स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चों का टॉयलेट जाना एक सामान्य बात है. लेकिन चीन के एक स्कूल ने इसे लेकर ऐसा नियम बना दिया कि मामला चर्चा में आ गया. यहां छात्रों को क्लास के दौरान पूरे टर्म में सिर्फ एक बार टॉयलेट जाने की इजाजत दी गई. अगर कोई छात्र दूसरी बार टॉयलेट जाने की जरूरत बताता है तो उसके माता-पिता को स्कूल बुलाया जाएगा. वहीं, तीसरी बार ऐसा होने पर छात्र को सजा देने की बात कही गई है.इस नियम की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठाए. मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय शिक्षा विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है.
कहां का है पूरा मामला?
एससीएमपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत के रुइयुआन काउंटी हाई स्कूल का बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के आखिर में स्कूल की एक इंटरनल मीटिंग हुई थी. इसी बैठक में स्कूल के प्रबंधन से जुड़े नियमों को एक प्रेजेंटेशन के जरिए बताया गया. इसी प्रेजेंटेशन में क्लास के दौरान टॉयलेट जाने को लेकर यह नियम भी शामिल था. नियम के मुताबिक, किसी छात्र को पूरे एकेडमिक ईयर के दौरान क्लास के समय सिर्फ एक बार टॉयलेट जाने की अनुमति होगी और वह भी इमरजेंसी कंडीशन में. दूसरी बार टॉयलेट जाना पड़ा तो क्या होगा?
स्कूल के इस नियम के अनुसार, अगर किसी छात्र को एक बार के बाद दोबारा क्लास के बीच टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ती है तो मामला सीधे उसके माता-पिता तक पहुंच जाएगा. दूसरी बार टॉयलेट जाने पर छात्र के माता-पिता को स्कूल बुलाकर बच्चे की पढ़ाई और बिहेवियर को लेकर बातचीत करने की बात कही गई है. यानी छात्र को खुद फैसला लेने के बजाय अभिभावकों को स्कूल आकर प्रशासन से बात करनी होगी.
तीसरी बार पर सजा का नियम
मामले में सबसे ज्यादा हैरानी तीसरी बार टॉयलेट जाने के नियम को लेकर है. स्कूल की ओर से बताए गए नियम में कहा गया है कि अगर कोई छात्र तीसरी बार क्लास के दौरान टॉयलेट जाता है तो उसे सजा का सामना करना पड़ेगा.हालांकि, सामने आए प्रेजेंटेशन में यह साफ नहीं किया गया कि तीसरी बार टॉयलेट जाने पर छात्र को किस तरह की सजा दी जाएगी.
स्कूल ने क्यों बनाया ऐसा नियम?
स्कूल का कहना है कि इस तरह के नियम का मकसद क्लास में अनुशासन बनाए रखना है. स्कूल प्रशासन के मुताबिक, पढ़ाई के दौरान बार-बार छात्रों के बाहर जाने से क्लास में परेशानी हो सकती है और पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो सकता है. हालांकि, छात्रों को पूरे टर्म में सिर्फ एक बार टॉयलेट जाने की अनुमति देने का नियम लोगों को काफी सख्त लगा. खासकर इसलिए क्योंकि हर बच्चे की जरूरत एक जैसी नहीं होती. किसी छात्र को अचानक टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ सकती है और ऐसी स्थिति को पहले से तय संख्या में बांधना मुश्किल है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी
जैसे ही स्कूल का यह नियम सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी. कई लोगों ने सवाल उठाया कि बच्चों की सामान्य जरूरत को इस तरह सीमित करना कितना सही है. एक ऑनलाइन यूजर ने तो यहां तक कहा कि स्कूल जेल नहीं है और छात्रों को इतनी भी आजादी मिलनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर वे टॉयलेट जा सके. इस मामले में बढ़ते विवाद के बीच स्थानीय शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है.फिलहाल यह मामला चीन में स्कूलों के सख्त अनुशासन और बच्चों की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच संतुलन को लेकर चर्चा में है. जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि स्कूल का यह नियम आगे भी लागू रहेगा या इसमें बदलाव किया जाएगा.