iran blast US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 14वां दिन है. दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार तेज हो रहे हैं. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद गुरुवार को पहला सार्वजनिक बयान जारी किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्यअड्डों को बंद कर दे वरना उन पर हमले जारी रहेंगे.
इस बीच वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की. पीएम मोदी ने पेजेश्कियान से मिडिल-ईस्ट के हालात पर चर्चा की. उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई. मिडिल ईस्ट जंग की पल-पल की अपडेट जानने के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से खबर सामने आई है कि लेबनान में इजरायली हमलों में 100 से अधिक बच्चे मारे गए हैं.
US के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि ईरान के रक्षा उद्योग को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जा रहा है. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे यह अभियान जारी रहेगा, ईरान की सभी रक्षा कंपनियां जल्द ही तबाह हो सकती हैं. ये टिप्पणियां ईरान के सैन्य उत्पादन और रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करने के सैन्य उद्देश्य में तेजी आने का संकेत देती हैं.
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'प्रेस टीवी' के मुताबिक, तेहरान में एक रैली के पास हुए अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में कम से कम एक महिला की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ईरानी राजधानी में एक बड़े प्रदर्शन के करीब हुए धमाकों के बाद, छर्रे लगने से घायल हुई इस महिला की मौत हो गई. यह हमला ऐसे समय में हुआ जब हजारों लोग सरकार के समर्थन में एक रैली के लिए जमा हुए थे.
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी भूमध्य सागर में NATO के एयर डिफेंस ने ईरान से तुर्की की ओर दागे गए तीसरे बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह इस मामले पर तेहरान से स्पष्टीकरण मांग रहा है.
युद्ध में ईरान द्वारा मारे गए पहले फ्रांसीसी और यूरोपीय सैनिक की एक तस्वीर अभी-अभी जारी की गई है. चीफ वारंट ऑफिसर अर्नाड फ्रियन कल उस समय मारे गए, जब ईरानी आत्मघाती ड्रोन ने इराक के एरबिल क्षेत्र में स्थित एक फ्रांसीसी सैन्य अड्डे पर हमला किया.

ईरान की राजधानी तेहरान स्थित स्क्वायर पर एक जोरदार धमाका हुआ है. ये विस्फोट उसी जगह हुआ है जहां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था.
एक अमेरिकी कार्गो प्लेन ने आधी रात को इजरायल के तेल अवीव (बेन गुरियन एयरपोर्ट) पर इमरजेंसी लैंडिंग की. विमान ने लैंडिंग से पहले 'Squawk 7700' कोड का इस्तेमाल किया, जो गंभीर आपात स्थिति का संकेत देता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान (टेल नंबर 63-8017) का पिछले हिस्से क्षतिग्रस्त नजर आया. ये विमान इराक में एक अमेरिकी बेस से उड़ा था. ये पहले भूमध्य सागर की ओर गया और फिर अचानक मुड़कर इजरायल में उतरा.
इजरायली सेना (IDF) ने ईरान के तेहरान, शिराज और अहवाज शहरों में एक साथ कई हवाई हमले किए हैं. इजरायली एयरफोर्स ने ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य प्रणालियों को निशाना बनाया है. इजरायल का कहना है कि वो ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह कमजोर करना चाहते हैं. पिछले 24 घंटों में हमलों के कई दौर चलाए गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की. इस दौरान अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए हालात के बारे में बताया. ईरानी विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन हमलों का क्षेत्र और पूरी दुनिया की शांति और स्थिरता पर क्या असर पड़ रहा है. ईरानी विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी सरकार, जनता और सेना अपनी आत्मरक्षा के वैध अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों से अपील की कि वो ईरान के खिलाफ हो रहे सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करें.
अराघची ने वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए ब्रिक्स (BRICS) जैसे संगठनों के महत्व पर जोर दिया. वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है.
चीन की 'रेड क्रॉस सोसाइटी' ईरान के 'रेड क्रेसेंट' को 2 लाख डॉलर की आर्थिक मदद देगी. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो इंसानियत के नाते ईरान को जरूरी मदद देना जारी रखेंगे. इस मदद का मकसद ईरानी लोगों को उनकी मुश्किलों और चुनौतियों से निकालना है. चीन ने कहा है कि वो एक मित्र देश होने के नाते ईरान की जरूरतों के लिए हर मुमकिन मदद के लिए तैयार हैं.
