सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) कांग्रेस के पूर्व नेता थे. 20 अगस्त 2026 को उनका निधन हो गया है. खबरों के अनुसार, उन्हें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ब्रॉट डेड बताया.
सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे.
सज्जन कुमार बाहरी दिल्ली से भारत की संसद के निचले सदन लोकसभा के लिए चुने गए थे. 1984 के सिख विरोधी दंगों में उनकी भूमिका और हत्या में दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. सिख दंगे से जुड़े मामले में 25 फरवरी 2025 को राउज एवन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी (Sajjan Kumar Life Imprisonment).
सज्जन कुमार का जन्म 23 सितंबर 1945 को हुआ था. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की और धीरे-धीरे दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई.
साल 1977 में सज्जन कुमार ने दिल्ली के पार्षद के रूप में शपथ ली थी. उन्हें प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता गुरु राधा किशन ने शपथ दिलाई थी. इसके बाद वह दिल्ली नगर निगम के लिए चुने गए. स्थानीय राजनीति में काम करने के बाद उनकी भूमिका कांग्रेस संगठन में भी बढ़ी और उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया था.
साल 1980 में सज्जन कुमार पहली बार 7वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे. लोकसभा में उन्होंने कार्य और आवास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य के रूप में भी काम किया था. उस समय उन्हें कांग्रेस नेता संजय गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता था. राजनीति में सक्रिय होने से पहले और अपने शुरुआती दौर में वह बेकरी व्यवसाय से भी जुड़े रहे.
साल 1991 में सज्जन कुमार दोबारा लोकसभा के लिए चुने गए. इसके बाद 2004 में उन्होंने बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. इस चुनाव में उन्हें 8,55,543 वोट मिले थे. 2005 के बाद उन्होंने शहरी विकास संबंधी संसदीय समिति और सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से जुड़ी समिति के सदस्य के रूप में भी काम किया था.
बीजेपी के तीन सांसद बीते दिन सिख विरोधी दंगो के दोषी व दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे. अब इसपर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई है.
सज्जन कुमार को कथित तौर पर ‘रोल मॉडल’ बताने के मामले में दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ अब कांग्रेस के भीतर से ही कार्रवाई की मांग उठ रही है. कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है.
शनिवार को सिख नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. वे कांग्रेस के कुछ नेताओं की उन कथित टिप्पणियों से नाराज थे, जिसमें पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 'हीरो' और 'रोल मॉडल' बताया गया था.
कांग्रेस के पूर्व सांसद और नेता सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया. सफदरजंग अस्पताल ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद सज्जन कुमार को मृत घोषित कर दिया.
कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का 80 वर्ष की उम्र में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद वह तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच उनके निधन की खबर सामने आई.
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया. कभी पश्चिमी दिल्ली में कांग्रेस के सबसे प्रभावी चेहरे रहे सज्जन कुमार का राजनीतिक जीवन विवादों, आपराधिक मुकदमों और अदालती फैसलों के साये में ही बीता.
सिख विरोधी दंगों के मामले में सजा काट रहे सज्जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. उनकी बुजुर्ग और बीमार पत्नी से मिलने के लिए जमानत पर रिहाई की मांग खारिज कर दी है.
40 साल से न्याय का इंतजार कर रहे इन परिवारों के लिए दिल्ली की एक अदालत का फैसला घावों को फिर से हरा करने जैसा रहा. अदालत ने जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को एक मामले में बरी कर दिया.
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक अहम मामले में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जनकपुरी और विकासपुरी में हुई हिंसा के मामले में सबूतों के अभाव और सज्जन कुमार की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें बरी करने का आदेश दिया है.
1984 दंगा मामले के दोषी सज्जन कुमार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी है. सज्जन कुमार, कांग्रेस पार्टी के सांसद रह चुके हैं. कोर्ट के इस फैसले पर दंगा पीड़ित परिवारों ने क्या रिएक्शन दिए? क्या वो फैसले से संतुष्ट हैं? पंजाब आजतक में देखिए.
1984 के सिख दंगों में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दिल्ली की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह को जिंदा जलाया गया था. 41 साल बाद मिले इस इंसाफ पर सवाल उठ रहे हैं. सज्जन कुमार अब 80 वर्ष के हैं और उनके पास अपील का विकल्प है. न्याय की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है.
Sajjan Kumar Case Timeline: साल 1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में दोषी पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा मिली है. इस केस की जांच करने वाली एसआईटी ने 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' बताते हुए फांसी की सजा की मांग की थी.
1984 anti-Sikh riots: 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े केस में आज कोर्ट ने फैसला सुनाया. दिल्ली के सरस्वती विहार हिंसा मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. यह सज्जन कुमार की दूसरी उम्रकैद है, पहले वे दिल्ली कैंट मामले में सजा काट रहे हैं. देखें इस पर पीड़ित पक्ष के वकील क्या बोले?
1984 के सिख विरोधी दंगों में एक महत्वपूर्ण निर्णय आया है. दिल्ली के सरस्वती विहार हिंसा मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह सज्जन कुमार की दूसरी उम्रकैद है; इससे पहले वे दिल्ली कैंट मामले में उम्रकैद काट रहे हैं.
सिख विरोधी दंगे (1984) से जुड़े दिल्ली के सरस्वती विहार हिंसा मामले में दोषी कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह दूसरी बार है जब सज्जन सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसके पहले दिल्ली कैंट मामले में सज्जन कुमार उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. देखें.
कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता सज्जन कुमार को सिख दंगे से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. यह केस 1984 सिख दंगों में बाप-बेटे को जिंदा जलाने से जुड़ा हुआ है.
Anti Sikh Riot: 1984 के दंगों से जुड़े एक और मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले से कुछ पीड़ित परिवार खुश हैं तो कई पीड़ित परिवारों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि सज्जन कुमार को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए थी.
सज्जन कुमार के खिलाफ सिख दंगों से जुड़े तीन केस चल रहे हैं, जिसमें से एक में उन्हें बरी किया जा चुका है और दूसरे में आज उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. साल 2018 में 5 सिखों की हत्या से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. पूर्व सांसद फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं.
सिख दंगों से जुड़े मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दिल्ली पुलिस और पीड़ितों ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कैटेगरी में मानते हुए सज्जन कुमार के खिलाफ फांसी की सजा मांगी थी. हालांकि, कोर्ट ने सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई.
1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को एक और मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. यह मामला दिल्ली के सरस्वती विहार का है, जहां 1 नवंबर 1984 को दो सिख नागरिकों - जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या की गई थी. सज्जन कुमार पहले से ही एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.
1984 सिख दंगा केस से जुड़े एक और मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी करार दिया है. हालांकि, कोर्ट की तरफ से अभी कुमार को सजा नहीं सुनाई गई है. वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद 84 दंगा पीड़ित बेहद खुश हैं. देखें पंजाब