Parliament Budget Session Proceedings Live प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. पीएम की स्पीच के दौरान विपक्ष वॉकआउट कर गया है. विपक्षी की गैर मौजूदगी में पीएम की स्पीच जारी है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न इच्छाशक्ति थी, ना ही विजन.
इससे पहले, राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी तकरार हुई. खड़गे ने राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही एक दिन पहले लोकसभा में हुए घटनाक्रम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. इस पर नड्डा ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि दूसरे सदन की बात यहां नहीं कर सकते.
वहीं, लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी सदस्य फिर से वेल में आ गए. हंगामे के बीच ही स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए ले लिया और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
राज्यसभा से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया है. धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही न6 फरवरी, शुक्रवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया. सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पीएम के जवाब के बाद धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए लिया और विपक्ष की गैरमौजूदगी में ध्वनिमत से यह पारित हो गया.
पीएम मोदी ने कहा कि हम क्वालिटी उत्तम से उत्तम करेंगे, भले मुनाफा कम क्यों न हो. देशवासी मेरा साथ दें क्वालिटी के मामले में, दुनिया में मेड इन इंडिया की धूम होगी. कांग्रेस के मित्रों का भी आभार, क्योंकि वे जानते हैं कि एकबार शुरू होता हूं तो रुकता नहीं है. कांग्रेस के मित्रों ने समझदारी से काम लिया और ऐसी समझ उनको निरंतर मिलती रहे.
पीएम मोदी ने कहा कि गरीब की सेवा ही मेरा सौभाग्य है, चार करोड़ गरीबों को पक्के घर देना, बिजली पानी शौचालय, मुझे लगता है कि परमात्मा ने सही दिशा में काम करने की प्रेरणा दी है. देश का मिजाज बदला है, आत्मविश्वास बढ़ा है. देश के करोड़ों लोगों का जिस पर आशीर्वाद हो, माताओं-बहनों का जो भाव रहा है, कितने भी नारे लगा लो, कब्र तुम नहीं खोद पाओगे. ये आशीर्वाद ही हैं, जो इनको चुभते हैं. चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है, जिन्होंने एक गुजराती का सरनेम चुरा लिया, महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया, ये लोग. देश की जनता इतनी समझदार है कि देश की जनता पटक देती है. हम देश को 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लेकर चले हैं. हमारे कुछ साथी इतनी अनभिज्ञ लोग जमीन से इतने कटे हुए हैं, कह रहे ये क्या बोल रहे हैं. आजादी की लड़ाई में जो सेनानी देश के लिए निकल पड़े थे, उन्होंने सोचा होता कि हमारे रहते आजादी मिलेगी नहीं, मैं क्यों करूं तो क्या आजादी मिली होती. कांग्रेस के समय एक व्यंग्य चला करता था- इंडिया मिस द बस. आज भारत कोई बस मिस नहीं कर रहा, काफिले का नेतृत्व कर रहा है. देश का भविष्य उज्ज्वल बनाना है, वर्तमान के लिए भी अविरल काम कर रहे हैं.हम दिशा तय करके चलते हैं. हमारे लिए अगला चुनाव लक्ष्य नहीं होता. हमारा लक्ष्य 2047 विकसित भारत है. चुनाव आएंगे, जाएंगे... देश अजर अमर रहने वाला है. आज जो गर्भ में बालक है, उसे देखकर भी काम करता हूं कि समृद्ध देश देकर जाऊं. आज देश नई सिद्धियों को लेकर आगे बढ़ रहा है. हम आने वाले समय को समझ रहे हैं. दुनिया मानने लगी है कि भारत बहुत कुछ दे सकता है. क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ राजनीतिक हथियार बन गए हैं दुनिया में, हम उस पर भी काम कर रहे हैं कि कभी भारत को किसी के सलामने हाथ न फैलाना पड़े. आज दुनि्या यह सोच रही है कि बस मिस ना करें, भारत सही दिशा में चल रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि उनको दिक्कत है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे. उनको तो लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है. कोई और नहीं बैठना चाहिए. हमारा पैतृक अधिकार था, इसलिए मोदी की कब्र खोदने का नारा लेकर चल रहे हैं. कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने दशकों तक मौका दिया है. आपने गुमराह किया, गरीबी हटाओ के नारे दिए. लाल किले से कांग्रेस के किसी भी प्रधानमंत्री के भाषण में गरीबी हटाने की बात ना आई हो, ऐसा नहीं हुआ. लेकिन क्या किया, इसका कुछ नहीं पता. देश के गरीबों को सलाम करता हूं कि योजनाओं को समझा, अपनाया और अपनी सामर्थ्य को बढ़ाने का प्रयास किया. 