गुजरात में विधानसभा चुनाव 2027 में होना है (Gujarat Assembly Election 2027). गुजारत की विधानसभा का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2027 तक है. यहां बीजेपी की सरकार है. 15वीं गुजरात विधानसभा का गठन 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद हुआ था. ये चुनाव 1 और 5 दिसंबर 2022 को दो चरणों में हुए थे और इनके नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए गए. इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 182 में से 156 सीटें जीत लीं और भूपेंद्रभाई पटेल मुख्यमंत्री बने.
यह गुजरात के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इससे पहले सबसे ज्यादा सीटें जीतने का रिकॉर्ड भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पास था, जिसने 1985 में माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में 149 सीटें जीती थीं.
गुजरात में भाजपा 1995 से लगातार सत्ता में बनी हुई है.
गुजरात में आगामी चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के युवा नेताओं को बड़ी सांगठनिक और विधायी कमान सौंपी गई है. विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने साल 2026-27 के लिए विभिन्न वित्तीय और विधायी समितियों के गठन की घोषणा करते हुए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को दो अत्यंत महत्वपूर्ण कमेटियों का चेयरमैन नियुक्त किया है.
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी की मजबूत पकड़ बरकरार रही, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा आम आदमी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की है. अरविंद केजरीवाल की पार्टी न कोई नगर निगम जीत पाई और न ही 2021 की अपनी बढ़त बचा सकी. सूरत नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने पिछली बार 27 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार सिर्फ 4 सीटों पर सिमट गई. ये नतीजे संकेत देते हैं कि गुजरात में AAP को अपने संगठन और रणनीति दोनों पर नए सिरे से काम करना होगा.
गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पास हो गया है. सरकार इसे समानता और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे जल्दबाजी और चुनावी रणनीति करार दे रहा है.
गुजरात विधानसभा ने दुकान और स्थापना (संशोधन) विधेयक 2026 को सर्वसम्मति से पारित किया है. इसके तहत महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा के कड़े नियम लागू किए गए हैं. काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 10 घंटे किए गए हैं और ओवरटाइम की सीमा भी बढ़ाई गई है.
चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के मुताबिक तमिलनाडु में करीब 97 लाख और गुजरात में 70 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. इन बड़े पैमाने पर हुई कटौतियों ने राजनीतिक हलकों में बहस तेज कर दी है.
रिवाबा जडेजा को भूपेंद्र पटेल के कैबिनेट 2.0 में जगह मिली है. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें शपथ दिलाई. रिवाबा 34 साल की हैं और जामननगर नॉर्थ से विधायक हैं. रिवाबा क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी हैं. वो साल 2022 में जामनगर नॉर्थ से विधायक बनी थीं.
राहुल गांधी गुजरात में बीजेपी को आने वाले चुनाव में शिकस्त देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं. उनका जोर कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को खुद जैसा अनुशासित और फिट बनाने पर है - राहुल गांधी का अगला गुजरात दौरा 18 सितंबर को है.
राहुल गांधी ने गुजरात के जूनागढ़ में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के साथ चार घंटे संवाद किया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने जिलाध्यक्षों को होमवर्क दिया और 18 सितंबर को फिर आऊंगा, तब इस पर चर्चा करेंगे.
दिल्ली में चुनावी हार मिलने के बाद पंजाब और गुजरात के विधानसभा उपचुनावों में आम आदमी पार्टी ने चुनाव जीतकर दिखा दिया कि वो अभी खत्म नहीं हुई है. गुजरात से आम आदमी पार्टी को बहुत उम्मीदें हैं. पार्टी यह जानती है कि अगर कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो उसे बहुत लाभ नहीं होने वाला है.
सामने बिहार चुनाव है, लेकिन राहुल गांधी अभी से गुजरात में एक्टिव हो गये हैं. कांग्रेस अधिवेशन के तत्काल बाद राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से खुली बातचीत में इशारा किया है कि गुजरात कांग्रेस में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने हैं, और तीन दशक बाद सत्ता में वापसी की कोशिश की जाएगी - लेकिन नंबर देखें तो कांग्रेस के लिए मिशन असंभव सा लगता है.
