विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता संवर्धन नियम, 2026’ लागू कर दिए हैं. यह नियम 15 जनवरी 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रभावी हो चुके हैं. इनके लागू होते ही देश के कई हिस्सों में अगड़ी जातियों से जुड़े संगठनों और समूहों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है.
इन नए नियमों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है. इसके तहत अब उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ओबीसी छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भी अपने साथ होने वाले भेदभाव या उत्पीड़न की शिकायत सक्षम प्राधिकारी के सामने दर्ज करा सकेंगे. अब तक इस तरह की शिकायतें और उनके निवारण के लिए बने प्रकोष्ठ मुख्य रूप से केवल एससी-एसटी वर्ग तक ही सीमित थे.
नए रेगुलेशन के अनुसार अब प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए समान अवसर प्रकोष्ठ (इक्वल अपॉर्च्युनिटी सेल) का गठन अनिवार्य होगा. इसके अलावा विश्वविद्यालय स्तर पर एक समानता समिति भी बनाई जाएगी, जिसमें ओबीसी, महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल करना जरूरी होगा.
यह समिति हर छह महीने में अपनी कार्य रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे यूजीसी को भेजना अनिवार्य होगा, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित किया जा सके.
रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद और पीएचडी एडमिशन की दौड़ तेज हो गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, दिसंबर 2026 UGC-NET और Joint CSIR-UGC NET परीक्षाओं के लिए अब तक 2.18 लाख से ज्यादा उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. जानिए आवेदन की आखिरी तारीख और परीक्षा का पूरा शेड्यूल.
दलित राजनीति के केंद्र आगरा में यूजीसी के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में सवर्ण समाज सड़कों पर उतर आया है. एक महीने में हुए तीन बड़े आंदोलनों ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ा दी है.
UGC के विरोध में आगरा में सवर्ण समाज के युवाओं ने 200 ट्रैक्टरों के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे और कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास किया. रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियां रोकीं और खेतों से आगे बढ़े. वहीं, पुलिस और PAC ने बुलडोजर, JCB, हाइड्रा, बैरिकेडिंग और लाठीचार्ज के जरिए उन्हें जगह-जगह रोक दिया.
अलीगढ़ में सवर्ण महापंचायत के दौरान हुई विवादित टिप्पणी से भड़के लोगों ने क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव की पिटाई कर दी. पीड़ित को खींचकर अंबेडकर पार्क ले जाया गया और नारेबाजी कराई गई. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में स्थानीय मुद्दों के साथ UGC के जाति आधारित नियमों को लेकर राजपूत समाज की नाराजगी ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया.
कॉलेजों को मौजूदा छात्रावासों की क्षमता और सुविधाओं का आकलन करने के साथ-साथ निर्माणाधीन हॉस्टलों को जल्द पूरा कराने की दिशा में काम करने को कहा गया है. विश्वविद्यालय का जोर यह है कि तैयार होने वाली आवासीय सुविधाएं बिना अनावश्यक देरी के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी और जातिगत आरक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज के लोगों पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने धरना स्थल से हटाना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक पुलिसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को हजारों सामान्य वर्ग के प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के इक्विटी नियमों के खिलाफ और जाति आधारित आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने SC/ST एक्ट का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की.
आरक्षण पर फिर सड़कों से सवाल उठे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी आवाज अब यूपी पहुंच गई है. लखनऊ में आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर मार्च किया गया. अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दा गरमाने लगा है. यूपी से लेकर दिल्ली तक सियासत आसमान छू रही है. इसी पर देखें आज का 'दंगल'.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण और UGC इक्विटी रेगुलेशंस के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी सहायता और आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग की. दिन के अंत में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कल शाम आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ... प्रदर्शनकारियों ने जाति की बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग उठाई... प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई... हालांकि दिल्ली पुलिस ने इजाजत ना होने की बात कहकर प्रदर्शनकारियों के जंतर मंतर से हटा दिया. वहीं आज भी प्रदर्शन और हंगामे की आशंका को देखते हुए जंतर-मंतर पर RAF की तैनाती की गई है...
21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों लोगों ने आरक्षण व्यवस्था और UGC के इक्विटी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार बनाने और SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने की मांग की।
इस पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि UGC पहले अपना जवाब याचिकाकर्ताओं को सौंपे, ताकि वे उसका अध्ययन कर सकें. अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी. गौरतलब है कि इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने UGC के इन नए नियमों के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए केंद्र और यूजीसी से जवाब तलब किया था.
यूजीसी नेट जून 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी. एनटीए की विशेषज्ञ समिति को इन प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण से जुड़ी गंभीर गलतियां मिली थीं. री-एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी. बाकी 84 विषयों के परिणाम तय कार्यक्रम के अनुसार जारी होंगे.
सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा देना हो या बोर्ड का एग्जाम छात्र परेशान नजर आ रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हर ओर कुछ न कुछ गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. वहीं, यूजीसी नेट भी अब इसमें शामिल हो गया है. परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों ने चेतावनी दी है कि अगर 10 अगस्त तक प्रोविजनल आंसर की नहीं आता है, तो वे 11 अगस्त को एनटीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे. इस देरी की वजह से पीएचडी प्रवेश, सहायक प्रोफेसर के आवेदनों और एनटीए के संचार की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
यूजीसी (UGC) की ओर से लाए गए नए नियम के बारे में RTI के जरिए मांगी गई जानकारी का यूजीसी ने अजीबोगरीब बहाना बनाकर जानकारी देने से इनकार कर दिया है. 6 सवालों का एक लाइन में जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है, हम कोई जानकारी नहीं दे सकते.
हायर एजुकेशन की पढ़ाई कर रहे छात्र जो आर्थिक मदद की तलाश कर रहे थे, उनके लिए बड़ी जानकारी सामने आई है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जल्द ही नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर दो बड़ी स्कॉलरशिप, नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज (NSPG) और ईशान उदय स्पेशल स्कॉलरशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने वाली है. ऐसे में जो भी उम्मीदवार इसके लिए पात्र हैं, वह आवेदन कर सकते हैं, चलिए जानते हैं इससे जुड़ी सारी डिटेल.
जयपुर के रामनिवास बाग में राजपूत करणी सेना की महापंचायत में यूजीसी रेगुलेशन के नियमों को वापस लेने की मांग उठाई गई है. इस दौरान आंदोलन देशभर में और तेज करने का संकल्प लिया गया है.
ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना के लिए UGC ने बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुलाई 2026 सेमेस्टर से SWAYAM MOOCs को अकादमिक पाठ्यक्रम में शामिल करने, छात्रों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने और क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था लागू करने को कहा है. लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि आखिर क्या है इसका मतलब? इससे छात्रों को कोई फायदा मिलेगा या नहीं.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के समाजशास्त्र विषय के पेपर में कई गंभीर गलतियां पाई गई हैं, जिनमें वर्तनी की अशुद्धियां, गलत नाम, खराब हिंदी अनुवाद और आउट ऑफ सिलेबस सवाल शामिल हैं. छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं और पेपर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. NTA ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
छात्रों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए UGC ने बड़ा निर्देश दिया है. अब कॉलेज कैंपस में छात्रों के फिजिकल और मेंटल हेल्थ का ध्यान रखा जाएगा जिसके लिए कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में एक्सपर्ट की तैनाती की जाएगी.