25 करोड़ गरीब परिवार के भाइयों ने गरीबी को परास्त किया और गरीबी से बाहर आए हैं. सारी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग् बंद करा दीं, इसलिए मोदी की कब्र खोदने में लगे हैं. 18 हजार गांवों ने बिजली शब्द नहीं सुना था, उन गांवों में उजाला पहुंचाया, इसलिए इनको मोदी की कब्र खोदने के अलावा कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है. वह भी एक वक्त था, जब सरहद की स्थिति को लेकर हेडलाइन लगती थी. हमने उस स्थिति को बदला. मोहब्बत की दुकान के साइन बोर्ड लगाते हैं और बातें नफरत की करते हैं. इनकी सरकार रिमोट से चलती थी, मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है. मेरी सरकार का रिमोट 140 करोड़ लोगों के पास है. सत्ता हमारे लिए सुख का माध्यम नहीं, सेवा का माध्यम है. कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप कल्चर को प्रमोट ही नहीं किया. इनका तो हाल ये है कि अपने घर के स्टार्टअप को भी लिफ्ट नहीं कर पा रहे हैं. हमारी सरकार में आज दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत की जमीन तैयार कर रहे हैं. कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है. मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं. ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है. क्या ये संविधान का अपमान नहीं है. इसके बाद भी वे बयान देंगे, देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था. 2002 से 2014 से, पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो इन लोगों ने. मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि डेली दो किलो गाली खाता हूं. मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैं, ये नारा नहीं, इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है. हमने 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में बम बारूद की छाया समाप्त कर विकास की राह अपनाई, पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए साहसपूर्ण कदम उठाते हैं, इसलिए मोदी की कब्र खोदनी है इनको. नेहरू जी ने बहुत बड़ा अन्याय किया था देश के साथ, उसे हमने निलंबित कर दिया, क्या इसलिए कब्र खोदने की बात कर रहे हो.
पीएम मोदी ने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी. यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है. विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में बड़ी दर्दनाक घटना घटी. सदन में इस तरह का माहौल बना दिया गया. चेयर पर कागज फेंके गए. तब चेयर पर असम के ही एक सदस्य थे. क्या ये असम का अपमान नहीं. कल फिर फेंके गए कागज, तब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य थे. भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया, तब इन्होंने उसका भी विरोध किया. ये असम का विरोध है, पूरे देश के कलाप्रेमियों का विरोध है. असम इसे भूलने वाला नहीं है. इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया. अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका. कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा. ये सिख थे. ये सिखों का, गुरुओं का अपमान था. सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल कहा. वह भी ऐसे व्यक्ति को कहा, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार है. सिख है, इसलिए गद्दार कहना... दुर्भाग्य की बात है. सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में क्या भाव है. एक तरफ ये दर्द, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है. राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए. कटे पैर से जिंदगी गुजार रहे, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में जरा भी कटुता नहीं. उन्होंने जब अपने लिंब को टेबल पर रखा, वह दृष्य़ पीड़ादायक था. हम ऐसे लोगों से ही राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई जिले ऐसे थे, जिन्हें पिछड़ा मानकर के छोड़ दिया गया था. मौलिक जरूरतें भी नकार दी गई थीं. ये इलाके और पिछड़े होते चले गए. पनिशमेंट पोस्टिंग ऐसे जिलों में दी जाती थी. हमने स्थिति बदला. होनहार अफसरों को लगाया और तय किया कि तीन साल का मौका दिया जाएगा. बस्तर को देखिए. आज विकास की धारा बह रही है. पहली बार बस पहुंची तो पूरे गांव ने उत्सव मनाया. क्रियान्वयन क्या होता है, इसका आकांक्षी जिला बड़ा उदाहरण है. ये लोग यही जीप-खच्चर वाला मॉडल जानते हैं. उन्होंने सरदार सरोवर बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरा जन्म नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने इसकी कल्पना की थी. सीएम रहते तीन दिन धरना दिया, खुद को दांव पर लगा दिया, तब ये बांध बना. मेरे सामने ऐसे कई विषय आए, जिसमें एक-एक अटके प्रोजेक्ट आए. हमने एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाया, अभी 50वीं बैठक की. हरेक की बारीकी से देखा. इसे प्रधानमंत्री की तरफ से देखे जाने के कारण 85 लाख करोड़ का काम हुआ है. रेल, रोड, सिंचाई... हमने सारी चीजों को इसमें लिया. जम्मू ऊधमपुर बारामूला रेल लाइन, आजकल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बर्फ के बीच से वंदे भारत निकल रही है. यही हिंदुस्तान है. हमारी सरकार ने इसको पूरा किया. असम की बात बताऊं, चुनाव की वजह से नहीं बोल रहा. कांग्रेस सिर्फ इमेजिन करती है. बोगी ब्रिज असम-अरुणाचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ब्रिज है. हमने इस लटके काम को पूरा कराया. हमने पूरी दुनिया को कहा था कि सोलर में यहां 2030 में पहुंचेंगे, 2025 में ही पूरा कर लिया. हमारी अप्रोच और कांग्रेस के बीच में बहुत फर्क है. हमारी सोच ये है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं, कि चुनौतियों को पार कर सकते हैं. कांग्रेस देशवासियों को ही समस्या मानती है. किस तरह से ये लोग सोचते थे देश के लिए, नेहरू और इंदिरा की सोच क्या थी. इंदिरा जी एकबार ईरान गई थीं. वहां भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया. खुद कहा, - जब किसी ने मेरे पिता जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है. तो उन्होंने जवाब दिया था- 35 करोड़. तब देश की आबादी 35 करोड़ थी. इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा गांधी ने आगे कहा कि आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है, इसलिए मेरी समस्या भी उतनी ही बड़ी है. ये फर्क है उनकी सोच और हमारी सोच में. नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों, या पूरी कांग्रेसी बिरादरी हो. ये लोग भारत के लोगों को समस्या मानते हैं. मेरे कई कोटेशन मिलेंगे, चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ समाधान हमारे पास हैं. ऐसी सोच वाले लोग अपने परिवार का ही भला करेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास न तो इच्छाशक्ति थी, ना नीति. देश आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है. 2014 के पहले कांग्रेस नेताओं के फोन पर बड़े-बड़े लोन दिए जाते थे. एनपीए बढ़ता जा रहा था. हमने बैंकिंग सेक्टर को विश्वास में लिया, रिफॉर्म्स किए और आज एनपीए एक फीसदी से भी नीचे पहुंच गया है. उन्होंने बगैर गारंटी मुद्रा लोन से लेकर पीएसयू के रिकॉर्ड प्रॉफिट पर पहुंचने तक का जिक्र किया और कहा कि ये पीएसयू मेक इन इंडिया को पूरा कर रहे हैं. इन पीएसयू को कांग्रेस के नेताओं ने बदहाली की कगार पर पहुंचा दिया था. हमने किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को चार लाख करोड़ रुपये भेजने का काम किया है. छोटे किसानों को लेकर हमें बड़ा दर्द है. उन्होंने कहा कि हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे और वहां से आने के बाद खुद उन्होंने यह घटना कहीं सुनाई. नेता ने कहा कि काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा. क्योंकि वे काफी समय तक पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने को तैयार ही नहीं थे. हमने कहा कि पाड़ी इलाकों में हमारे मजदूरों को जीप की नहीं, खच्चर की जरूरत है. कहा गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, खच्चर के लिए नहीं. उस समय वहां सड़क नहीं थी. ये भाषण इंदिरा गांधी का है. कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही. इंदिरा जी जानती थीं कि ये पाप चल रहा, लेकिन सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. वह जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता खुद उनके पिता जी थे. 2014 तक सब परेशान थे, लेकिन सुधार को तैयार नहीं थे. 