीजें लोगों को दूर हमारे काम को देखने के बाद अट्रैक्ट करती हैं, नजदीक से इसे समझने पर पता चलता है कि एक एयर होस्टेस को किन-किन चुनौतियों से गुजरना पड़ता है.  

पूर्व एयर होस्टेस ने बताया कि जब मैं यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस में काम करती थी. तब मैं यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के अलग- अलग डेस्टिनेशन के लिए 12 घंटे तक की उड़ानें भरती थी. इस नौकरी ने मुझे प्रोफेशन हवाई यात्रा के पर्दे के पीछे होने वाली लगभग हर चीज को देखने और समझने का अवसर दिया.

Advertisement

जब यात्री किचन या गैलरी में मेरे क्रू के सदस्यों को एक साथ हंसते हुए देखते थे, तो वे अक्सर यह मान लेते थे कि हम एक-दूसरे को सालों से जानते हैं. लेकिन सच्चाई इससे बहुत अलग होती है. अक्सर ऐसा होता था कि मैं जब प्लेन में घुसती थी, तो पता चलता था कि पायलट सहित सभी क्रू मेंबर बदल चुके हैं. मुझे एकदम नए लोगों के साथ आज काम करना होगा, जिन्हें मैं जानती तक नहीं. 

जब मैंने शुरुआत की, तो यह बात मुझे थोड़ी परेशान करने लगी. हर दिन एक ऐसे टीम के साथ काम करना जिसे मैं जानती तक नहीं थी. क्योंकि, अक्सर जिस भी फ्लाइट में ड्यूटी होती, उसके क्रू मेंबर बदल जाते थे. आपको एक ऐसे टीम के साथ काम करना पड़ता है, जिसमें कोई किसी को पहले से नहीं जानता है. कभी- कभी ही कोई एक या दो बंदा जाना- पहचाना मिल पाता था. 

उन्होंने बताया कि जब मेरा प्रमोशन हुआ और मैं सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट बन गई. तब  35,000 फीट की ऊंचाई पर 10 मिनट से भी कम समय में बिल्कुल अजनबी लोगों को एक कुशल और स्मूदली काम करने वाले ग्रुप में बदलना, मेरा एक सुपरपावर बन गया.

कई लोग मानते हैं कि फ्लाइट अटेंडेंट लगातार पार्टी करते हैं या नए शहरों की सैर करते हुए रातें बिताते हैं. असल में, मैं जेट लैग से जूझती रहती थी. कभी-कभी मुझे अगले दिन की लंबी उड़ान के लिए तैयार होने से पहले सिर्फ खाने, नहाने और सोने का ही समय मिलता था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'मैं 6 फुट 10 इंच की हूं...', महिला बोली- लोग मुझसे पूछते हैं एक ही अजीब सवाल

हर फ्लाइट से पहले एक अलिखित रूप-रंग की जांच होती थी. ताकि यह कन्फर्म किया जा सके कि मैं एयरलाइन के सख्त बाल, मेकअप और ड्रेस के स्टैंडर्ड को पूरा करती हूं या नहीं. यह एक चुनौती थी जो मानसिक तौर पर आपको खुद के रूप-रंग को लेकर स्ट्रेस में डाल देती है.

उदाहरण के लिए, मुझे अपनी त्वचा को साफ-सुथरा रखना, नाखूनों को मैनीक्योर किया हुआ, छरहरी काया और साफ-सुथरा जूड़ा बनाए रखना पड़ता था. ऐसे दबाव को कम करने के लिए ही मैंने आखिरकार, मैंने अपने बालों को बॉब कट में कटवा लिया. ताकि उन्हें स्टाइल करना आसान हो जाए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement