बांग्लादेशी वायुसेना (BAF) पुराने F-7 फाइटर (मिग-21 का चीनी वर्जन) को बदलने के लिए लंबे समय से आधुनिक विमान की तलाश कर रही थी. अब चीन के J-10CE को 24 विमानों का सौदा अगस्त 2026 में फाइनल होने की उम्मीद है. प्रत्येक विमान की कीमत करीब 40 मिलियन डॉलर होगी. Photo: Getty
यह सौदा बांग्लादेश के लिए अपनी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने का बड़ा मौका है. इससे पहले दिसंबर में इटली के यूरोफाइटर के लिए लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया गया था, लेकिन अब J-10CE पर फोकस है. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश दूसरा विदेशी देश होगा जो इस विमान का इस्तेमाल करेगा. Photo: AFP
J-10CE चीन की वायुसेना (PLAAF) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला फाइटर है. इसमें एडवांस्ड AESA रडार, आधुनिक एयर-टू-एयर और एयर-टू-सरफेस हथियार लगे हैं. इसकी अधिकतम गति मैक 1.8 है. कॉम्बैट रेंज 1000 किलोमीटर से ज्यादा है. Photo: Getty
पाकिस्तान ने मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में J-10CE का इस्तेमाल किया था और PL-15 मिसाइलें दागी थीं. भारतीय वायुसेना ने कई पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराए थे. बांग्लादेश को भी यही उन्नत हथियार मिलेंगे, जो पुरानी पीढ़ी के विमानों से कहीं बेहतर हैं. कीमत के हिसाब से यह पश्चिमी फाइटरों से सस्ता और प्रभावी विकल्प है. Photo: Getty
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार चीन के हथियार निर्यात में काफी कमी आई है. ऐसे में बांग्लादेश के साथ यह सौदा चीन के लिए महत्वपूर्ण है. चीन के 80 प्रतिशत हथियार एशिया जाते हैं, जिनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार सबसे बड़े खरीदार हैं. Photo: Getty
बांग्लादेश पहले से ही ज्यादातर सैन्य उपकरण, टैंक, एयर डिफेंस और आर्टिलरी चीन से ही लेता है. बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत चीन ने बांग्लादेश में भारी निवेश किया है. इस सौदे से चीन की रक्षा निर्यात संख्या थोड़ी सुधरेगी. चीन ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ नेटवर्क बनाया है. दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग तेजी से बढ़ रहा है. Photo: Getty
बांग्लादेश की वायुसेना और थल सेना में चीनी उपकरणों की संख्या पहले से ही ज्यादा है. यह गठजोड़ भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर चीन समर्थित ताकतें मजबूत हो रही हैं. भारत को इस रिश्ते पर नजर रखनी होगी. Photo: Getty
बांग्लादेश का यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को बदल सकता है. J-10CE के PL-15 जैसे लंबी दूरी के मिसाइलों से बांग्लादेशी वायुसेना की पहुंच बढ़ेगी. भारत को अपनी पूर्वी सीमा पर सतर्क रहना होगा. भारत खुद AMCA और तेजस Mk-2 जैसे कार्यक्रम चला रहा है. पड़ोसी देशों में चीनी हथियारों की बढ़ती मौजूदगी भारत को अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमता तेजी से मजबूत करने का संकेत देती है. Photo: Getty
बांग्लादेश का J-10CE सौदा न सिर्फ उसकी वायुसेना को आधुनिक बनाएगा बल्कि चीन की क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की रणनीति को भी मजबूती देगा. पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश का इसमें शामिल होना चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश त्रिकोण को और मजबूत करेगा. Photo: ITG