2014 में जब हमें मौका मिला, हमने उस कमीशन को खतम कर दिया और नीति आयोग बनाया, जो आज तेज गति से काम कर रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक, हाल में हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया हमारी ट्रेड डील की तारीफ कर रही है. विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है. हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है. उन्होंने कहा कि इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था. विपक्ष ने मौका गंवा दिया, देश कैसे भरोसा करे. एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं. टीएमसी के लोग यहां उपदेश दे रहे थे. जो निर्मम सरकार के सारे पैरामीटर पूरी कर रहे हैं. घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों में ताकत लगा रहे हैं. घुसपैठिए नौजवानों की रोजी-रोटी, आदिवासियों की जमीन छिन रहे हैं. यहां आकर वे हमें उपदेश दे रहे हैं. एक हमारे सदस्य काफी कुछ बोल रहे थे. जिनकी पूरी सरकार शराब में डूब गई, वह काफी कुछ बोल रहे थे. ऐसे सभी साथियों से ये जरूर कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे. कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट... ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे, सत्ता में भागीदार रहे. राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला. अब डील की चर्चा होती है, नागरिकों के जीवन में बदलाव आ रहा है. इनकी प्राथमिकता अपनी जेबें भरने की रही.
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद आज वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है. दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है. दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ है. भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बना है. उन्होंने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिये इच्छाशक्ति दिखाई थी, जापान हमारा पार्टनर था. आज देश सामर्थ्य दिखा रहा है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही. प्रधानमंत्रियों की लाल किले की प्राचीर से भाषण का विश्वलेषण कर लें, समझ आ जाएगा कि उनके पास विजन नहीं था. पीएम ने कहा कि उनकी गलतियों को ठीक करने में हमारी ज्यादातर ताकत लग रही है. आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. आज दुनिया हमारे उद्यमियों को समानता की दृष्टि से देख रही है. एमएसएमई का नेटवर्क जितना सामर्थ्यवान होता है, आज इस पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं.. पीएम मोदी की स्पीच के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने वेल में आकर जोरदार नारेबाजी की, हंगामा किया. हंगामे के बीच ही पीएम मोदी ने अपना जवाब जारी रखा. विपक्षी सदस्यों ने पीएम के विरोध में वॉकआउट कर दिया. पीएम मोदी ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग थक गए, बिचारे चले गए, लेकिन कभी न कभी उनको जवाब देना पड़ेगा. उन्होंने ऐसी स्थिति बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे डील करने के लिए आगे नहीं आता था. आप पीछे-पीछे लगे रहे होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद् प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमें ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है. हमें लक्ष्य को प्राप्त करना है. पीएम मोदी ने कहा कि देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है. आज दुनिया भरोसे के साथ भारत की ओर देख रही है. पीएम मोदी ने कहा कि देश आज तेज गति और लो इंफ्लेशन के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है. देश हमें फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में मिला था. हम इसे चौथे नंबर तक लेकर आए हैं और बहुत जल्द तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था. मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है. आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है. हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है. उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं. वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं. हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है. युवा आबादी वाला देश है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. पीएम मोदी की स्पीच के बीच विपक्ष के सदस्य वेल में आकर जोरदार हंगामा कर रहे हैं. विपक्षी सदस्य वेल में नारेबाजी कर रहे हैं. विपक्ष के हंगामे पर पीएम मोदी ने चुटकी ली और कहा कि खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठे-बैठे भी नारे बोलने की इजाजत दे दी जाए. पीएम हंगामे के बीच ही बोल रहे हैं. विपक्षी सदस्य जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है. एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है. राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि... सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है. देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है. हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है. ये हम सभी के लिए प्रेरक है.
