कम तापमान होने के कारण बर्फ का ठोस रूप में होने वाली वर्षा को बर्फबारी (Snowfall) कहा जाता है. भारत में दिसंबर और जनवरी के महीने में कश्मीर, हिमाचल, अरुणाचल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बर्फबारी होती है. साथ ही, लद्दाख सबसे अच्छी बर्फीली जगहों में से एक है. लद्दाख, सियाचिन ग्लेशियर से हिमालय पर्वतमाला तक फैला हुआ है. इसे दुनिया के सबसे ठंडे रेगिस्तान के रूप में भी जाना जाता है.
नवंबर में बर्फबारी देखने का सपना है तो भारत की इन 5 खूबसूरत जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल करें. यहां ऊंचाई वाले इलाकों में शुरुआती बर्फ देखने की संभावना रहती है. जानिए इन जगहों की खासियत और घूमने से जुड़ी जरूरी बातें.
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल चुका है और नवंबर का महीना शुरू होने से पहले ही बर्फबारी का दौर तेजी से जारी है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से लेकर जम्मू कश्मीर के तमाम इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है. लगातार गिर रही बर्फ की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण पूरे पहाड़ी क्षेत्र में ठिठुरन काफी बढ़ गई है.
नवंबर में बर्फ से ढके पहाड़ देखने का प्लान बना रहे हैं? भारत में गुलमर्ग, सिस्सू, तवांग, लाचुंग और औली जैसी जगहों पर घूमने का मौका मिल सकता है. वीडियो में जानें इन पांच खूबसूरत डेस्टिनेशन की खासियत और यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें. ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखें.
लार्सन एंड टुब्रो और बीएई सिस्टम्स ने सूरत में 18 बीवीएस10 सिंधु ऑल-टेरेन वाहनों का उत्पादन शुरू किया. ये लद्दाख की ठंड और कच्छ की गर्मी सहते हैं. बॉर्डर वाले इलाकों में सेना की तैयारियां मजबूत होंगी.
अक्टूबर में ही मौसम ने दिसंबर वाली ठंड का एहसास करा दिया है. दिल्ली में चार साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ, तो पहाड़ों पर बर्फबारी और देश के कई राज्यों में बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है.
केदारनाथ में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि बाबा का पूरा धाम बर्फ की सफेद चादर में ढक गया है. लगातार दूसरे दिन हो रही बर्फबारी ने यहां का नजारा तो खूबसूरत बना दिया, लेकिन गिरते तापमान ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खास बात यह है कि चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और 11 नवंबर को केदारनाथ मंदिर के कपाट सर्दियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
अक्टूबर के आखिरी दिनों में पहाड़ों का मौसम बदल सकता है. उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश के आसार हैं. तापमान गिरने से ठंड बढ़ सकती है, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी पर नजर रहेगी.
उत्तराखंड से लेकर जम्मू कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं. केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम और कश्मीर के बांदीपोरा सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी देखने को मिल रही है. बर्फ की सफेद चादर में लिपटी वादियों और धुंध के आगोश में खोते पहाड़ों को देखकर पर्यटक बेहद रोमांचित नजर आ रहे हैं.
उत्तराखंड से लेकर जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहाड़ों पर इन दिनों बर्फबारी का नजारा देखने को मिल रहा है. यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी होने के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मैदानी और पहाड़ी इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के कठुआ और डोडा जिले की ऊंची चोटियां भी पूरी तरह से बर्फ की सफेद चादर से ढक चुकी हैं.
उत्तराखंड के पहाड़ों पर जल्द बर्फ गिर सकती है. 23 अक्टूबर से मौसम में बदलाव के आसार हैं. अगले चार दिनों के दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश और 3500 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है.
15 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और हिमपात ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ी है, जबकि महाराष्ट्र जैसे पश्चिमी हिस्सों में अक्टूबर में भी गर्मी बनी हुई है. दिल्ली में मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है. आइए जानते हैं आज 16 अक्टूबर को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम कैसा रहेगा.
उत्तराखंड के चमोली जिले में 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद होने वाले हैं. 8 अक्टूबर की रात से जारी बर्फबारी के कारण दोनों पवित्र स्थलों और आसपास के पहाड़ों पर आधा फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है. कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु अंतिम दर्शन और अरदास के लिए पहुंच रहे हैं. पाकिस्तान से आए सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी धार्मिक रस्मों में शामिल होगा.
चंबा के साच पास में हुई ताजा बर्फबारी के बाद पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. बर्फ की मोटी परत और फिसलन से सड़कें ढक गईं. खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है, कि मौसम साफ होने के बाद ही घरों से निकलें.
स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों पर 2026 की रिकॉर्ड गर्मी और कम बर्फबारी का बड़ा असर पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ग्लेशियरों ने 5 फीसदी से ज्यादा बर्फ खो दी. पिछले पांच साल में ये नुकसान करीब 20 फीसदी तक पहुंच गया है. गर्मियों में जुलाई से सितंबर के बीच करीब 2.2 ट्रिलियन लीटर पानी ग्लेशियरों से पिघला. वैज्ञानिकों के मुताबिक, लगातार बढ़ता पिघलाव भविष्य में पानी की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है.
पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदल गया है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सीजन की पहली भारी बर्फबारी और लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. हिमाचल की खूबसूरत स्पीति घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है. काजा, चिचम, पिन घाटी और लांजा जैसी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह से ही बर्फबारी जारी है, जिससे चारों तरफ चांदी जैसी चमक बिखर गई है. मौसम विभाग ने हिमाचल के कई जिलों में आने वाले दिनों में और बारिश तथा बर्फबारी की चेतावनी जारी की है. दूसरी ओर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी मौसम ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. गंगोत्री, यमुनोत्री, गोमुख और नेलांग घाटी में जबरदस्त बर्फबारी हुई है.
सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह की शुरुआत होते ही उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है. जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो चुकी है. बर्फ की इस सफेद चादर ने पहाड़ों को अपने आगोश में ले लिया है, जिससे न केवल स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे हैं, बल्कि वहां पहुंचे पर्यटक भी बेहद खुश और उत्साहित नजर आ रहे हैं.
लाहौल-स्पीति में उंचाई के इलाकों में पहाड़ों ने सफेद बर्फ की चादर ओढ़ ली है. वहीं निचले इलाकों में बारिश से सर्दियों ने दस्तक दे दी है. बर्फबारी के साथ तेज हवाओं से खतरा भी बढ़ा है. इसी बर्फीले नजारे के बीच करीब 3 हजार श्रद्धालु ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा पर निकले हैं.
उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले में स्थित गुरेज घाटी की सुरम्य तुलैल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जिससे पूरे इलाके में ठंडक बढ़ गई है. लद्दाख सीमा के करीब काबुल गली में हुई इस बर्फबारी ने घाटी की खूबसूरती बढ़ा दी है. सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही ये इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है.
देश के कई हिस्सों में जहां जुलाई की गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं लद्दाख के वारी ला पास पर ताजा बर्फबारी ने सबका ध्यान खींच लिया. आखिर गर्मियों के बीच यहां बर्फ क्यों गिरी?
दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं. इनसे पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. वहीं, मैदानी इलाकों खासकर दिल्ली-NCR में तापमान तेजी से बढ़ेगा. मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
हिमालय में गिरने वाली बर्फ का असली आंकड़ा अब तक दुनिया से छिपा रहा. नई स्टडी बताती है कि ग्लोबल मौसम मॉडल कई इलाके में बर्फबारी का अनुमान काफी कम लगा रहे हैं, जिससे मौसम और पानी के आकलन पर असर पड़ सकता है.