हिज्बुल्लाह (Hezbollah) एक लेबनानी शिया इस्लामवादी राजनीतिक दल और उग्रवादी समूह है, जिसका नेतृत्व 1992 से इसके हसन नसरल्लाह कर रहे हैं. इसकी सशस्त्र शक्ति एक मध्यम आकार की सेना के बराबर है. हिज्बुल्लाह की स्थापना लेबनानी मौलवियों ने मुख्य रूप से लेबनान पर 1982 के इजरायली आक्रमण से लड़ने के लिए किया था. इसने 1979 में ईरानी क्रांति के बाद अयातुल्ला खुमैनी द्वारा निर्धारित मॉडल को अपनाया और पार्टी के संस्थापकों ने खुमैनी द्वारा चुने गए 'हिजबुल्लाह' नाम को अपनाया. तब से, ईरान और हिजबुल्लाह के बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हुए हैं. संगठन का 1,500 इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) प्रशिक्षकों का समर्थन है.
अमेरिका-ईरान पीस डील के बीच इजरायली सेना जमीन और आसमान दोनों से हिजबुल्लाह पर हमले कर रही है. दक्षिणी लेबनान के कफर तिबनीत इलाके में हिजबुल्लाह ने वहां मौजूद इजरायली सैनिकों पर मिसाइल हमला किया. इज़रायली सेना का कहना है कि इन हमलों को नाकाम कर दिया. इजरायल ने भी लेबनान पर भीषण बमबारी की. देखें वीडियो.
ईरान जंग को डोनाल्ड ट्रंप मझधार में छोड़ सकते हैं, लेकिन इजरायल के लिए सर्वाइवल का सवाल है. बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल की बड़ी आबादी मानती है कि यदि ईरान यह जंग मुकम्मल नहीं हारा, तो हमास और हिजबुल्लाह जैसी चुनौतियां फिर खड़ी हो जाएंगी. इसलिए ट्रंप जब भी ‘पीस’ की बात करते हैं, तो नेतन्याहू ‘अमन के दुश्मन’ नजर आते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान डील के बावजूद मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बरकरार है. इजरायल इस समझौते से असहमत है. उसने ईरान पर अपने हमले जारी रखे हैं, जिससे डील की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील अपने आखिरी चरण में है. इससे ठीक पहले इजरायली सेना ने रविवार को बेरूत के उपनगरों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया. इस हमले में तीन लोगों की जान चली गई. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने क्षेत्र पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा.
इजरायल ने हिज्बुल्ला की सुरंग पर धावा बोला है. हिज्बुल्ला की सुरंग के अंदर इजरायली सेना के जवान घुसे और अंदर से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. आईडीएफ ने हथियारों की बरामदगी के वीडियो जारी किए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में होर्मुज, अमेरिका के साथ संभावित समझौते और हिजबुल्लाह को लेकर कई बड़े बयान दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के लिए उन्होंने UN के बजाय सिर्फ खुदा, अपनी जनता और अपनी फौज पर भरोसा जताया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ लड़ाई रुकने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में फिर से हमला हुआ तो इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान और हिजबुल्लाह कमजोर हो चुके हैं, लेकिन लड़ाई खत्म नहीं हुई है.
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान-इजरायल शांति डील पूरी होने से पहले इजरायल ने लेबनान पर भीषण हवाई और ड्रोन हमले किए हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि लेबनान में इजरायली एक्शन जारी रहने पर वह और गंभीर सैन्य कदम उठाएगा.
ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है, लेकिन किसी भी नए हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा. नेतन्याहू ने ईरान और हिज्बुल्लाह को कमजोर पड़ चुका बताते हुए इजरायल की सैन्य सफलता का दावा किया.
