मुर्शिदाबाद (Murshidabad) पश्चिम बंगाल राज्य का एक जिला है (District of West Bengal). यह जिला गंगा नदी (Ganga River) के बाएं किनारे पर स्थित है. यह एक घनी आबादी वाला जिला है और भारत में नौवां सबसे अधिक आबादी वाला है. बेरहामपुर शहर जिले का मुख्यालय है. अधिकांश लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं (Murshidabad Economy). जिलेका क्षेत्रफल 5,324 वर्ग किमी है (Murshidabad Area).
मुर्शिदाबाद शहर, बंगाल के नवाबों की सत्ता की सीट थी. कभी पूरे बंगाल का शासन इसी नगर से होता था. नवाब सिराज-उद-दौला के प्लासी के युद्ध में अंग्रेजों से हारने के कुछ वर्षों बाद, बंगाल की राजधानी को कलकत्ता के नए स्थापित शहर में स्थानांतरित कर दिया गया था. जिले का नाम मुर्शिदाबाद के ऐतिहासिक शहर के नाम पर रखा गया है, जिसका नाम नवाब मुर्शिद कुली खान के नाम पर रखा गया था (Murshidabad History).
जिले में 22 विधानसभा क्षेत्र है (Murshidabad Constituencies). 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 7,103,807 है (Murshidabad Population) और जनसंख्या घनत्व 1,334 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है (Murshidabad Density). इसकी साक्षरता 62.59 फीसदी है (Murshidabad literacy) और लिंगानुपात 958 है.
देबीपुर की जमीनी हकीकत बताती है कि बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में पहचान, प्रशासन और राजनीति के बीच गहरी खाई बन चुकी है. एसआईआर प्रक्रिया की खामियों से लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. युवाओं में अब पहचान की राजनीति से ज्यादा शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है, जो राजनीतिक जागरूकता का संकेत है.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में चुनावी प्रचार के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. अधीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने उनके प्रचार में बाधा डाली और उनके साथ बदसलूकी की.
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला एक बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है, खासकर मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे पारंपरिक गढ़ों में. लेफ्ट से दूरी बनाकर पार्टी अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में है. मुस्लिम बहुल सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने से वोट बैंक का बंटवारा तय माना जा रहा है.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान जमकर बवाल और पथराव हुआ. घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और सेंट्रल फोर्सेस तैनात कर दी गई हैं. फिलहाल, हालात काबू में हैं और कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
सुप्रीम कोर्ट ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में NIA जांच पर रोक लगाने की मांग वाली पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला संतुलित है और राज्य सरकार अपनी आपत्तियां वहीं उठा सकती है.
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण के दूसरे दिन एक नई राजनीति उभर रही है. कल से शुरू हुई मस्जिद बनवाने की प्रक्रिया के बाद आज हुमायूं कबीर ने बाबरी मार्च निकाला है. इस मार्च का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम वोटिंग ब्लॉक को साधना बताया जा रहा है. यह राजनीतिक गतिविधि क्षेत्र में नई बहस और हलचल को जन्म दे रही है. मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने और उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट का यूपी कनेक्शन जितना मजबूत है, असर भी वैसा ही महसूस किया जा रहा है. ऐसा लगता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए हुमायूं कबीर ने बंगाल में कैंपेन का मसाला तो दे ही दिया है, यूपी चुनाव के लिए भी एक मुद्दा अभी से थमा दिया है.
प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत के बाद 16 जनवरी को पश्चिम बंगाल के बेलडांगा में हिंसा भड़क उठी थी. गुस्साए लोगों ने दावा किया कि बांग्लाभाषी होने के कारण अलाउद्दीन को बांग्लादेशी समझकर हत्या की गई.
हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे मस्जिद निर्माण का काम औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि निर्माण शुरू होने से पहले लगभग 1000 से 1200 मौलाना, मुफ्ती और धर्मगुरु पवित्र कुरान की तिलावत करेंगे.
मुर्शिदाबाद में निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर से जुड़े मामले में सियासी तनाव बढ़ गया है. बाबरी मस्जिद के नाम से प्रस्तावित मस्जिद निर्माण से दो दिन पहले पुलिस ने उनकी बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त कीं. कबीर और उनके परिवार ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद का मुद्दा गर्मा गया है. हुमाऊं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी नाम से मस्जिद बनाने के लिए नींव रखी तो अब हिंदू संगठन ने बंगाल कूच करके विरोध का ऐलान किया है. चुनावी राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण की पिच तैयार हो रही है, जिससे ममता बनर्जी कैसे पार पाती हैं?
झारखंड में मुर्शिदाबाद के प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की संदिग्ध मौत के बाद बेलडांगा में हिंसा भड़क उठी थी. अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस हिंसा की जांच करेगी. टीम जल्द ही घटनास्थल का दौरा करने जाएगी.
झारखंड में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर अलई शेख की संदिग्ध मौत के बाद मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भारी बवाल हो गया. शव गांव पहुंचते ही लोगों ने नेशनल हाईवे-12 और रेलवे ट्रैक जाम कर दिए. परिजनों ने आत्महत्या से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की.
झारखंड में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर की रहस्यमय मौत के बाद मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में भारी तनाव फैल गया. मृतक की पहचान तीस वर्षीय अलई शेख के रूप में हुई है, जो सुजापुर कुमारपुर ग्राम पंचायत का निवासी था. वह परिवार का पालन-पोषण करने के लिए झारखंड में फेरी लगाकर सामान बेचता था. गुरुवार को उसका शव एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को सुरक्षा गार्ड की कथित पिटाई के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित पुलिस कांस्टेबल ने शक्तिपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. हुमायूं कबीर ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को पुलिस ने हिरासत में लिया है. उन पर हुमायूं कबीर के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) से कथित मारपीट का आरोप है. इस बीच बाबरी मस्जिद और आगामी चुनावों को लेकर हुमायूं कबीर के बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है.
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर शवों की राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद से जुड़े विवाद और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है.
पश्चिम बंगाल में धर्म के आधार पर राजनीतिक उबाल जारी है. 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव हुमायूं कबीर ने रखी थी, जिसके बाद तीसरे जुमे की नमाज में हजारों लोग इकट्ठे हुए. इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं और अब धर्म गुरुओं ने इस विवाद में एंट्री की है.
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में पार्टी बनाते ही विवादों को जन्म दिया है. उन्होंने बालीगंज विधानसभा सीट से पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' का टिकट निशा चैटर्जी को दिया था, लेकिन इंटरनेट पर उनके कुछ वीडियो और फोटो आपत्तिजनक बताकर 12 घंटे के भीतर टिकट वापस लिया गया. वहीं, निशा का दावा है कि हिंदू होने के कारण उनका टिकट काटा गया.
मुर्शिदाबाद के जाफराबाद गांव में पिता और पुत्र की मॉब लिंचिंग के मामले में अदालत ने सभी 13 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह नया आपराधिक कानून लागू होने के बाद मॉब लिंचिंग से मौत का देश में दूसरा सजा प्राप्त मामला है.
बीजेपी से टीएमसी होते हुए हुमायूं कबीर ने अब अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है. एक तरफ वो मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं - आखिर पश्चिम बंगाल चुनाव में वो किस मोड़ पर नजर आने वाले हैं.