कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) एक भारतीय राजनेता हैं, जो उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से विधायक रहे हैं. उन्हें बलात्कार, हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक साज़िश और आपराधिक धमकी के लिए दोषी ठहराया गया है.
उन्नाव बलात्कार मामले में बतौर मुख्य आरोपी उन पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. सेंगर पर पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता सहित तीन लोगों की हत्या करने और बाद में एक साजिश के तहत ट्रक दुर्घटना में उसकी चाचियों को मारने का भी आरोप था. दिल्ली जिला और सत्र न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई जांच को सही ठहराया, जिसमें 2019 में उन्नाव बलात्कार पीड़िता के दुर्घटना में किसी भी गड़बड़ी की बात को खारिज कर दिया गया था.
सेंगर ने 1990 के दशक की शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. 2002 में, वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार थे, और उन्नाव से 24% वोटों के साथ चुनाव जीते. यह पहली बार था जब BSP ने वह सीट जीती थी. कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण BSP से निकाले जाने के बाद, वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और 2007 में बांगरमऊ से (28% वोट) और 2012 में भगवंत नगर से (33% वोट) सीट जीती.
2015 में, कुलदीप सिंह की पत्नी संगीता सिंह ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जिला पंचायत प्रमुख का चुनाव जीता, जिसके बाद पार्टी का उनसे अलगाव हो गया और उन्हें बागी के रूप में देखा जाने लगा.
चुनाव लड़ने के लिए 2017 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने बांगरमऊ से चुनाव जीता, यह एक ऐसी सीट थी जिसे BJP ने पहले कभी नहीं जीता था, और उन्हें 43% वोट मिले. उन्होंने यह सीट पहले समाजवादी पार्टी के तहत (2007-2012) भी जीती थी. उन्होंने उन्नाव क्षेत्र से तीन अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर 4 विधानसभा चुनाव जीते हैं और हर बार जीत हासिल की है.
उन्नाव कांड से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के केस में दोषी ठहराए गए कुलदीप सेंगर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया है.
उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह सजा के खिलाफ दायर अपील पर तीन महीने के अंदर फैसला सुनाए.
पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी है. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार 9 फरवरी को सुनवाई करेगा.
उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 9 फरवरी को होगी. इस मामले में निचली अदालत ने सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई थी.
सेंगर ने जेल में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सजा निलंबन की मांग की थी लेकिन सीबीआई और पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार किया. सेंगर पहले से ही उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. इस फैसले को उनके लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है.
बलात्कारी राम रहीम को 15वीं बार पैरोल मिली है. अपनी सजा के शुरुआती 8 साल में गुरमीत राम रही एक साल से ज्यादा वक्त जेल से बाहर रहा है. आखिर गुरमीत में ऐसी कौन सी खूबी है, जो वैसे ही अपराधी आसाराम में नहीं.
बृजभूषण शरण सिंह ने उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए कुलदीप सिंह सेंगर का बचाव करते हुए उन्हें निर्दोष बताया है. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित किए जाने पर उठे सवालों को लेकर उन्होंने कहा कि जब कोर्ट सजा देती है तो उसका सम्मान किया जाता है, लेकिन सजा निलंबन पर सवाल उठाना अदालत पर अविश्वास दर्शाता है.
उन्नाव रेप कांड में सजा भुगत रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने अपने पिता के पक्ष में महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके पिता के लिए बेगुनाही के मजबूत सबूत मौजूद हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है. ऐश्वर्या सेंगर ने प्रकरण में न्यायिक प्रणाली की जांच की आवश्यकता पर बल दिया ताकि सच्चाई सामने आ सके.
ऐश्वर्या ने कहा कि वह इस बात से इनकार नहीं करतीं कि उनके पिता विधायक रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि दूसरे पक्ष का परिवार भी राजनीति से दूर नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पीड़िता की मां विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, जो किसी भी तरह से एक छोटी राजनीतिक भूमिका नहीं कही जा सकती.