गुजरात में होने वाले दो सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन नहीं होगा. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शत्रु सिंह गोहिल ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की. आम आदमी पार्टी ने पहले ही दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है.
गुजरात में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, और कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन अप्रैल में ही होने जा रहा है - और उससे भी पहले 7-8 मार्च को राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर जा रहे हैं.
लोकसभा चुनावों के बाद गुजरात में कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है. इसके लिए शहर-शहर कांग्रेस के संगठन को फिर से खड़ा करने की तैयारी की जा रही है. राहुल गांधी के बाद अब गुजरात कांग्रेस के प्रभारी तीन दिन के गुजरात के दौरे पर पहुंचे हैं. देखें गुजरात आजतक.
बिलकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद सभी 11 दोषी लोगों को फिर से जेल जाना होगा. कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को फिर से कठघरे में खड़ा कर दिया है - लोक सभा चुनाव से पहले आया ये फैसला क्या कांग्रेस के लिए फायदेमंद और बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है?
कांग्रेस ने बीजेपी के साथ लड़ाई का तरीका बदल लिया है. राहुल गांधी को पहले मंदिर और मठों में घूमते देखा जाता था, लेकिन अब वो लगातार जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं. सॉफ्ट हिंदुत्व आजमाने के बाद राहुल गांधी का पूरा जोर अब जातिवाद की राजनीति पर है. रणनीति बदलने से जरूरी उस पर अमल करना होता है.
आजम खान और उनके करीबियों के यहां हुई छापेमारी को लेकर समाजवादी पार्टी बिलकुल वैसे ही बचाव कर रही है, जैसे आम आदमी पार्टी मनीष सिसोदिया का. ये ठीक है कि आजम खान और मनीष सिसोदिया दोनों पर आरोप तो भ्रष्टाचार के ही लगे हैं, लेकिन दोनों की तरफदारी में थोड़ा फर्क भी है.
सरप्राइज में यकीन रखने वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा का एजेंडा तो तय कर ही दिया है. तमाम कयास लगाये जा रहे हैं. एक देश एक चुनाव से लेकर यूसीसी, जनसंख्या नियंत्रण और महिला आरक्षण बिल तक लाये जाने की संभावना जतायी जा रही है - लेकिन वास्तव में होना क्या है, ये अभी किसी को नहीं पता.
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि गुजरात के वडोदरा के उत्तमनगर इलाके में हुई बीजेपी की रैली में ज्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं. गुजरात चुनाव से पहले इस बड़े दावे के बाद आजतक की फैक्ट चेक टीम ने दावे की पड़ताल शुरू की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई.
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने कि खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हंगामा किया. इसके बाद कांग्रेस के 17 में से 16 विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए 29 मार्च तक निलंबित कर दिया गया. देखें ये वीडियो.
सर्दी वाले शास्त्र की और सियासी गर्मी वाले शास्त्र की, वैसे तो सर्दी और सियासत का कोई तालमेल नहीं, लेकिन दिल्ली में पॉलिटिक्स के 2024 वाले एंगल ने सर्दी के मौसम में भी पार्टियों के पसीने छुड़ा दिए, सोचिए जब दिल्ली का तापमान 1.4 डिग्री तक लुढ़क गया, तो 2024 की सियासी लड़ाई ने दिल्ली के तापमान को HIGH कर दिया. मतलब ये दिल्ली का तापमान डाउन हैं, लेकिन उसी दिल्ली में POLITICS का पारा हाई है.
देश में चुनावों को लेकर एक्शन मोड में ज्यादातर दल दिखने लगे हैं. इस साल देश में इतने विधानसभा चुनाव हैं, जहां करीब 91 लोकसभा सीट आती हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा का सेमीफाइनल माना जाने लगता है. इसीलिए साल के पहले महीने में अगले 16 महीनों को लेकर चुनावी जीत चाहने वाली दवा की व्यवस्था करने में बीजेपी-कांग्रेस लग गए हैं. देखें ये वीडियो.