हिज्बुल्लाह (Hezbollah) एक लेबनानी शिया इस्लामवादी राजनीतिक दल और उग्रवादी समूह है, जिसका नेतृत्व 1992 से इसके हसन नसरल्लाह कर रहे हैं. इसकी सशस्त्र शक्ति एक मध्यम आकार की सेना के बराबर है. हिज्बुल्लाह की स्थापना लेबनानी मौलवियों ने मुख्य रूप से लेबनान पर 1982 के इजरायली आक्रमण से लड़ने के लिए किया था. इसने 1979 में ईरानी क्रांति के बाद अयातुल्ला खुमैनी द्वारा निर्धारित मॉडल को अपनाया और पार्टी के संस्थापकों ने खुमैनी द्वारा चुने गए 'हिजबुल्लाह' नाम को अपनाया. तब से, ईरान और हिजबुल्लाह के बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हुए हैं. संगठन का 1,500 इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) प्रशिक्षकों का समर्थन है.
अमेरिका ने इजरायल और खाड़ी देशों को 8.6 अरब डॉलर (लगभग 81,700 करोड़ रुपये) के हथियार बेचे. ईरान के साथ चल रही जंग के बीच US-इजरायल अगले स्तर की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों के चलते 7 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं. इजरायली सेना ने यारौन गांव में कैथोलिक कॉन्वेंट के हिस्सों को बुलडोजर से नष्ट किया. युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है.
इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच ताजा युद्ध 2 मार्च को शुरू हुआ, जब ईरान जंग के दो दिन बाद हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल में रॉकेट दागे. इसके बाद इजरायली हमले में लेबनान में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. दोनों देशों के बीच संघर्षविराम तो हुआ है, लेकिन इसका कोई वास्तविक असर नहीं दिखता है.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण वार किया है. इस हमले में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के 40 ठिकानों को उड़ा दिया. इन ठिकानों में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर भी शामिल हैं जहां से आतंकी जमीनी जंग लड़ रही इजरायली सेना को निशाना बनाते हैं. देखें वीडियो.
सीजफायर के बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं. इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर तोड़कर रॉकेट दाग रहा है. इस कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत भी पटरी से उतर सकती है.
हिजबुल्लाह ने सरहद के पास इजरायली फौज पर ड्रोन अटैक किया है. ये अटैक उस वक्त किया गया जब इजरायल के हेलिकॉप्टर घायल सैनिकों को ले जाने के लिए पहुंचे थे. राहत अभियान में लगे इजरायली सेना के दल पर कई ड्रोन अटैक किए गए. देखें वीडियो.
लेबनान में जारी तनाव के बीच हिज्बुल्लाह प्रमुख शेख नाइम कासिम ने इजरायल के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने युद्धविराम के लिए कुछ साफ और सख्त शर्तें सामने रखी हैं.
इजराइली सेना ने लेबनान के नेतालनी नदी के उत्तर में स्थित सात कस्बों के लिए निकासी चेतावनी जारी की है. इजराइली सेना ने वहां के लोगों को अरेबिक भाषा में पर्चा देकर सूचित किया कि यदि युद्ध विराम का उल्लंघन हुआ तो हिजबुल्लाह के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी. सेना ने इन सात कस्बों के निवासियों से निवेदन किया है कि वे तुरंत इलाके को खाली कर दें ताकि संभावित हमलों के दौरान जान-माल का नुकसान कम किया जा सके..
दक्षिणी लेबनान में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल्लाह ने इजरायली सैनिकों पर ड्रोन से हमला कर दिया. इस हमले में एक सैनिक की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हेलीकॉप्टर के पास धमाका होता दिख रहा है.
पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच जारी युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है. व्हाइट हाउस में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद ट्रंप ने लेबनान को हिज्बुल्लाह से सुरक्षा दिलाने में मदद का भरोसा दिया है.
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हाल ही में लागू हुए नाजुक सीजफायर पर मंगलवार को तनाव बढ़ गया. इजरायली सेना ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह सीजफायर के उल्ंलघन का आरोप लगाते हुए दक्षिण लेबनान में अपने सैनिकों पर रॉकेट दागने का आरोप लगाया.
इजरायली सेना ने बॉर्डर के पास इस क्षेत्र के लेबनानी गांवों को नष्ट कर दिया है. इसका उद्देश्य उत्तरी इजरायल के शहरों को हिज्बुल्लाह के हमलों से बचाना है.
हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने सीजफायर को को लेकर साफ कर दिया है कि यह तभी संभव होगा जब इजरायल भी इसका पालन करेगा. कासिम ने कहा है कि हमें दुश्मन पर भरोसा नहीं है.
राष्ट्रपति जोसेफ ने उत्तरी इज़राइल पर ईरान समर्थित हिजबुल्लाह की ओर किए गए रॉकेट हमलों की निंदा की. इसके बाद ही इजरायल ने लेबनान में भारी बमबारी की थी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लेबनान दो बैटलग्राउंड बन गए हैं. ईरान और लेबनान के सीजफायर अधूरे हैं. दोनों तरफ हथियार लोड हो रहे हैं. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 10 हजार अतिरिक्त सैनिक भेज दिए. ईरान कह रहा है कि अमेरिका हार चुका है. नेतन्याहू शांत नहीं हो रहे और हिज्बुल्लाह भी नहीं मान रहा. सवाल है - अमेरिका और ईरान का असली प्लान क्या है?
'कूटनीति' में आज बात उन दो भौगोलिक मोर्चों की, जहाँ समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं. एक तरफ ट्रंप ने एलान किया है कि इज़रायल और लेबनान के नेता 34 साल में पहली बार बात करेंगे, लेकिन दूसरी तरफ लेबनान पर बमबारी थमी नहीं है. आखिर क्या इज़रायल की नज़र सिर्फ हिज़्बुल्लाह पर है, या इसके पीछे कोई बहुत बड़ा 'ग्रेटर इज़रायल' प्लान काम कर रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि अभी-अभी मेरी लेबनान के अत्यंत सम्मानित राष्ट्रपति जोसेफ़ आउन और इज़राइल के प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के साथ बहुत ही बेहतरीन बातचीत हुई. दोनों देशों के नेताओं ने शांति स्थापित करने के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है.
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच वाशिंगटन में महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता हुई है. इजरायल ने शांति के लिए हिज्बुल्लाह के हथियार डालने की सख्त शर्त रखी है. वहीं, लेबनान ने मानवीय संकट को देखते हुए तत्काल युद्धविराम और संप्रभुता के सम्मान की मांग की है.
इजरायल और लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह को लेकर तनाव जारी है. इस बीच IDF ने बॉडी-कैम फुटेज जारी करते हुए दावा किया है कि हिजबुल्लाह के कई ठिकानों का पता चला है. इनमें एंटी-टैंक पोजिशन, ऑब्ज़र्वेशन पोस्ट और हथियारों के स्टोरेज फैसिलिटी शामिल हैं.
इजरायल और लेबनान के बीच दशकों बाद वॉशिंगटन में सीधी वार्ता शुरू हुई है, लेकिन हिज्बुल्लाह ने इसका बहिष्कार किया है. इजरायल और हिज्जबुल्लाह के बीच एक महीने से जारी संघर्ष में लेबनान में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
उत्तरी इजरायल में तनाव का माहौल बना हुआ है. हिज़्बुल्लाह की तरफ से रॉकेट फायर किए गए हैं. लगातार सायरन सुनाई दिए हैं. हमलों के चलते इलाके में आग लगने जैसी घटनाएं भी हुई हैं.