उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में 22 जून 2026 को लगी आग में कई लोगों की मृत्यु हो गई. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है. इमारत में अचानक आग लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी करते हुए उसके उपाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. साथ ही, हादसे की जांच कर रही एसआईटी से सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है.
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के न लाडप्राओ पब में लगी भीषण आग ने एक बार फिर गोवा और लखनऊ अग्निकांड की याद दिला दी है, जहां आग की लपटों की चपेट ने आने से कई लोगों की मौत हो गई थी.
अलीगंज अग्निकांड की एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि भवन में फायर एग्जिट की जगह नियम विरुद्ध लिफ्ट लगा दी गई थी, जिससे 15 छात्रों की जान नहीं बच सकी. भवन में 20 किलोवाट के स्वीकृत कनेक्शन के मुकाबले 35 किलोवाट से अधिक बिजली इस्तेमाल हो रही थी, जिससे आग और भड़क गई.
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में जान गंवाने वालों में निलेश और उनकी मंगेतर अनामिका सामंता भी शामिल थे. दोनों एक ही एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे और जल्द शादी करने वाले थे. रविवार को ही अनामिका के माता-पिता कोलकाता से आकर रिश्ते को अंतिम रूप देकर गए थे. हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली. निलेश की मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
लखनऊ से कोलकाता तक मौत की लापरवाही है. लखनऊ में भष्ट्र सिस्टम में 15 नौजवानों की सांसें छीन लीं.. वहीं कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ही मौत की वजह बना. इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढकर 8 हो गई. सबसे पहले बात लखनऊ अग्निकांड की करते हैं...लखनऊ अग्निकांड में 15 छात्र-छात्राओं की मौत के मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. देखें...
शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
अलीगंज अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत के बाद LDA, फायर, बिजली विभाग की संयुक्त टीमें घटनास्थल के पास बेसमेंट दुकानों की जांच करने पहुंचीं. ग्राउंड पर जब आजतक ने इनसे पूछा कि हादसों के बाद ही क्यों कार्रवाई होती है, तो कर्मचारी जवाब देने से बचते नजर आए.
लखनऊ अग्निकांड के बाद ग्रेटर नोएडा में कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी जांच के दौरान दो संस्थान सील किए गए. एक सेंटर के तीन क्लासरूम भी बंद किए गए. प्रशासन ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर सख्ती के संकेत दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सोमवार दोपहर अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लग गई थी. इमारत में एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था. हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे.
Lucknow Coaching Fire: लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद से बिल्डिंग्स की फायर एनओसी की जांच की जा रही है. क्या आप जानते हैं आखिर बिल्डिंग मालिक फायर एनओसी लेने से क्यों बचते हैं?
लखनऊ अग्निकांड की जांच में 18 लोग दोषी पाए गए हैं, जिसमें एलडीए अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं. रिहायशी बिल्डिंग का व्यावसायिक उपयोग, फायर सेफ्टी की कमी और लापरवाही की बातें सामने आई हैं.
लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था. विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इनमें से एक अधिकारी के सस्पेंशन को गलत बताया है और हाई-लेवल तकनीकी जांच की मांग की है. समिति का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट या अंदरूनी इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण लगी थी और अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं.
लखनऊ मअग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार किया था. आरोपी ने अपनी दिल की बीमारी होने का बहाना बनाया था ताकि उसे अस्पताल भेजा जाए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे फिट घोषित कर दिया. इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
सीएम योगी के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया है. पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त टीमें बनाकर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया. लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा आदि शहरों में साथ कार्रवाई की गई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसमेंट के इस्तेमाल पर सख्त आदेश जारी किया है. अब किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या कोई भी व्यापारिक काम नहीं किया जा सकेगा. सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने पर कोई छूट नहीं दी जाएगी. सभी सरकारी विभागों को आदेश दिया गया है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करवाएं.
लखनऊ में हुए हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है।. इस त्रासदी ने न सिर्फ लोगों के मन में गहरा दर्द छोड़ा है, बल्कि कई अनसुलझे सवाल भी खड़े कर दिए हैं.
लखनऊ की बिल्डिंग में आग लगने के कारण एनिमेशन सेंटर का दरवाजा बंद हो गया था. इस वजह से भीतर धुआं भर गया और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई. धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति पैदा हो गई.
लखनऊ अग्निकांड में भयंकर लापरवाही सामने आई हैं. बिल्डिंग के बेसमेंट को सुरक्षित मानकों को दरकिनार करते हुए बनाया गया है.
लखनऊ में 2 मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो चुकी है. लखनऊ जैसे हालात कभी भी दिल्ली में बन सकते हैं. आजतक ने खुफिया कैमरे से स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिससे खुलासा हुआ है कि बेसमेंट में अवैध तरीके से लाइब्रेरी और कोचिंग चलाई जा रही है. 6 कमरों की इजाजत की जगह 15-20 कमरों के होटल चलाए जा रहे हैं. देखें.
लखनऊ अग्निकांड ने सिर्फ एक शहर को नहीं, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. 15 लोग जलकर मर गए, वो भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में, जहां से सरकार चलती है, जहां बुलडोज़र से लेकर, एनकाउंटर तक के ऑर्डर निकलते हैं. लेकिन एक बिल्डिंग जो रिहायशी इमारत के तौर पर बनाई जाती है, और उसे कमर्शियल में तब्दील कर दिया जाता है, और राजधानी में बैठे सत्ताधीश, बड़े-बड़े अफसर, उससे आंख मूंद लेते हैं.
लखनऊ में हुए अग्निकांड को लेकर SIT ने जांच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा दिया है. घटनास्थल पर सीधा जाकर वरिष्ठ अधिकारी सीनियर आईएएस अमृत अभिजात और सीनियर आईपीएस प्रवीण कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी घटना की स्थिति का मुआयना कर रहे हैं.