यूजीसी के नए नियम को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में दो पक्षों के बीच बड़ा विवाद हो गया. इस दौरान छात्र संगठन AISA के सदस्यों और यूट्यूबर रुचि तिवारी के बीच तीखी झड़प हो गई. रुचि ने, जाति पूछकर मारपीट और यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया. वहीं, AISA की एक छात्रा ने भी महिला पत्रकार और उसके समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया. इस मामले को लेकर पुलिस ने 14 फरवरी को दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज की हैं.
इन घटनाक्रमों के बीच सोशल मीडिया पर किसी कॉलेज कैंपस में चल रही छात्रों और पुलिस की तीखी बहस, धक्कामुक्की और नारेबाजी का एक वीडियो वायरल हो गया है. वीडियो पर लिखा है, "पत्रकार रुचि तिवारी के समर्थन में आए छात्र एवं सवर्ण समाज तथा ओबीसी समाज". कई लोग '#Justice_For_रूचि_तिवारी' जैसे हैशटैग्स के साथ इसे शेयर कर रहे हैं.
एक एक्स यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "बहन रुचि तिवारी के सपोर्ट में उतरा भारी जन सैलाब, कब तक बचते फिरोगे तुमको ब्राह्मणवाद एवं क्षत्रिय समाज से मुक्ति चाहिए हम देंगे. शांत थे संत नहीं जो जैसा किया है वैसा ही देंगे, तुमने शांति भंग की है, हम तुम नीलचट्टों को शांति ही देंगे जीवन जीवन भर के लिए."
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये विरोध प्रदर्शन हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित मुरथल के दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DCRUST) में हॉस्टल और यूनिवर्सिटी से संबंधित सुविधाओं की मांग के लिए किया गया था. इसका रुचि तिवारी मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें 'SNA News' नाम के एक न्यूज आउटलेट के इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसका लंबा वर्जन मिला. यहां वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, "सोनीपत की DCRUST, मुरथल में हुआ हंगामा!"
वीडियो में एक जगह नारा लगाया जाता है, 'DCRUST का वीसी, मुर्दाबाद-मुर्दाबाद'.
ये देखकर हमें लगा कि ये वीडियो सोनीपत की दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DCRUST) का हो सकता है. हमने इस बारे में जानकारी पाने के लिए 'SNA News' के ओनर नितिन सेठी से बात की. नितिन ने हमें बताया कि इस प्रोटेस्ट में DCRUST के छात्र, सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, न कि रुचि तिवारी मामले को लेकर.
हमने इस प्रदर्शन के बारे में और जानकारी पाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री से भी बात की, जो इस दौरान वहां मौजूद थे. उन्होंने आजतक को बताया, "मैं DCRUST के छात्रों के समर्थन में वहां गया था और हमने वीसी के ऑफिस का घेराव किया. वहां पीने के पानी की क्वॉलिटी बहुत खराब है, हॉस्टल में कई अव्यवस्थाएं भी हैं जिनके समाधान की मांग रखकर हमने वीसी से यूनिवर्सिटी का सर्वे करवाया. उनकी डायरी में सारी समस्याएं लिखवाईं. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वो इस पर 45 दिन के अंदर जवाब देंगे. रुचि तिवारी मामले का इससे कुछ लेना-देना नहीं है."
रौनक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर DCRUST में हुए इस विरोध प्रदर्शन से जुड़े और भी कई वीडियो शेयर किए थे.
द ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, ये विरोध प्रदर्शन 16 फरवरी को हुआ था. छात्रों ने मुख्य रूप से दो साल से यूनिवर्सिटी में वाईफाई की सुविधा न होने, लाइब्रेरी के बुरे हालात आदि मुद्दे उठाए थे.साफ है, DCRUST यूनिवर्सिटी में हुए एक विरोध प्रदर्शन को अब रुचि तिवारी मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.