'एक ही इंसान... लेकिन दो अलग-अलग जिंदगी.' सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की शुरुआत इसी सोच से होती है. वीडियो बिहार के रहने वाले अरहम इश्तेयाक का है, जो फिलहाल अमेरिका में रहते हैं. उन्होंने अपनी जिंदगी की तुलना करते हुए बताया कि बिहार में लोग उनके आईफोन, अच्छी नौकरी और घूमने-फिरने को बड़ी उपलब्धि मानते हैं, लेकिन अमेरिका में यह सब एक औसत नौकरी करने वाले व्यक्ति की सामान्य जिंदगी का हिस्सा है.
अरहम ने वीडियो के साथ लिखा कि एवरेज लाइफ इन बिहार वर्सेस एवरेज लाइफ इन द यूएसए. सेम पर्सन... कम्प्लीटली डिफरेंट रियलिटी. उनका कहना है कि भारत में जब भी वह घर जाते हैं, लोग अक्सर पूछते हैं कि इतनी यात्रा कैसे कर लेते हैं, नया आईफोन कैसे खरीद लेते हैं और इतनी अच्छी नौकरी कैसे मिल गई.
हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद भारत को कमतर दिखाना नहीं था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ दोनों देशों में एक आम व्यक्ति की जीवनशैली के अंतर को दिखाना चाहते थे.
आखिर ऐसा क्यों कहा?
अरहम ने बताया कि अमेरिका में एक सामान्य नौकरी करने वाले व्यक्ति को भी बेहतर सड़कें, सार्वजनिक सुविधाएं, स्थिर आय और बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाता है. वहीं भारत में आबादी, संसाधनों का असमान वितरण और आर्थिक असमानता जैसी वजहों से हर किसी तक समान सुविधाएं नहीं पहुंच पातीं.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और यहां अपार संभावनाएं हैं. उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा अंतर लोगों की प्रतिभा नहीं, बल्कि सिस्टम और बुनियादी सुविधाओं का है.
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सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर अलग-अलग राय दी.एक यूजर ने लिखा कि भाई, आगे बढ़ते रहो. तुम्हारी मेहनत रंग लाई है. दूसरे ने पूछा कि आखिर अमेरिका कैसे पहुंचे? वहां नौकरी कैसे मिली?
वहीं कुछ लोगों ने अरहम की बात से सहमति जताते हुए कहा कि अमेरिका में औसत आय और सार्वजनिक सुविधाएं कई मामलों में बेहतर हैं. हालांकि कुछ यूजर्स ने यह भी लिखा कि भारत की तुलना सिर्फ बिहार से करना सही तस्वीर पेश नहीं करता, क्योंकि देश के अलग-अलग राज्यों में जीवन स्तर काफी अलग है.
वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भारत और अमेरिका की औसत जीवनशैली, कमाई, इन्फ्रास्ट्रक्चर और अवसरों को लेकर नई बहस छिड़ गई है.