संघ लोक सेवा आयोग
संघ लोक सेवा आयोग, जिसे आमतौर पर UPSC के संक्षिप्त रूप में जाना जाता है, भारत सरकार के तहत सभी समूह 'ए' (Group A) अधिकारियों की भर्ती के लिए भारत की प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसी है (Union Public Service Commission ).
यह सभी केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों के सभी समूह 'ए' पदों के लिए नियुक्तियों और परीक्षाओं के लिए जिम्मेदार है, जिसमें सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां और सभी केंद्रीय स्वायत्त निकाय शामिल हैं. जबकि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग भारत में केंद्रीय कार्मिक एजेंसी है (Under Government of India).
एजेंसी का चार्टर भारत के संविधान(Constitution of India) के भाग XIV द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसका शीर्षक है संघ और राज्यों के तहत सेवाएं है.
देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.
इंजीनियर्स और डॉक्टर्स फ्लोचार्ट, डायग्राम और बुलेट पॉइंट्स में उत्तर देते हैं, जो एग्जामिनर को प्रभावित करता है. अनुज ने भी अपने मेन्स में 867 नंबर इसी सटीक रणनीति से हासिल किए होंगे. आर्ट्स के छात्रों को अब अपनी पारंपरिक लेखन शैली बदलनी होगी.
यूपीएससी रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर अजीब विवाद खड़ा हो गया. एक ही नाम- आकांक्षा सिंह- और एक ही रैंक 301 पर दो दावेदार सामने आ गईं. एक आरा से, दूसरी गाजीपुर से. दस्तावेजों और QR कोड की जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे पूरे मामले पर सवाल और गहरे हो गए.
देश में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े कोचिंग संस्थानों का एक बड़ा बाजार खड़ा हो चुका है. हजारों छात्र महंगी कोचिंग लेकर तैयारी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सफलता सभी को नहीं मिलती. ऐसे माहौल में एक छात्रा ने बिना किसी कोचिंग के UPSC परीक्षा पास कर मिसाल पेश की है.
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक को लेकर फैल रहे भ्रम पर स्पष्टीकरण जारी किया है. आयोग ने बताया कि इस रैंक पर केवल एक ही अभ्यर्थी चयनित हुई हैं. 301वीं रैंक पाने वाली अभ्यर्थी आकांक्षा सिंह हैं, जिनका अनुक्रमांक 0856794 है. उनके पिता रंजीत सिंह और माता नीलम सिंह हैं. वह गाजीपुर जिले के अभईपुर गांव की निवासी हैं. आयोग ने कहा कि यह जानकारी उसके आधिकारिक अभिलेखों से पूरी तरह मेल खाती है.
यूपीएससी की तैयारी एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें निरंतर मोटिवेशन और सही शेड्यूलिंग बेहद जरूरी होती है. सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि यूपीएससी करना क्यों जरूरी है क्योंकि यही कारण लम्बे समय तक मेहनत जारी रखने में मदद करता है.
UPSC की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है जिसमें समस्तीपुर के मोहीउद्दीन नगर निवासी अभिषेक चौहान ने सेल्फ स्टडी से 102वीं रैंक हासिल की है. इस शानदार उपलब्धि के कारण पूरे परिवार में खुशी का माहौल है.
मेरी इंटर्नशिप 2023 में पूरी हुई और उसी साल मैंने अपना पहला प्रयास दिया था. सौभाग्य से मुझे 2023 में डेनिक्स में नियुक्ति मिल गई जो सेम पेपर आयोजित करता है. वर्तमान में मेरी प्रोबेशन डेनिक्स में जारी है। तीसरे प्रयास में मुझे UPSC 2025 में पहली रैंक हासिल हुई है. यह सफर समर्पण और मेहनत का परिणाम है.
पंजाब के मोहाली की निवासी आकृति ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने बताया कि भविष्य में वह बच्चों और महिलाओं के विकास के क्षेत्र में कार्य करना चाहती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना उनका मुख्य लक्ष्य है. आजतक से आकृति ने अपनी सक्सेस स्टोरी शेयर की. देखें वीडियो.
यूपीएससी की तैयारी एक लंबी प्रक्रिया होती है जिसके लिए सबसे पहले दिमाग में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि हमें यूपीएससी क्यों करना है. यह मोटिवेशन लम्बे समय तक आपकी मेहनत और समर्पण को बनाए रखता है. जब आपको अपनी मंजिल की जानकारी होगी तो आप हर दिन मेहनत करने के लिए प्रेरित रहेंगे. इसके साथ ही, सही शेड्यूलिंग भी बहुत महत्वपूर्ण है जिसमें यह तय किया जाता है कि किस विषय या टॉपिक को कब और कितनी प्राथमिकता देनी है.
जब मैं अपनी पहली कॉम्पिटिटिव परीक्षा की तैयारी कर रहा था, तो मैंने हमेशा डिसिप्लिन को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया. मेरी मेहनत और फोकस का सबसे बड़ा हिस्सा मेरे दिनचर्या को सही तरीके से लागू करने पर था. मैंने एक निश्चित समय पर उठने और पढ़ाई शुरू करने की आदत बनाई, जिससे मेरी बुनियादी समझ मजबूत हुई और मेरा आत्मविश्वास बढ़ा.
यूपीएससी टॉपर्स में 39 तो ऐसे उम्मीदवार हैं, जो पहले भी यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुके हैं.
UPSC Topper Anuj Agnihotri: यूपीएससी सिविल सर्विसेज के टॉपर अनुज अग्निहोत्री इससे पहले Danics में थे. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये है क्या?
UPSC CSE 2025 final result: हरियाणा के पंचकूला के एकांश ढुल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट में देश भर में AIR 3 हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है. अपनी मेहनत और अटूट लगन के दम पर एकांश ने लगातार तीसरी बार परीक्षा पास कर यह मुकाम हासिल किया है.
अनुज अग्निहोत्री UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के टॉपर हैं. वे राजस्थान के रहने वाले हैं. उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया और पूरे देश में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए.
यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है. इससे पहले आयोग की ओर से आईएएस, आईपीएस के कैडर अलोकेशन पॉलिसी में भी बदलाव किया गया था.
UPSC CSE और IFS 2026 नोटिफिकेशन में कई spelling mistakes सामने आईं. Examination तक गलत लिखा गया, सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों ने उठाए सवाल.
UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा के नियमों में कई बदलाव किए हैं. इस बार कई बार परीक्षा देने को लेकर बदलाव किए गए हैं.
UPSC यानि संघ लोक सेवा आयोग ने CSE यानि सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस बार कई नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिनका असर विशेष रूप से उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा जो चयन के बाद रैंक सुधार के लिए दोबारा परीक्षा देते थे
UPSC यानि संघ लोक सेवा आयोग ने 4 फरवरी 2026 को CSE यानि सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस साल सर्विस एलोकेशन और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव किए गए हैं.
सिविल सेवा परीक्षा में जो उम्मीदवार चुने जा रहे हैं, उसमें आधे से ज्यादा उम्मीदवार इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या इससे इंजीनियरिंग छात्रों पर लग रहे रिसोर्स का सही इस्तेमाल हो पा रहा है?