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा की कार्यवाही में शामिल होने पहुंच गए हैं. पीएम मोदी शाम पांच बजे उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देंगे.
एक दिन पहले लोकसभा में जब विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, पीएम की चेयर का घेराव किया, तब आसन पर संध्या राय थीं. उन्होंने कहा कि सभी प्रधानमंत्री को सुनना चाहते थे, लेकिन ऐसा माहौल बन गया था कि मुझे सदन स्थगित करना पड़ा. संध्या राय ने कहा कि तब महिला सांसद एकदम से प्रधानमंत्री की कुर्सी की तरफ आ गई थीं.
रामदास अठावले ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी के साथ था. सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कई बार सामाजिक न्याय मंत्री से मिला. कांग्रेस पार्टी ने कुछ नहीं किया, ऐसा नहीं है. लेकिन जितना करना चाहिए था, उतना नहीं किया. मैं यूपीए में था, तब इन्होंने मुझे मंत्री बना दिया होता तो मैं इधर नहीं आता. नहीं बनाया तो अच्छा हुआ, उधर पांच साल मंत्री रहता, इधर 13 साल मंत्री हूं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में यह कहा है कि पीएम मोदी को सदन में आने से उन्होंने ही मना किया था. स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता था. कल जो सदन में हुआ, वह काले धब्बे की तरह है.
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महाराष्ट्र से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को इंसाफ की मांग उठाई और पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का कद छोटा करने की कोशिश का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू का नाम आइंस्टीन के साथ लिया जाता है और आपके साथ एपस्टीन का नाम आता है. आप नेहरू के कद को छोटा नहीं कर पाओगे.
लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो गई है. स्पीकर ओम बिरला ने सदन में यह जानकारी दी कि उन्होंने पीएम मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था. स्पीकर ने अपनी बात मानने के लिए पीएम के प्रति आभार जताया और कहा कि अगर वह सदन में आते, तो कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता था. स्पीकर ने इसके बाद विपक्ष के हंगामे पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. लोकसभा में बजट पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी.
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मुझे बहुत दुख के साथ सभा को यह सूचित करना है कि कल मेरे चैंबर में कुछ सदस्यों ने जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा कभी नहीं हुआ. प्रतिपक्ष के सदस्यों ने जो व्यवहार किया, वह काले धब्ंबे की तरह था. हम सभी को सदन सुचारू रूप से चलाना चाहिए. जब सदन के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तब मेरे पास यह जानकारी आई कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं. इसके बाद मैंनै नेता सदन से आग्रह किया कि उनको सदन में नहीं आना चाहिए. पीएम का आभार, कि उन्होंने मेरा आग्रह माना.
प्रधानमंत्री संसद परिसर में मौजूद थे लेकिन स्पीकर के फैसले के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देने नही आ पाए. आपको बता दें कि नेता विपक्ष राहुल गांधी को ना बोलने देने को लेकर कांग्रेस सांसद नाराज थे. कांग्रेस की महिला सांसदों ने पीएम के भाषण से पहले पीएम की कुर्सी का घेराव किया था.