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित करज शहर में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. धमाकों के साथ ही आसमान में लड़ाकू विमानों फाइटर जेट्स की आवाजें भी सुनाई दी हैं.
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने तेहरान-कोम हाईवे पर स्थित रेड क्रिसेंट स्टेशन पर एयरस्ट्राइक की है. ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, इस हमले में बचाव कार्य में जुटे तीन राहतकर्मी घायल हो गए हैं. रेड क्रिसेंट के एक आपातकालीन कर्मचारी ने पुष्टि की है कि ये स्ट्राइक सीधे उनके स्टेशन को निशाना बनाकर की गई थी, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है.
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने जानकारी दी है कि अभी कुछ देर पहले ईरान की ओर से इजरायल की सीमा के भीतर कई मिसाइलें दागी गई हैं.
इजरायली एम्बुलेंस सेवा (MDA) ने जर्जीर शहर में हुए ईरानी मिसाइल हमले के बाद घायलों का नया आंकड़ा जारी किया है. इस हमले में कांच के टुकड़ों की चपेट में आने से 57 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं. इसके अलावा, एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसे छर्रे लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जर्जीर के उत्तरी अरब शहर में हुए इस हमले से घरों और कारों को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमरीका ईरान के 'आतंकवादी शासन' को सैन्य और आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर रहा है. ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' जैसे मीडिया संस्थानों की आलोचना करते हुए कहा, हम ईरान के आतंकवादी शासन को सैन्य, आर्थिक और अन्य तरीकों से पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, फिर भी, अगर आप विफल न्यूयॉर्क टाइम्स को पढ़ते हैं, तो आप गलत तरीके से सोचेंगे कि हम जीत नहीं रहे हैं.'
ट्रंप ने कहा, 'ईरान की नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना अब नहीं रही, मिसाइलें, ड्रोन और बाकी सब कुछ तबाह किया जा रहा है और उनके नेताओं को धरती के चेहरे से मिटा दिया गया है. हमारे पास अद्वितीय मारक क्षमता, असीमित गोला-बारूद और पर्याप्त समय है. आज इन पागल दुष्टों के साथ क्या होता है, उसे देखें. वो 47 सालों से पूरी दुनिया में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं और अब मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में, उन्हें मार रहा हूं. ऐसा करना कितने बड़े सम्मान की बात है.'
शुक्रवार को सऊदी अरब की सेना ने दो दर्जन से ज्यादा ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया. ये कार्रवाई तेल सुविधाओं पर हमले की ईरानी धमकियों के बाद की गई है. इस क्षेत्रीय संघर्ष की आंच अब अन्य देशों तक भी पहुंच गई है, जिसमें इराकी कुर्दिस्तान में तैनात एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई है. इसी बीच, ईरानी मीडिया ने तेहरान में नए धमाकों की सूचना दी है और इजरायल पर भी हमले जारी हैं.
ट्रंप सरकार के अन्य देशों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने की अनुमति देने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आई है. इस फैसले के बाद बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent) गिरकर 99.75 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 94.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने देश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में तीन ड्रोनों को बीच में ही रोककर तबाह कर दिया है. दूसरी तरफ, इजरायली वायुसेना ने कुछ ही समय पहले बेरूत इलाके में हिजबुल्ला के एक आतंकी ठिकाने पर हमला किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कहा कि वो अभी जिंदा हैं. हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि 'शायद गंभीर रूप से घायल' हो सकते हैं, लेकिन वो किसी न किसी रूप में जिंदा" हैं.
सेंट्रल दुबई (मध्य दुबई) के इलाके में धमाकों की आवाजें सुनी गई. धमाकों के साथ ही आसमान में धुएं का गुबार भी देखा गया.
इराक के सशस्त्र मिलिशिया समूह ने दावा किया है कि उसने हवा में ईंधन भरने वाले एक अमेरिकी विमान को मार गिराया है. इस हमले में दो अमेरिकी पायलटों की मौत हो गई है.
अमेरिका ने समुद्र में फंसे हुए रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद के लिए 30 दिनों की विशेष छूट जारी की है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, इस फैसले का मकसद ईरान युद्ध के कारण अस्थिर हुए वैश्विक बाजार को संभालना है.
