हिज्बुल्लाह (Hezbollah) एक लेबनानी शिया इस्लामवादी राजनीतिक दल और उग्रवादी समूह है, जिसका नेतृत्व 1992 से इसके हसन नसरल्लाह कर रहे हैं. इसकी सशस्त्र शक्ति एक मध्यम आकार की सेना के बराबर है. हिज्बुल्लाह की स्थापना लेबनानी मौलवियों ने मुख्य रूप से लेबनान पर 1982 के इजरायली आक्रमण से लड़ने के लिए किया था. इसने 1979 में ईरानी क्रांति के बाद अयातुल्ला खुमैनी द्वारा निर्धारित मॉडल को अपनाया और पार्टी के संस्थापकों ने खुमैनी द्वारा चुने गए 'हिजबुल्लाह' नाम को अपनाया. तब से, ईरान और हिजबुल्लाह के बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हुए हैं. संगठन का 1,500 इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) प्रशिक्षकों का समर्थन है.
'कूटनीति' में आज बात उन दो भौगोलिक मोर्चों की, जहाँ समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं. एक तरफ ट्रंप ने एलान किया है कि इज़रायल और लेबनान के नेता 34 साल में पहली बार बात करेंगे, लेकिन दूसरी तरफ लेबनान पर बमबारी थमी नहीं है. आखिर क्या इज़रायल की नज़र सिर्फ हिज़्बुल्लाह पर है, या इसके पीछे कोई बहुत बड़ा 'ग्रेटर इज़रायल' प्लान काम कर रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि अभी-अभी मेरी लेबनान के अत्यंत सम्मानित राष्ट्रपति जोसेफ़ आउन और इज़राइल के प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के साथ बहुत ही बेहतरीन बातचीत हुई. दोनों देशों के नेताओं ने शांति स्थापित करने के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है.
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच वाशिंगटन में महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता हुई है. इजरायल ने शांति के लिए हिज्बुल्लाह के हथियार डालने की सख्त शर्त रखी है. वहीं, लेबनान ने मानवीय संकट को देखते हुए तत्काल युद्धविराम और संप्रभुता के सम्मान की मांग की है.
इजरायल और लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह को लेकर तनाव जारी है. इस बीच IDF ने बॉडी-कैम फुटेज जारी करते हुए दावा किया है कि हिजबुल्लाह के कई ठिकानों का पता चला है. इनमें एंटी-टैंक पोजिशन, ऑब्ज़र्वेशन पोस्ट और हथियारों के स्टोरेज फैसिलिटी शामिल हैं.
इजरायल और लेबनान के बीच दशकों बाद वॉशिंगटन में सीधी वार्ता शुरू हुई है, लेकिन हिज्बुल्लाह ने इसका बहिष्कार किया है. इजरायल और हिज्जबुल्लाह के बीच एक महीने से जारी संघर्ष में लेबनान में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
उत्तरी इजरायल में तनाव का माहौल बना हुआ है. हिज़्बुल्लाह की तरफ से रॉकेट फायर किए गए हैं. लगातार सायरन सुनाई दिए हैं. हमलों के चलते इलाके में आग लगने जैसी घटनाएं भी हुई हैं.
हिज्बुल्लाह की ओर से बड़ा दावा किया गया. हिज्बुल्लाह ने कहा कि उसने बीते 24 घंटे में इजरायल पर 60 हमले किए. दावों के मुताबिक हिज्बुल्लाह ने इस दौरान इजरायल की टुकड़़ियों को कई मोर्चों पर टारगेट किया. इजरायली रडार बेस पर हिज्बुल्लाह ने ड्रोन से हमला किया है. देखें वीडियो.
लेबनान के नबातियेह में इजराली हवाई हमले के बाद इलाके में काले धुएं के गुबार उठते दिखे. एंबुलेंस घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाती नजर आईं. लेबनान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, इज़रायली लड़ाकू विमानों ने नबातियेह अल-फौका पर एयरस्ट्राइक की, साथ ही गोलाबारी की गई. इस बीच, हमलों में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान दौरे के वक्त हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म करने का दावा किया. इस दौरान उन्होंने युद्ध जारी रखने की चेतावनी भी दी.
इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान में एक हिजबुल्लाह ऑपरेटिव को मार गिराने और सुरंग से भारी हथियार जखीरा बरामद करने का दावा किया है. साथ ही एयरस्ट्राइक में दो और लड़ाकों को निशाना बनाया गया. सुरंग से रॉकेट, आरपीजी और ग्रेनेड मिले हैं.
इजरायल ने ईरान पर 40 दिनों की जंग में 18 हजार से ज्यादा बम गिराए हैं. इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने ईरान के 4,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया. हर टारगेट पर औसतन साढ़े चार बम गिराए गए. इन हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता और हिजबुल्लाह के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. लेबनान में भी सैकड़ों लोग मारे गए.
हिजबुल्लाह पेजर ब्लास्ट के बाद हंगरी ने ईरान को जांच में सहयोग का वादा किया था. विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत कर खुफिया जानकारी साझा करने का भरोसा दिया था. हंगरी में चुनाव होने वाले हैं और इस बीच ये खुलासा देश की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर रहा है.
IDF का कहना है कि उसके सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में एक सुरंग के शाफ़्ट में हिज़्बुल्लाह के एक सदस्य को मार गिराया. और हथियारों का एक ज़ख़ीरा बरामद किया. सेना का कहना है कि 401वीं आर्म्ड ब्रिगेड के सैनिकों ने हिज़्बुल्लाह की एक भूमिगत जगह की ओर जाने वाले एक शाफ़्ट की पहचान की, जहाँ से एक सदस्य बाहर निकला और आमने-सामने की लड़ाई में मारा गया.
ईरान के साथ दो हफ्ते का सीजफायर घोषित हुए सिर्फ एक दिन हुआ कि इजरायल ने लेबनान पर भारी हमले शुरू कर दिए. 8 अप्रैल को सिर्फ 10 मिनट में 160 बम गिराकर 100 टारगेट नष्ट किए. इजरायल ने साफ कहा कि सीजफायर केवल ईरान तक सीमित है. लेबनान शामिल नहीं. इससे पाकिस्तान की डिप्लोमेसी पर सवाल उठ रहे हैं.
ट्रंप और नेतन्याहू के ‘डबल गेम’ में पाकिस्तान मोहरा बन गया है? सीजफायर को अमेरिका-इजरायल ने लेबनान पर लागू करने से इनकार कर दिया. अब ईरान मुश्किल में है - या तो खुद को बचाने के लिए सीजफायर जारी रखे या लेबनान में हिज्बुल्लाह की रक्षा के लिए सीजफायर तोड़ने का खतरा मोल ले.
इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में बड़ी कार्रवाई करते हुए हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया है. रात भर चले हमलों में आईडीएफ ने आतंकी संगठन के कई ठिकानों, हथियारों के गोदामों और महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पॉइंट्स को भी निशाना बनाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है. लेकिन इसके ठीक बाद इजरायल ने बयान दिया कि लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे. और हमले हो भी रहे हैं. ऐसे में सवाल ये कि क्या ट्रंप की डील खटाई में पड़ गई है? देखें US-Top 10.
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका, इजरायल और ईरान की 40 दिन की जंग में 3640 लोग मारे गए. ईरान में 2076, लेबनान में 1497, इजरायल में 26 और अमेरिका में 13 मौतें हुईं. 90 हजार घर, 760 स्कूल और 307 अस्पताल तबाह हो गए. खाड़ी देशों में भी भारी नुकसान हुआ.
अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर लागू है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि उसकी “उंगलियां ट्रिगर पर हैं”, जबकि इजरायल लेबनान में हमले जारी रखे हुए है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ‘हाफ सीजफायर’ ज्यादा टिकाऊ नहीं दिखता.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है. इस बीच इजरायल ने बयान दिया है कि लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे. और अब ताजा हमला भी हुआ है. लेबनान के अल अहमदिया में इजरायली सेना ने एयरस्ट्राइक की है.
लेबनान के एक स्कूल में हथियार और सैन्य उपकरण मिलने का दावा किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, यहां हिजबुल्लाह से संबंधित यूनिफॉर्म, रॉकेट और ऑपरेशन मैनुअल भी बरामद किए गए हैं.