सौरव जोशी (Sourav Joshi) एक यूट्यूबर, व्लॉगर और स्केच आर्टिस्ट हैं. उनका जन्म 8 सितंबर 2000 को उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुआ. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तराखंड से पूरी की और बाद में फाइन आर्ट्स की शिक्षा प्राप्त की. बचपन से ही उन्हें ड्रॉइंग और स्केचिंग का शौक था, जिसे उन्होंने अपने करियर का आधार बनाया.
सौरव ने वर्ष 2015 में अपना पहला यूट्यूब चैनल 'Sourav Joshi Arts' शुरू किया. इस चैनल पर वे पेंसिल स्केच और ड्रॉइंग से जुड़े वीडियो साझा करते थे. उनकी स्केचिंग शैली को दर्शकों ने पसंद किया और धीरे-धीरे उनके चैनल की लोकप्रियता बढ़ने लगी.
इसके बाद उन्होंने 2019 में 'Sourav Joshi Vlogs' नाम से दूसरा यूट्यूब चैनल शुरू किया. इस चैनल पर उन्होंने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी, परिवार, यात्रा और दैनिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो अपलोड करने शुरू किए. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान लगातार 365 दिनों तक 365 व्लॉग बनाने की चुनौती ने उन्हें पहचान दिलाई.
उनके व्लॉग्स में उनके परिवार के सदस्य, खासकर उनके भाई साहिल जोशी और पियूष जोशी, अक्सर दिखाई देते हैं.
सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर्स अपनी निजी जिंदगी, रिश्ते और पारिवारिक विवादों को व्यूज बढ़ाने के लिए सार्वजनिक कर रहे हैं. ऐसे हालात कंटेंट क्रिएशन में मर्यादा और व्यक्तिगत सीमाओं पर सवाल उठाती है.
सौरव जोशी ने अपने नए व्लॉग में काफी सारा पानी दोबारा एक स्विमिंग पूल बनाने के लिए बर्बाद किया जिससे उनपर अब कुछ गंभीर सवाल उठाने जरूरी हो गए हैं. क्या हमें अब ऐसे इंफ्लुएंसर्स को बढ़ावा देना चाहिए, जो जन-जीवन से जुड़ी जरूरत को अपने मजे के लिए बर्बाद करते हैं?
Vlogger Sourav Joshi on E20: देश के मशहूर व्लॉगर सौरव जोशी का कहना है कि, महज 48 घंटे के भीतर उनकी Mercedes कार का माइलेज 17 किमी/लीटर से घटकर 5 किमी/लीटर पर आ गया है. इसके लिए उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल को वजह बताया है.
यूट्यूबर सौरव जोशी का नया Vlog विवादों में है. वीडियो में 6,000 लीटर पानी से एक पूल बनाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग पानी की बर्बादी को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
सौरव जोशी ने अपने नए यूट्यूब व्लॉग में कहा है कि वो एक नए घर की तलाश में हैं, जिसको वो फ्यूचर में एक होटल में बदलेंगे.
भारत के टॉप यूट्यूबर सौरव जोशी ने अपनी लग्जरी गाड़ी की परफॉर्मेंस को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने गाड़ी की माइलेज में आई भारी गिरावट के लिए देश में इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के बढ़ते इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराया है.