Historical Cities In India: भारत में घूमने के लिए ऐसी कई जगहें हैं, जहां खूबसूरत नजारों के साथ आपको देश के पुराने इतिहास और संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है. कुछ शहरों की गलियों में आज भी पुरानी हवेलियां और ऐतिहासिक इमारतें नजर आती हैं तो कहीं पुराने बाजार, शाही महल और सालों पुरानी परंपराएं उस दौर की याद दिलाती हैं. इन जगहों पर घूमते हुए आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप इतिहास के किसी पुराने दौर में पहुंच गए हों.
अगर आपको भी पुराने शहरों की गलियों में घूमना, वहां की विरासत को देखना और स्थानीय संस्कृति को करीब से महसूस करना पसंद है तो देश की ये 7 जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकती हैं. यहां आपको जयपुर की गुलाबी इमारतों से लेकर जोधपुर के नीले घर और पुडुचेरी की फ्रेंच वास्तुकला तक देखने को मिलेगी.
जयपुर (राजस्थान)
जयपुर को 1727 में बसाया गया था और इसे भारत के शुरुआती व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है. शहर की पुरानी दीवारें और गुलाबी रंग की इमारतें आज भी इसकी खास पहचान हैं. यहां आप पुरानी गलियों और बाजारों में घूम सकते हैं.
जौहरी बाजार में आपको खूबसूरत ज्वेलरी की दुकानें मिलेंगी, जबकि बापू बाजार कपड़ों और दूसरे सामान के लिए जाना जाता है. पुरानी हवेलियों को देखना, सड़क किनारे चाय पीना और बाजार की चहल-पहल देखना यहां के पुराने अंदाज को महसूस करने का अच्छा तरीका है.
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
लखनऊ को नवाबी संस्कृति, तहजीब, संगीत और स्वादिष्ट खाने के लिए जाना जाता है. यहां के पुराने बाजार और संकरी गलियां आज भी शहर के पुराने दौर की याद दिलाती हैं.
आप चौक की गलियों में घूम सकते हैं और बड़ा इमामबाड़ा देख सकते हैं. इसके बाद अमीनाबाद जाकर लखनऊ के मशहूर कबाब और दूसरे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं. यहां की खास ‘तहजीब’ यानी लोगों के बात करने का शालीन और विनम्र अंदाज भी इस शहर की पहचान है.
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
कोलकाता कभी ब्रिटिश भारत की राजधानी हुआ करता था. यही वजह है कि शहर के कई हिस्सों में आज भी औपनिवेशिक दौर की इमारतें और पुरानी गलियां देखने को मिलती हैं.
आप बीबीडी बाग और नॉर्थ कोलकाता की सैर कर सकते हैं, जहां पुरानी हवेलियों के साथ भव्य औपनिवेशिक इमारतें नजर आती हैं. कॉलेज स्ट्रीट की किताबों की दुकानों पर घूमना और किसी पुराने कॉफी हाउस में चाय पीना भी यहां का अलग अनुभव है. कोलकाता की हेरिटेज ट्राम भी शहर के पुराने दौर की याद दिलाती है.
जोधपुर (राजस्थान)
जोधपुर को ‘ब्लू सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है. 1459 में मारवाड़ साम्राज्य की राजधानी के रूप में स्थापित इस शहर की पुरानी गलियों में आज भी नीले रंग के घरों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं.
शहर के ऊपर बना मेहरानगढ़ किला इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. आप सरदार मार्केट और क्लॉक टावर के आसपास की गलियों में घूम सकते हैं, स्थानीय खाना खा सकते हैं और मसालों की खरीदारी कर सकते हैं. नीले रंग से रंगे घर इस शहर को किसी कहानी की किताब जैसा लुक देते हैं.
मैसूर (कर्नाटक)
मैसूर पर कभी वाडियार राजवंश का शासन था और शहर में आज भी इसकी शाही विरासत की झलक देखने को मिलती है. यहां का मैसूर पैलेस घूमने के साथ-साथ आप शहर की चौड़ी और पेड़ों से घिरी सड़कों पर भी सैर कर सकते हैं.
देवराजा मार्केट भी घूमने लायक जगह है. यहां फूलों, अगरबत्ती और चंदन की खुशबू के बीच आपको पुराने शहर का माहौल महसूस होगा. शहर की शांत और खुली सड़कें भी इसके पुराने अंदाज को बनाए हुए हैं.
अमृतसर (पंजाब)
अमृतसर सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और इसकी स्थापना 1577 में हुई थी. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण स्वर्ण मंदिर है. मंदिर परिसर में दर्शन करने के साथ आप यहां की लंगर सेवा का हिस्सा भी बन सकते हैं.
शहर के पुराने बाजारों और गलियों में घूमते हुए आपको यहां की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी. अमृतसर की खासियत यह है कि यहां धार्मिक विरासत के साथ बाजारों और स्थानीय खान-पान का भी अपना अलग रंग है.
पुडुचेरी
पुडुचेरी करीब तीन शताब्दियों तक फ्रांसीसी शासन के अधीन रहा है. इसी वजह से आज भी शहर के फ्रेंच क्वार्टर में उस दौर की वास्तुकला और माहौल देखने को मिलता है.
यहां पीले रंग की खूबसूरत इमारतें, बालकनी से लटकी बोगनवेलिया और शांत सड़कें आपको आकर्षित करेंगी. फ्रेंच क्वार्टर की गलियों में टहलने के बाद आप प्रोमेनेड का रुख कर सकते हैं. यहां फ्रेंच नाम वाली सड़कें और कैफे भी शहर को बाकी जगहों से अलग बनाते हैं.
इतिहास और विरासत के बीच बिताएं छुट्टियां
अगर आप इस लंबे वीकेंड पर ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां घूमने के साथ पुराने समय और संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिले, तो इन शहरों में से किसी एक का प्लान बना सकते हैं. इन जगहों की पुरानी गलियां, बाजार और ऐतिहासिक इमारतें आपको एक अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस दे सकती हैं.