महाराष्ट्र के बारामती में एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मां आशा पवार से केटवाड़ी गांव स्थित उनके आवास पर मुलाकात की. यह मुलाकात अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद की घटनाओं के बीच हुई.
सुप्रिया सुले ने बताया कि संसद के बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले वे दिल्ली रवाना होने से पूर्व आशा पवार से मिलने पहुंचीं और उनसे अनुमति ली. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "बजट सत्र रविवार से शुरू हो रहा है, इसलिए दिल्ली जा रही हूं. मैंने आशा पवार से पूछा कि क्या मैं जा सकती हूं, तो उन्होंने कहा- यह देश का बजट है, आपको जरूर जाना चाहिए."
एनसीपी की नेता और संसद में पार्टी की फ्लोर लीडर होने के नाते उनकी मौजूदगी जरूरी बताते हुए सुप्रिया ने जोर दिया कि संसदीय जिम्मेदारियां निभाना उनका कर्तव्य है.
आशा पवार की तबीयत पर दिया जवाब
जब पत्रकारों ने आशा पवार की तबीयत के बारे में पूछा, तो सुप्रिया सुले ने संक्षिप्त जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आशा पवार ने हाथ जोड़कर आशीर्वाद दिया. इस विषय पर ज्यादा बोलने से उन्होंने परहेज किया, जो परिवार की निजता को दर्शाता है.
शपथ ग्रहण और राजनीतिक सवालों पर चुप्पी
सुनेत्रा पवार के संभावित शपथ ग्रहण या अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सुप्रिया सुले ने कोई टिप्पणी नहीं की. उन्होंने केवल "राम कृष्ण हरि" कहकर जवाब दिया. इस दौरान सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार भी बारामती पहुंचे, जिससे पवार परिवार की एकजुटता झलकी.
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महाराष्ट्र के राजनीति में इस मुलाकात के क्या हैं मायने?
यह मुलाकात तब हुई जब अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई. परिवार के सदस्य जैसे शरद पवार, रोहित पवार, सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार तुरंत बारामती पहुंचे, जहां माहौल गमगीन था.
पहले भी सुप्रिया ने आशा पवार से लोकसभा चुनाव के दौरान मुलाकात की थी, जहां उन्होंने पारिवारिक रिश्तों का हवाला दिया था- "यह चाचा का घर है, आशा काकी ने मां से ज्यादा लालन-पालन किया. महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दो गुटों के बीच तनाव के बीच यह मुलाकात परिवारिक एकता का प्रतीक बनी.