हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेन (Hydrogen train) एक ऐसी ट्रेन है, जो विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का उपयोग करती है. भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन ईंधन सेल (Hydrogen Fuel Cell) आधारित ट्रेन की शुरुआत की है. यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बिजली उत्पन्न करती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है. इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन नहीं होता, बल्कि केवल जलवाष्प (Water Vapour) निकलती है. यही कारण है कि इसे शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) तकनीक माना जाता है.
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित की गई. इसमें दो हाइड्रोजन पावर कार और आठ यात्री कोच लगाए गए हैं. ट्रेन की अधिकतम डिजाइन गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि फिलहाल इसे लगभग 75 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति से चलाया जा रहा है. इसकी यात्री क्षमता लगभग 2,600 यात्रियों की है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल मानी जा रही है.
इस परियोजना के लिए जींद में हाइड्रोजन उत्पादन और रीफ्यूलिंग सुविधा भी विकसित की गई है. ट्रेन में हाइड्रोजन लीकेज की निगरानी, तापमान नियंत्रण और अन्य आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां लगाई गई हैं, ताकि संचालन सुरक्षित रहे.
हाइड्रोजन ट्रेन का उद्देश्य डीजल आधारित ट्रेनों पर निर्भरता कम करना, पर्यावरण प्रदूषण घटाना और भारतीय रेलवे को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाना है. इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने रेलवे परिवहन में हाइड्रोजन तकनीक को अपनाया है.
भारतीय रेलवे हाइड्रोजन ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी में जुटा है. इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन की सप्लाई बढ़ाने और लागत घटाने पर फोकस किया जा रहा है. देश की पहली कमर्शियल हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चल रही है और अब तक 2,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर चुकी है.
Hydrogen Train Details: रेलवे के मुताबिक भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन ने अपनी शुरुआती यात्रा में ही पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है.
Hydrogen Train India भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ट्रेन न डीजल से चलती है और न ही ओवरहेड बिजली की तारों से?
भारतीय रेलवे ने आज एक हरित क्रांति की है... भारत आज उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया... जो हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन चला सकते हैं.. आज भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन हरियाणा के जींद से LAUNCH हुई है... इस फ्यूल की अपनी खासियत है तो चुनौतियां भी बहुत सी हैं. देखें विशेष.
Narendra Modi ने हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना किया, जो जींद- सोनीपत के बीच चलेगी और धुआं रहित है। इसमें आधुनिक सुरक्षा सिस्टम लगे हैं। पीएम ने अपने भाषण में Strait of Hormuz क्षेत्र में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए ऊर्जा आपूर्ति पर इसके असर की बात भी कही।
हाइड्रोजन ट्रेन में ईंधन खुद बनाना रॉकेट जैसी तकनीक से पॉसिबल नहीं है. वर्तमान ट्रेनें हाइड्रोजन सिलेंडर और फ्यूल सेल से चलती हैं. रॉकेट वाली H2+O2 तकनीक ट्रेनों के लिए खतरनाक है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद स्टेशन से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी. इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की प्रक्रिया से बिजली बनती है, जिससे सिर्फ पानी की भाप निकलती है और कोई धुआं नहीं होता.
भारतीय रेलवे अब एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है. देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यात्रियों के लिए भी किफायती है. इसका किराया प्लेटफॉर्म टिकट और दिल्ली मेट्रो से भी कम है. आइए जानते हैं हाइड्रोजन ट्रेन का रूट, स्टॉपेज और खासियतें.
दुनिया के कई देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें चलती हैं. भारत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. इस ट्रेन को देखते ही मन में सवाल उठता है कि इसका रंग नीला क्यों है? आइए जानते हैं इसकी वजह.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर ₹25,000 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारम्भ करेंगे. वे जींद से देश की पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करेंगे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजल ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. इड्रोजल ट्रेन से जींद से सोनीपत का करीब 90 किलोमीटर का सफर लगभग 2 घंटे में पूरा होगा.
Hydrogen Train: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ भारत का प्रतीक है. जब यह ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी जो बिजली या डीजल की जगह हाइड्रोजन गैस से पानी की भाप छोड़ते हुए दौड़ेगी.