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साहिल की मौत पर बवाल के बीच IIT बॉम्बे ने मांगी माफी, प्रोफेसर पर भी एक्शन

आईआईटी बॉम्बे ने अपने छात्र साहिल की मौत के मामले में दिए गए अपने ही शुरुआती बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. संस्थान ने स्वीकार किया कि पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों पर टिप्पणी करना अनुचित था. जानिए क्या है पूरा मामला.

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IIT Bombay News: आईआईटी बॉम्बे के कैंपस से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. संस्थान ने अपने ही एक छात्र साहिल की दर्दनाक और असमय मौत के मामले में अपने पुराने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है. संस्थान ने माना है कि जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक घटना के कारणों या हालातों पर कोई भी टिप्पणी करना पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना था. 

इतना ही नहीं मिली हुई जानकारी के अनुसार संस्थाने ने छात्रों की कई मांगें भी मान ली हैं. संस्थान ने आरोपी प्रोफेसर पर न‍िलबंन की कार्रवाई कर दी है. जान‍िए अब तक क्या हुआ... 

आखिर क्या था पूरा मामला?
हाल ही में IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल की अचानक मौत की खबर ने पूरे कैंपस को झकझोर कर रख दिया था. घटना के तुरंत बाद, जब पुलिस मामले की शुरुआती तहकीकत ही कर रही थी, तब आईआईटी प्रशासन ने एक बयान जारी कर दिया था. उस बयान में घटना से जुड़ी कुछ ऐसी परिस्थितियों का जिक्र कर दिया गया था, जो आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुई थीं.

जांच जारी रहने के बीच ही संस्थान के इस रवैये और जल्दबाजी में दिए गए बयान पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद बैकफुट पर आए प्रशासन को 'X' (ट्विटर) पर आकर आधिकारिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी.

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IIT बॉम्बे ने माफीनामे में क्या लिखा?
संस्थान ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा:

'हम साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में अपने पिछले संचार (Communication) में दिए गए कथनों के लिए माफी मांगते हैं.'

प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए आगे कहा, 'इस घटना तक ले जाने वाले विवरण और परिस्थितियां फिलहाल संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच का विषय हैं. जारी जांच को ध्यान में रखते हुए, उचित जांच प्रक्रिया के जरिए तथ्य स्थापित होने से पहले घटनाओं का विवरण देना या उन्हें परिभाषित करना अनुचित था.'

क्यों बड़ा है यह यू-टर्न?

किसी भी कैंपस में ऐसी अप्रिय घटना होने के बाद पुलिस फॉरेंसिक और आधिकारिक जांच के जरिए ही सच तक पहुंचती है. ऐसे में बिना रिपोर्ट आए संस्थान का कोई भी बयान जांच की दिशा को प्रभावित कर सकता है.

प्रोफेसर पर भी एक्शन

छात्र साहिल की मौत के मामले में जहां एक तरफ आईआईटी बॉम्बे को अपने शुरुआती बयान पर बैकफुट पर आते हुए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी है, वहीं दूसरी तरफ कैंपस में बढ़ते जनाक्रोश और विरोध के बीच प्रशासन ने सख्त कदम भी उठाए हैं.  मामले से जुड़े विवाद और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद संबंधित विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ भी प्रशासनिक स्तर पर एक्शन लिया गया है. छात्रों का आरोप था कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीन रवैये के कारण स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद संस्थान ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए यह कदम उठाया है.

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डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर झूठी: IIT बॉम्बे

कैंपस में मचे बवाल और विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर के इस्तीफे को लेकर तमाम तरह की अफवाहें चल रही थीं. इन अटकलों पर विराम लगाते हुए संस्थान ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि डायरेक्टर आईआईटी बॉम्बे ने इस्तीफा नहीं दिया है. संस्थान ने बयान जारी कर कहा कि आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है. हम स्पष्ट रूप से यह कहते हैं कि इससे जुड़ी खबरें पूरी तरह से गलत हैं.

बता दें कि साह‍िल की सुसाइड से मौत के बाद कैंपस में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र अपने 18 पॉइंट चार्टर के साथ डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे. फिलहाल स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही हैं. साहिल की मौत की असली वजह क्या थी, यह आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा.

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