ईरान और इजरायल ने एक बार फिर एक दूसरे पर हमले किए हैं. ईरान ने जहां इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन की बौछर कर दी, वहीं इजरायल ने ईरान के शहरों पर हमले किए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक तेल संकट को रोकने, युद्ध को सीधे इजरायल-ईरान टकराव में बदलने से बचाने, लेबनान में हिजबुल्लाह का खात्मा करने, प्रतिबंधों के जरिए बातचीत का मौका देने और अपने अरब सहयोगियों की सुरक्षा के लिए इजरायल को जवाबी हमले से रोक रहे हैं.
इजरालय पर ईरान और हिजबुल्लाह ने साझा हमला किया है. हिजबुल्लाह ने अपने बयान में कहा है कि ड्रोन और मिसाइलों से इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया गया है.
मिडिल ईस्ट में हालात फिर विस्फोटक हो गए हैं. लेबनान पर इजरायली हमलों के बीच ईरान और हिजबुल्लाह ने एक साथ इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन दाग दिए. इससे पूरे इजरायल में सायरन बज उठे और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया. ईरान ने इसे लेबनान पर हमलों का जवाब बताया है, जबकि इजरायल ने सभी मिसाइलें रोकने का दावा किया है.
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान सरकार के बीच बने युद्धविराम समझौते को हिजबुल्लाह ने खारिज कर दिया है. संगठन का कहना है कि वह इस बातचीत का हिस्सा ही नहीं था. वहीं इजरायल ने भी दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने से इनकार कर दिया है.
ड्रोन वॉर में ईरान अमेरिका को सस्ते शाहेद-136 जैसे कामिकाज़े ड्रोन के बड़े स्वार्म से चुनौती दे रहा है. हजारों सस्ते ड्रोन से ईरान अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर हमला कर डिफेंस सिस्टम को थका रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गाजा में युद्ध खत्म करने की समयसीमा, लेबनान में हमलों को बढ़ाना और युद्ध के बाद के खर्च पर मतभेद रहे हैं. हर बार ये नाराजगी सामने आई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर कड़ी फटकार लगाई है. उन्होंने इजरायल पर हिज्बुल्लाह पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने का दबाव डाला. ट्रंप ने कहा कि अगर वो न होते तो नेतन्याहू जेल में होते. इसके बावजूद नेतन्याहू ने कहा कि अगर हिज्बुल्लाह ने हमला बंद नहीं किया तो इजरायल आतंकवादी ठिकानों पर हमला करना जारी रखेगा.
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर तीखी बातचीत की खबरें सामने आई हैं. हिज्बुल्लाह पर इजरायली हमलों को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद की चर्चा तेज है. बातचीत के बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि अगर हिज्बुल्लाह इजरायली शहरों और नागरिकों पर हमले बंद नहीं करता, तो इजरायल बेरुत में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा.
लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत रोक दी थी और होर्मुज को लेकर सख्त रुख दिखाया था. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी पहल के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों ने गोलीबारी रोकने पर सहमति जताई है और बेरूत की ओर बढ़ रही इजरायली सेना को भी वापस बुला लिया गया है.
एक तरफ इजरायल कह रहा है कि वह हिज्बुल्लाह को कमजोर करने के लिए लेबनान में आगे बढ़ रहा है. दूसरी तरफ यही कदम ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को बर्बाद कर रहा है. लेबनान की जनता पिस रही है. और अब ईरान ने ऐसी धमकी दे दी है जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. बातचीत रुकी है, लड़ाई जारी है और रास्ता अभी साफ नहीं दिख रहा.
लेबनान में घमासान अपने चरम पर है. इजरायल ने हिजबुल्लाह की कमर तोड़ने के लिए कमर कस ली है. इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए IDF ने 900 साल पुराने किले पर कब्जा जमा लिया है. ये कब्जा 26 साल बाद जमाया है. इससे पूरे लेबनान में हड़कंप मच गया है. इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी सेनाओं को जमीन आक्रमण और तेज करने के आदेश भी दे दिए हैं. देखें वीडियो.