Mini Maldives of Rajasthan: जब भी राजस्थान का नाम आता है तो दिमाग में सबसे पहले रेगिस्तान, किले और तपती धूप की तस्वीर आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजस्थान में एक ऐसी जगह भी है जो बारिश के मौसम में बिल्कुल 'मालदीव' जैसी नजर आने लगती है. हम बात कर रहे हैं बांसवाड़ा की. हरियाली, पहाड़ों और खूबसूरत झीलों से घिरे इस शहर को 'राजस्थान का चेरापूंजी' और 'सौ द्वीपों का शहर' भी कहा जाता है.
अगर आप इस मानसून भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत और हरी-भरी जगह पर सुकून के पल बिताना चाहते हैं तो बांसवाड़ा से बेहतरीन ऑप्शन कोई और नहीं हो सकता.
क्यों खास है बांसवाड़ा?
बांसवाड़ा गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित है. यहां बहने वाली माही नदी, घने जंगल, झरने, बांध और हरियाली इसे राजस्थान के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग बनाते हैं. अगर आप मानसून में प्रकृति के बीच सुकून भरा समय बिताना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए बेहतरीन हो सकती है.
बांसवाड़ा किला
बांसवाड़ा का 16वीं शताब्दी का ऐतिहासिक किला यहां की पहचान है. इस किले से आसपास के खूबसूरत नजारों को देखा जा सकता है. इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह जगह खास है.
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर
बांसवाड़ा से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर राजस्थान के प्रमुख शक्ति स्थलों में से एक माना जाता है. मां पार्वती के स्वरूप देवी त्रिपुरा सुंदरी को समर्पित इस मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है.
ट्रेकिंग और कैंपिंग का लें मजा
अगर आपको एडवेंचर पसंद है तो बांसवाड़ा आपको निराश नहीं करेगा. यहां की पहाड़ियां और जंगल ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन हैं. कई ट्रेल्स ऐसे हैं, जहां से हरियाली और घाटियों का शानदार नजारा देखने को मिलता है.
प्रकृति के बीच कैंपिंग का अनुभव
बांसवाड़ा में कई खूबसूरत कैंपिंग साइट्स भी हैं. झीलों, झरनों और पहाड़ियों के बीच कैंपिंग का अनुभव आपकी यात्रा को यादगार बना सकता है. यहां आप बर्ड वॉचिंग, बोनफायर और रात में तारों से भरे आसमान का आनंद भी ले सकते हैं.
मानसून में क्यों जाएं बांसवाड़ा?
बारिश के मौसम में बांसवाड़ा पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है. झरने पूरे वेग से बहते हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम बेहद सुहावना हो जाता है. अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं तो इस मानसून बांसवाड़ा आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए.
बांसवाड़ा कैसे पहुंचें?