बेटी के जन्म के साथ ही माता-पिता उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सेविंग्स शुरू करने की सोचने लगते हैं. चिंता रहती है कि आगे उसकी हायर एजुकेशन हो या शादी, उस वक्त पैसों की कमी न पड़े. इसी जरूरत को ध्यान में रखकर सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) शुरू की गई है. इसमें छोटी-छोटी रकम लंबे समय तक जमा करके बेटी के नाम अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है.
इस योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपकी बेटी पैदा होने से लेकर 10 साल की उम्र तक अकाउंट खोला जा सकता है. यह योजना तब मैच्योर होती है, जब आपकी बेटी की उम्र हायर एजुकेशन शुरू करने या शादी की होती है. इसमें जमा रकम की सीमा भी न्यूनतम ₹250 से शुरू होकर अधिकतम ₹1.50 सालाना तक है. यानी गरीब, मध्यम वर्क और अमीर सभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. हम आपको इस योजना में 1500 मंथली इंवेस्टमेंट पर मैच्योर होने के बाद कितना फंड बनेगा इसका कैलकुलेशन बता रहे हैं...
हर महीने ₹1,500 जमा करने पर कितना बनेगा?
अगर सुकन्या समृद्धि योजना में हर महीने ₹1,500 जमा किए जाएं, तो सालाना इंवेस्टमेंट ₹18,000 होगा. 15 साल तक इसी तरह पैसा जमा करने पर आपकी जेब से कुल ₹2.70 लाख जाएंगे.
मौजूदा 8.2% सालाना इंटरेस्ट रेट के हिसाब से इस इंवेस्टमेंट पर करीब ₹5,61,917 इंटरेस्ट मिल सकता है. इस तरह मैच्योरिटी पर कुल फंड करीब ₹8,31,917 हो सकता है.
यानी करीब ₹2.70 लाख के कुल इंवेस्टमेंट से लगभग ₹8.32 लाख का फंड तैयार हो सकता है. हालांकि, यह कैलकुलेशन मौजूदा इंटरेस्ट रेट के आधार पर है और इसमें बदलाव होने पर अंतिम रकम भी बदल सकती है.
15 साल पैसा जमा, 21 साल में मैच्योरिटी
सुकन्या समृद्धि योजना की एक खास बात इसका लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट स्ट्रक्चर है. इसमें अकाउंट खुलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 साल में मैच्योर होता है. इसका मतलब यह हुआ कि 15 साल तक पैसे जमा करने के बाद अगले 6 साल तक आपको नई रकम डालने की जरूरत नहीं होती. इसके बावजूद अकाउंट में जमा रकम पर इंटरेस्ट मिलता रहता है. लॉन्ग टर्म का यही फायदा कंपाउंडिंग के जरिए फंड को बढ़ाने में मदद करता है.
हर महीने जमा तारीख भी रखती है मायने
इस योजना में हर महीने ₹1,500 जमा करने के तरीके से भी मिलने वाली रकम पर असर पड़ सकता है. अगर मंथली ईएमआई हर महीने की 5 तारीख से पहले जमा की जाती है, तो ऊपर दिया गया कैलकुलेशन लागू होता है. वहीं अगर आप पूरे साल की ₹18,000 की रकम अप्रैल में एक साथ जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर रकम करीब ₹8.61 लाख तक पहुंच सकती है. यानी निवेश की रकम वही रहने के बावजूद पैसे जमा करने का समय बदलने से आखिर में मिलने वाली रकम में अंतर आ सकता है.
बेटी के फ्यूचर के लिए काम की है स्कीम
सुकन्या समृद्धि योजना को खास तौर पर बेटियों के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसका इस्तेमाल आगे चलकर बेटी की पढ़ाई, हायर एजुकेशन या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए फंड तैयार करने में किया जा सकता है. योजना को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत लाया गया था. इसमें लंबे समय तक निवेश करने का मौका मिलता है, जिससे माता-पिता बेटी के जन्म के समय से ही उसके भविष्य के लिए धीरे-धीरे फंड तैयार कर सकते हैं.