सूर्यनारायण डूला (Suryanarayana Doolla) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे यानी IIT बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर हैं. वे विद्युत अभियांत्रिकी और ऊर्जा प्रणालियों से जुड़े शोध के लिए जाने जाते हैं.
सितंबर 2026 में IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद सूर्यनारायण डूला का नाम चर्चा में आया. 18 सितंबर को एक परीक्षा के दौरान डूला उस कक्षा में निरीक्षक थे. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार परीक्षा के दौरान छात्र के पास मोबाइल फोन होने को लेकर उनसे पूछताछ हुई और बाद में छात्र को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा गया. घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है.
सूर्यनारायण डूला ने वर्ष 2000 में नागार्जुन विश्वविद्यालय से विद्युत अभियांत्रिकी में बीटेक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने IIT बॉम्बे से 2002 में ऊर्जा प्रणाली अभियांत्रिकी में एमटेक किया. वर्ष 2007 में उन्होंने IIT दिल्ली से बिजली प्रणाली विषय में पीएचडी की. IIT बॉम्बे आने से पहले वे हैदराबाद की मशीन 2 मशीन और बेंगलुरु की पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स जैसी संस्थाओं में काम कर चुके थे.
IIT बॉम्बे में डूला का काम बिजली और ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित रहा है. उनके शोध क्षेत्रों में स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, कनवर्टर नियंत्रण, वितरित ऊर्जा संसाधनों का ग्रिड से एकीकरण, बिजली प्रणालियों का नियंत्रण और ऊर्जा दक्षता शामिल हैं. उन्होंने माइक्रोग्रिड और बिजली प्रबंधन से जुड़े कई शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं.
शिक्षण के क्षेत्र में भी उन्हें संस्थान स्तर पर सम्मान मिला है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्हें वर्ष 2017 में IIT बॉम्बे का उत्कृष्ट शिक्षण पुरस्कार और वर्ष 2021 में प्रोफेसर एस. पी. सुखात्मे उत्कृष्ट शिक्षण पुरस्कार मिला था.
उनके शोध का प्रमुख क्षेत्र स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, बिजली प्रणालियों का संचालन, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा को विद्युत ग्रिड से जोड़ने जैसी तकनीकें हैं. IIT बॉम्बे की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार वे वर्ष 2009 में संस्थान से जुड़े थे.
सूर्यनारायण डूला ने IIT बॉम्बे में अकादमिक जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक भूमिकाएं भी निभाई हैं. संस्थान की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में उन्हें डीन (छात्र मामले) के रूप में दर्ज किया गया. बाद में वे डीन (प्रशासनिक मामले) की भूमिका में भी रहे.
21 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे ने सूर्यनारायण डूला को डीन (प्रशासनिक मामले) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया.
IIT बॉम्बे कैंपस सुसाइड केस में विवाद थम नहीं रहा है. हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं. एक दिन पहले साहिल के पिता ने दोनों प्रोफेसरों के इस्तीफे की मांग उठाई थी. उनके इस बयान के बाद यह मामला और गंभीर होते दिख रहा है. हालांकि, इस मामले की जांच तेजी से चल रही है और एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने की बात कही गई है.
आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में बवाल जारी है. शुरुआती दिनों में जिस 'जातिगत प्रताड़ना' के आरोप को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे थे, अब वही एंगल उनके आधिकारिक बयानों से गायब दिख रहा है. दूसरी तरफ फैकल्टी फोरम ने बड़ा खुलासा करते हुए पलटवार किया है. जानिए इस मामले में कैसे बदल रहे हैं बयानों के सुर और क्या है पूरा सच.
ताजा CCTV फुटेज में साहिल वाकोडे को IIT बॉम्बे के परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते हुए दिखाया गया है. फुटेज में परीक्षा के दौरान उनसे पूछताछ भी होती नजर आ रही है. अब अपराध शाखा इस फुटेज के जरिए साहिल की गतिविधियों और उनकी मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है.
फैकल्टी फोरम ने IIT बॉम्बे के एक छात्र की मौत पर शोक व्यक्त किया है. साथ ही फोरम ने IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के प्रति एकजुटता जताते हुए उनके खिलाफ लगाए गए सार्वजनिक आरोपों पर चिंता व्यक्त की है.
IIT बॉम्बे छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने अपने पुराने बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराने के लिए नहीं, बल्कि संस्थान में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर था. वहीं, फैकल्टी फोरम ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को निलंबित नहीं किया गया है.
आईआईटी बॉम्बे में लगातार हो रही छात्र सुसाइड की घटनाओं के बीच प्रशासन ने हॉस्टलों में छत वाले पंखे हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, इस फैसले पर अब सियासत शुरू हो गई है और NCP ने इसे सिस्टम की नाकामी छिपाने वाला बेतुका कदम बताया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है. फोरम ने कहा कि प्रो. दुल्ला को IIT बॉम्बे की सेवा से निलंबित नहीं किया गया है और वह संस्थान के फैकल्टी सदस्य बने हुए हैं.
आईआईटी बॉम्बे में छात्र के आत्महत्या के बाद से माहौल गरमा गया है. छात्र की मौत और उसके बाद से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कई सवाल खड़े कर रहा है. साहिल के मौत में जिस प्रोफेसर के खिलाफ आरोप लगे हैं उनका नाम सूर्यनारायण डूला हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक, आईआईटी बॉम्बे से एमटेक और आईआईटी दिल्ली से पीएचडी करने वाले डूला लंबे समय से पढ़ाई, रिसर्च और संस्थान की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं.
आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाते हुए डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग की है, तो वहीं इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है. पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट.
आईआईटी बॉम्बे ने अपने छात्र साहिल की मौत के मामले में दिए गए अपने ही शुरुआती बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. संस्थान ने स्वीकार किया कि पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों पर टिप्पणी करना अनुचित था. जानिए क्या है पूरा मामला.
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IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस का माहौल गरमाया हुआ है. इसे लेकर तीन दिन तक प्रदर्शन हुए. इसके बाद आईआईटी-बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे ने 18 सूत्री समझौते पर साइन किया है. इस समझौते में छात्रों की कई मांगें मान ली गई हैं, जिसमें निदेशक का इस्तीफा शामिल नहीं है.