प्रधानी चुनाव की रंजिश, नाबालिग से रेप, पिता की हत्या, सीबीआई जांच, उम्रकैद और अब कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर 'सुप्रीम' रोक. यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. लेकिन नाबालिग पीड़िता के साथ हुए इस बेरहम कांड की कहानी का आगाज़ साल 2002 से होता है. पढ़ें, सेंगर और पीड़िता के परिवार की पूरी कहानी.
उन्नाव रेप मामले में सजा काट रहे कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस निर्णय पर रोक लगा दी है जिससे पीड़ित पक्ष को राहत मिली थी. इस मामले में पीड़िता के वकील हर्षित मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह बताई है. देखिए.
सुप्रीम कोर्ट ने निचली कोर्ट के आदेश पर स्टे दिया है कि किसी भी मामले में अपराधी को जेल से बाहर नहीं निकाला जाएगा. विपक्ष को काउंटर एफिडेविट फाइल करने का समय दिया गया है, तब तक अपराधी को किसी भी मामले में रिहा नहीं किया जाएगा. पीड़ित परिवार को अभी मिली सुरक्षा से संतोष है और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया गया है. पीड़ित परिवार को विभिन्न तरह की धमकियां मिल रही हैं, जिनमें फर्जी मामलों में जेल में बंद रिश्तेदार और प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश शामिल है.
उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका लगा है. इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी, जिसके दौरान यह तय किया जाएगा कि जमानत मिलनी चाहिए या नहीं. फिलहाल कुलदीप सेंगर को राहत की उम्मीद नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाया है और नोटिस के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है.
उन्नाव की पीड़िता ने अपने अनुभव साझा किए और न्याय की उम्मीद जताई. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से उचित न्याय मिलेगा और ऐसे मामलों में कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए. यह देश का पहला ऐसा आदेश है जिसमें कुलदीप सिंह के परिवार को सजा रोकते हुए छोड़ दिया गया. पीड़िता ने परिवार की सुरक्षा और गवाहों की सुरक्षा की मांग की ताकि उनके जीवन में किसी प्रकार की परेशानी ना हो. उन्होंने कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप बंद होना चाहिए और न्याय प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया जाए.
सीबीआई ने सेंगर की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दायर की है, जिसके जवाब और रबटल के लिए कोर्ट ने समय निर्धारित किया है. सेंगर की अपील हाई कोर्ट में पेंडिंग होने के कारण उसे जमानत पर आने की अनुमति नहीं मिली है और कोर्ट ने उस मामले को स्टे करते हुए नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक सेंगर को कोई राहत नहीं मिलेगी.
उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है और उन्हें दो हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है. इस फैसले से दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लग गई है जिसमें कुलदीप को उम्र कैद की सजा पर जमानत दी गई थी. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट के निर्णय पर रोक की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि कुलदीप सेंगर को अभी किसी अन्य मामले में छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस मामले की अगली सुनवाई में सीबीआई दोषी और पीड़ित पक्ष के जवाब के साथ रबटल फाइल करेगी. कोर्ट ने मामले को व्यापक दृष्टिकोण से देखने पर जोर दिया है और इस पर होने वाली दलीलों को मीडिया में साझा करने से बचने को कहा है.
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की से रेप के दोषी और उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है. 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को जमानत दी थी, यह कहते हुए कि वह पॉक्सो एक्ट के तहत पब्लिक सर्वेंट की श्रेणी में नहीं आता. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए कहा कि सेंगर को जमानत नहीं मिलेगी और उसकी उम्रकैद की सजा जारी रहेगी.
एप्सटीन फाइल्स की गूंज के बीच सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियन एप्सटीन’ कहे गए कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है. नाबालिग से रेप मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की जमानत पर SC ने रोक लगाते हुए पॉक्सो एक्ट और पब्लिक सर्वेंट की व्याख्या पर अहम टिप्पणी की. क्या है पूरी कहानी, पढ़ें यहां.
सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में सजायाफ्ता कुलदीप सेंगर को राहत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने सेंगर मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इस अपराधी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए.
उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है और निचली अदालत से जवाब मांगा है. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अन्य मामलों में भी सेंगर को छोड़ा नहीं जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत पर रोक लगा दी है. ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को दोषी मानते हुए उन्हें इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है.