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे या बंदरगाहों पर जरा सा भी हमला हुआ, तो वो पूरे क्षेत्र के तेल और गैस संसाधनों को आग के हवाले कर देगा. ईरानी सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, इस जवाबी कार्रवाई में उन सभी तेल और गैस प्रणालियों को निशाना बनाया जाएगा जिनसे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को फायदा मिलता है.
दक्षिणी इराक के मजनून तेल क्षेत्र के पास शुक्रवार को दो सर्विलांस ड्रोन क्रैश हो गए. इस घटना में किसी के हताहत होने या किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है. पुलिस और तेल क्षेत्र के कर्मचारियों ने बताया कि इस घटना का बड़े तेल क्षेत्र के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले हफ्ते अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी पोत पर फायरिंग की, जो विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के बहुत करीब आ गया था. दो अमेरिकी अधिकारियों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर ये जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक, ईरानी पोत खतरनाक तरीके से विमानवाहक पोत के बेहद करीब आ गया था. इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना के एक जहाज ने उस पोत को रोकने के लिए पांच इंच, 54-कैलिबर मार्क-45 नौसैनिक तोप से फायर करने की कोशिश की.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को बताया कि ईरान के साथ जारी जंग के बीच इराक के फ्रेंडली एयरस्पेस में एक सैन्य विमान क्रैश हो गया. सेना ने जारी बयान में कहा कि इस घटना में दो विमान शामिल थे. एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, जबकि दूसरा सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रहा. कमांड ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना न तो दुश्मन की गोलीबारी के कारण हुई और ना ही मित्र देशों की फायरिंग के कारण हुई है.

मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 47,000 अमेरिकी नागरिक मध्य पूर्व से वापस अमेरिका लौट चुके हैं. यह जानकारी गुरुवार को विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी. अधिकारी के अनुसार, लगभग 32,000 प्रभावित अमेरिकी नागरिकों को सीधे तौर पर सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन और यात्रा में सहायता दी गई.
मिडिल ईस्ट की जंग लगातार बढ़ रही है. इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि हमारे हमलों में ईरान के कई बड़े परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं. उन्होंने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की आलोचना करते हुए उन्हें रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कठपुतली बताया. नेतन्याहू ने ईरान की जनता से कहा कि आजादी का नया रास्ता आने वाला है और इजराइल उनके साथ है. अब आगे क्या होगा, यह ईरान की जनता के हाथों में है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावानी ने गुरुवार को कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं करने जा रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस रास्ते की शांति और सुरक्षा बनाए रखना ईरान का अपना हक है. उन्होंने ये बात संयुक्त राष्ट्र में मीडिया से बात करते हुए कही.
ईरान ने धमकी दी है कि अगर US और इजरायल ने उसके अपने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया तो वह इस इलाके की तेल और गैस इंडस्ट्री में तबाही मचा देगा. ईरानी सेना के सेंट्रल ऑपरेशनल कमांड खतम अल-अनबिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और पोर्ट पर जरा सा भी हमला होने पर हम इस इलाके के तेल और गैस को आग लगा देंगे.
ईरान से जंग शुरू होने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि लगभग दो हफ्ते तक US-इजरायली हमलों के बाद ईरान अब पहले जैसा नहीं रहा और उसकी खास सेनाओं को भी झटका लगा है. नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से लगभग हर दिन बात की.
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच गुरुवार को दुनियाभर में स्टॉक्स गिरे और ईरान के साथ US-इजरायल युद्ध का कोई साफ अंत नहीं दिखा. S&P 500 में 1.4% की गिरावट रही. डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 674 पॉइंट्स या 1.3% नीचे रहा. नैस्डैक कंपोजिट 1.6% नीचे था. इस कारण कच्चे तेल की कीमत में फिर उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है.
ईरान के सैन्य कमांड सेंटर खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि अगर देश के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर या पोर्ट्स पर कोई हमला हुआ तो करार जवाब दिया जाएगा. सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अगर इन ठिकानों पर हमला हुआ तो हम पूरे इलाके में तेल एवं गैस से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाएंगे. इसके गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेंगे.