उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों बर्फबारी का दौर जारी है. कश्मीर घाटी से लेकर हिमाचल प्रदेश के शिमला-मनाली और उत्तराखंड के केदारनाथ तक सफेद चादर बिछ गई है. मार्च के महीने में जब वसंत आने वाला होता है, तब अचानक हुई यह बर्फबारी लोगों को हैरान कर रही है. पर्यटक बर्फबारी के मनमोहक नजारे और खूबसूरती का मजा ले रहे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित भी हुआ है.
कश्मीर में कई जिलों में ताजा बर्फबारी
कश्मीर के कई इलाकों में बीते दिन यानी 15 मार्च को फिर से अच्छी बर्फबारी हुई है. श्रीनगर के आसपास की ऊंची चोटियों, गुलमर्ग, सोनमर्ग, गुरेज और शोपियां में बर्फ गिरने से पूरे इलाके सफेद हो गए हैं. लोगों का कहना है कि वसंत शुरू होने से पहले कश्मीर ने फिर से सर्दी रिटर्न हो गई है.
बर्फ से ढके पहाड़, घाटियां और हर तरफ बर्फ की बिछी चादर का नजारा मनमोहक है. पर्यटक फोटो खींचने और स्नो का आनंद ले रहे हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने आगे भी बर्फबारी की संभावना जताई है.
बर्फ की चादर में लिपटे शिमला और मनाली के पहाड़
हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली, कुल्लू और कुफरी जैसे इलाकों में मार्च में ताजा बर्फबारी हुई है. मनाली में पर्यटक सोलंग वैली और रोहतांग पास की तरफ जा रहे हैं, जहां बर्फबारी से मजेदार माहौल बन गया है. शिमला की मॉल रोड और आसपास के इलाकों में भी बर्फ जमा है.
पर्यटक बर्फ में खेल रहे हैं, स्नोमैन बना रहे हैं और गर्म चाय-मोमोज का मजा ले रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 12 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी बर्फबारी हुई है. 16 मार्च को भी कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है.
अटल-टनल, रोहतांग में बर्फबारी से बिगड़े हालात, रातभर फंसे हजारों सैलानी!
पर्यटन नगरी मनाली में रविवार दोपहर तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम का मिजाज बदला और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई. दिन के समय पर्यटक लाहौल घाटी और अटल टनल की सैर पर निकले थे, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि मौसम इतनी जल्दी दगा दे जाएगा. शाम होते-होते अटल टनल और आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी इतनी तेज हो गई कि सड़कों पर अचानक फिसलन बढ़ गई, जिसकी वजह से देखते ही देखते 1000 से ज्यादा वाहन बर्फ के बीच फंस गए.
केदारनाथ धाम में बर्फ की चादर
उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम में भी मार्च में बर्फबारी का असर दिख रहा है. ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फ गिरने से पूरा क्षेत्र सफेद हो गया है. केदारनाथ घाटी और आसपास के पहाड़ बर्फ से ढक गए हैं. हालांकि, मार्च में बर्फबारी कम होती है, लेकिन इस बार मौसम ने सरप्राइज दिया. निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है और तापमान गिरा है. श्रद्धालु और पर्यटक इस खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं. मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, चमोली जैसे जिलों में दो दिन हल्की बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया है.
पर्यटक खुश, प्रशासन अलर्ट
एक तरफ जहां बर्फबारी से पर्यटक खुश हैं. लोग कह रहे हैं कि मार्च में भी इतनी बर्फ देखना दुर्लभ है. वहीं, भारी बर्फबारी से सड़कें बंद होने, जाम लगने और आवाजाही मुश्किल होने की समस्या भी है. बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) और स्थानीय प्रशासन सड़कें साफ करने में जुटे हैं.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल सर्दियों में बर्फबारी कम हुई थी, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण मार्च में भी अच्छी बर्फबारी हो रही है.