Beautiful Deserts in India: भारत में जब भी रेगिस्तान की बात होती है तो सबसे पहले राजस्थान के सुनहरे रेत के टीले याद आते हैं. लेकिन देश में रेगिस्तान के कई ऐसे रूप भी हैं जो अपनी खूबसूरती और खासियत से हैरान कर देते हैं. कहीं दूर तक सफेद नमक की जमीन फैली है तो कहीं ऊंचे पहाड़ों के बीच ठंडा रेगिस्तान नजर आता है. कुछ जगहों पर रात में आसमान तारों से भरा दिखाई देता है तो कहीं धरती के पुराने इतिहास से जुड़े जीवाश्म देखने को मिलते हैं. अगर आप भीड़भाड़ वाली जगहों से हटकर कुछ अलग घूमना चाहते हैं तो भारत के इन 5 खूबसूरत रेगिस्तानी इलाकों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
थार रेगिस्तान और सम सैंड ड्यून्स (राजस्थान)
राजस्थान में फैला थार रेगिस्तान भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान है. यहां दूर-दूर तक फैले सुनहरे रेत के टीले और रंग-बिरंगी स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती है. जैसलमेर को थार रेगिस्तान का प्रमुख पर्यटन केंद्र माना जाता है. यहां ऐतिहासिक जैसलमेर किला, पीले बलुआ पत्थर से बने घर और पारंपरिक बाजार देखने लायक हैं.
जैसलमेर के सम सैंड ड्यून्स में आप सुनहरे रेत के टीलों के बीच ऊंट की सवारी कर सकते हैं. यहां सूर्यास्त का नजारा देखने और रेगिस्तान में कैंपिंग का अनुभव लेने के लिए भी पर्यटक पहुंचते हैं. घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय अच्छा माना जाता है.
लद्दाख में देखें तारों से भरा आसमान
लद्दाख का नुब्रा वैली और हुंदर इलाका अपने ठंडे रेगिस्तानी नजारों के लिए जाना जाता है. यहां ऊंचे पहाड़ों के बीच रेत के टीले दिखाई देते हैं और बैक्ट्रियन ऊंट की सवारी भी की जा सकती है. शहरों की रोशनी से दूर होने के कारण साफ रातों में आसमान में असंख्य तारे नजर आते हैं. यहां मिल्की वे यानी आकाशगंगा देखने का अनुभव भी खास हो सकता है. यहां घूमने के लिए मई से सितंबर का मौसम बेस्ट होता है.
कच्छ के रण में सफेद नमक की जमीन पर घूमें
गुजरात का ग्रेट रण ऑफ कच्छ अपनी सफेद नमक वाली जमीन के लिए मशहूर है. बारिश के बाद यहां का बड़ा हिस्सा सूखने पर सफेद नमक का मैदान नजर आता है. दिन में सूरज की रोशनी इस जमीन पर चमकती है, जबकि चांदनी रात में यह चांदी जैसी दिखाई देती है.
सर्दियों में यहां रण उत्सव का आयोजन होता है, जहां लोक संगीत, नृत्य, स्थानीय हस्तशिल्प और टेंट में ठहरने का अनुभव लिया जा सकता है. सूर्योदय के समय यहां का नजारा देखने लायक होता है. नवंबर से फरवरी यहां घूमने के लिए बेहतर होता है.
स्पीति घाटी में देखें ठंडे रेगिस्तान का नजारा
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी ऊंचे पहाड़ों, सूखी जमीन और कम वनस्पति वाले ठंडे रेगिस्तानी इलाके के लिए जानी जाती है. यहां के दूर-दराज के गांव, पुराने बौद्ध मठ और शांत वातावरण यात्रियों को आकर्षित करते हैं. स्पीति में की मठ और ताबो मठ जैसे ऐतिहासिक मठ देखे जा सकते हैं. साफ आसमान और कम रोशनी वाले इलाकों में रात के समय तारों को देखने का अनुभव भी खास हो सकता है. यहां आप मई से सितंबर में घूमने आ सकते हैं.
धोलावीरा में देखें करोड़ों साल पुराने जीवाश्म
गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित धोलावीरा अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. यहां के वुड फॉसिल पार्क में प्राचीन जीवाश्म देखने को मिलते हैं. ये जीवाश्म इस बात के संकेत देते हैं कि इस इलाके का भूगर्भीय इतिहास बेहद पुराना है और यहां कभी समुद्री जीवन मौजूद था.
धोलावीरा घूमने के दौरान आप सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े पुरातात्विक स्थल को भी देख सकते हैं. यहां की यात्रा प्राकृतिक नजारों के साथ इतिहास को करीब से जानने का मौका देती है. अक्टूबर से मार्च का मौसम यहां घूमने के लिए बेस्ट है.
इन बातों का रखें ध्यान
इन जगहों पर घूमने का अनुभव मौसम और ऊंचाई के हिसाब से अलग हो सकता है. लद्दाख और स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े साथ रखें और मौसम के अनुसार कपड़े अपने साथ रखें. कच्छ और धोलावीरा जाने से पहले स्थानीय मौसम और घूमने की जगहों की स्थिति की जानकारी ले लें. वहीं, ट्रेकिंग के लिए सही जूते, पर्याप्त पानी और जरूरी सामान साथ रखना न भूलें.