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राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है. यूपी से बीजेपी के सांसद बाबूराम निषाद ने कहा कि आज गांव में किसी के पास बिस्वा-दो बिस्वा खेत है, वो भी बेचनी की बजाय उसे सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है. पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि देकर नकिसानों को सम्मान दिया है. किसान रोज की दिनचर्या की समस्याओं से जूझ रहे थे. मोदी सरकार ने उनके प्रति काम कर के दिखाया है. मछुआरा समुदाय की कोई सुधि नहीं ले रहा था. मैं तो आज कहूंगा कि मोदी जी मछुआरों के सूत्रधार, सशक्तिकरण के प्रधान शिल्पी और मछुआरों के गॉडफादर हैं.
लोकसभा की कार्यवाही दो बजे जैसे ही तीसरी बार शुरू हुई, विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. आसन पर आईं संध्या राय ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार को अनुचित बताते हुए उनसे अपनी चेयर पर जाने, सदन चलने देने की अपील की. पीठासीन की अपील का सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ. संध्या राय ने यह भी कहा कि सोमवार से सदन में जिस तरह का आपका व्यवहार है, पूरा देश देख रहा है. उन्होंने इसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी.
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा में आसन पर संध्या राय आई हैं. संध्या राय ने सदस्यों से नियम 377 के तहत जिन सदस्यों को मुद्दे उठाने की अनुमति दी गई है, उनसे 20 मिनट के भीतर अनुमोदित पाठ सदन पटल पर रखने के लिए कहा. वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नहीं बोलने दिए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में सरकार को घेरा. इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने आपत्ति की.
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राज्यसभा में भोजनावकाश हो गया है. शून्यकाल और प्रश्नकाल के बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. राज्यसभा में अब दो बजे से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी.
लोकसभा में दो बजे से बजट पर चर्चा शुरू होगी. स्पीकर ओम बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद बजट पर चर्चा की बात कही, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही इससे आगे नहीं चल सकी. स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी. लोकसभा की कार्यवाही दो बजे जब शुरू होगी, बजट पर चर्चा की शुरुआत हो सकती है.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब दिए बिना ही ध्वनिमत से पारित हो गया है. विपक्ष के हंगामे के बीच ही स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए ले लिया. इस प्रस्ताव पर हुई चर्चा का पीएम मोदी को जवाब देना था.
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लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब पीएम मोदी को देना था. पीएम मोदी 4 फरवरी को चर्चा का जवाब देने वाले थे. इसके लिए शाम 5 बजे का समय भी तय था, लेकिन हंगामे की वजह से ऐसा नहीं हो सका था. इसके बाद संभावनाएं जताई जा रही थीं कि पीएम आज इस चर्चा का जवाब दे सकते हैं. अब इन सभी कयासों पर विराम लग गया है. पीएम की स्पीच के बिना ही हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा से पारित हो गया है. स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए लिया और ध्वनिमत से सदन ने इसे पारित कर दिया.
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया. हंगामे के बीच ही स्पीकर ओम बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वोटिंग शुरू करा दी है. वहीं, राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने दिल्ली और देश में बच्चों के गायब होने का मुद्दा राज्यसभा में उठाया. उन्होंने कहा कि हर आठ मिनट में एक बच्चा गायब हो रहा है. दिल्ली इस मामले में भी कैपिटल बन गया है. संदीप पाठक ने मुंबई और कोलकाता के आंकड़े भी सदन में बताए और इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की.
राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को नसीहत दी कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. उन्होंने कहा कि आप स्वतंत्र रूप से अपनी पार्टी चलाइए. जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी तैयार बैठे थे, वहां जो भी चीजें हुईं, उनका जवाब देने के लिए. आपने सदन ही नहीं चलने दिया.
लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा गुरुवार को राज्यसभा में उठा. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि दूसरे सदन में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने इतना कहा था कि नेता सदन जेपी नड्डा ने आपत्ति की. जेपी नड्डा ने कहा कि आप दूसरे सदन की बात यहां नहीं कर सकते. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने का पूरा मौका दिया गया. उनको कई बार मौका दिया गया. सदन नियमों से चलेगा. वह नियम ही नहीं मानते.