गुवाहाटी विश्वविद्यालय (Gauhati University) असम के गुवाहाटी शहर में स्थित एक सार्वजनिक राज्य विश्वविद्यालय है. इसे आम तौर पर जीयू के नाम से भी जाना जाता है. विश्वविद्यालय की स्थापना 26 जनवरी 1948 को असम विधानसभा द्वारा पारित अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई थी. यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है.
स्थापना के समय 1948 में गुवाहाटी विश्वविद्यालय के अंतर्गत 18 संबद्ध कॉलेज और 8 स्नातकोत्तर विभाग थे. वर्तमान में विश्वविद्यालय में 39 स्नातकोत्तर विभाग हैं. इसके अलावा यहां इंस्टीट्यूट ऑफ डिस्टेंस एंड ओपन लर्निंग यानी आईडीओएल भी संचालित होता है. विश्वविद्यालय के अंतर्गत विधि और इंजीनियरिंग कॉलेज भी शामिल हैं.
गुवाहाटी विश्वविद्यालय से वर्तमान में 341 कॉलेज संबद्ध हैं. इन कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं. यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों से संबंधित शिक्षा दी जाती है. विश्वविद्यालय एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज और एसोसिएशन ऑफ कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटीज का सदस्य भी है.
विश्वविद्यालय की मान्यता और रैंकिंग से संबंधित गतिविधियों में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद यानी नैक की मान्यता शामिल है. 5 जुलाई 2024 को नैक के चौथे मूल्यांकन चक्र में गुवाहाटी विश्वविद्यालय को 3.32 का सीजीपीए मिला और इसे ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया.
28 अप्रैल 2025 को गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने टाइम्स हायर एजुकेशन की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में स्थान हासिल किया. इसमें विश्वविद्यालय को 1201 से 1500 के वैश्विक बैंड में रखा गया. टाइम्स हायर एजुकेशन की एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्वविद्यालय को 351 से 400 के बैंड में स्थान मिला.
4 सितंबर 2025 को शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ 2025 के अनुसार गुवाहाटी विश्वविद्यालय को भारत के राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में नौवां स्थान दिया गया.
गुवाहाटी विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर असम के गुवाहाटी में स्थित है. विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज असम के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित करते हैं. विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे में स्नातक, स्नातकोत्तर, दूरस्थ शिक्षा और विभिन्न पेशेवर विषयों से संबंधित अध्ययन शामिल हैं.
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 साल की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत के मामले में मुख्य आरोपी आसिफ अली ने गुवाहाटी पुलिस के सामने दावा किया है कि छात्रा ने आत्महत्या की थी. दरअसल, गुवाहाटी विश्वविद्यालय की एक छात्रा एक होमस्टे में मृत पाई गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या की वजह खोजने में लगी हुई है.
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 साल की छात्रा निमिषा की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है. बड़ी संख्या में लोग NH-17 पर जमा हुए और गुवाहाटी को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली मुख्य सड़क को जाम कर दिया.
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पिता ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से न्याय की मांग की है. उन्होंने बेटी के शरीर पर चोट के निशान और यौन उत्पीड़न की आशंका जताई है.
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद असम में भारी तनाव व्याप्त हो गया है. निमिषा का शव अजारा इलाके के एक होमस्टे से बरामद किया गया, जहां वह अपने बॉयफ्रेंड आसिफ के साथ ठहरी हुई थी. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है और वे सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे 17 को जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की. आरोप लगाया जा रहा है कि यह मामला लव जिहाद की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है.
असम के गुवाहाटी से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने इंसाफ की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 17 (NH17) को जाम कर दिया.