पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार को री-पोलिंग की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई. मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले गए. इनमें 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में थे. दिनभर इन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली. चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 7 बजे तक करीब 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
यह वोटिंग उन जगहों पर कराई गई जहां पहले मतदान के दौरान धांधली और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं. बीजेपी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने इन 15 बूथों पर फिर से वोटिंग कराने का फैसला लिया था. सुरक्षा के लिहाज से हर बूथ पर भारी फोर्स तैनात की गई थी और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही थी. हालांकि, डायमंड हार्बर के एक बूथ पर टीएमसी ने सुरक्षाबलों पर एक दिव्यांग वोटर और उसकी मां को परेशान करने का आरोप लगाया, जिसे लेकर थोड़ी देर हंगामा भी हुआ, लेकिन बाकी जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया.
फलता के सभी विधानसभा क्षेत्र में फिर से होगी वोटिंग
आयोग के आदेश के मुताबिक फलता विधानसभा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराई जाएगी. इसमें सहायक मतदान केंद्र भी शामिल रहेंगे. पूरी प्रक्रिया एक साथ कराई जाएगी ताकि हर वोटिंग सेंटर पर एक जैसा माहौल बना रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे.
मतदान की तारीख भी तय कर दी गई है. 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और हर केंद्र पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो. वोटिंग खत्म होने के बाद मतगणना 24 मई 2026 को की जाएगी. इसी दिन नतीजों की तस्वीर साफ होगी और उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा.
फलता में TMC पर लोगों ने लगाया आरोप
शनिवार को जब मगराहाट और डायमंड हार्बर के बूथों पर पुनर्मतदान हो रहा था, तब फलता विधानसभा क्षेत्र में जमकर बवाल हुआ. लोगों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता उन्हें धमका रहे हैं. इसे लेकर लोगों ने सड़क जाम कर दी और री-पोलिंग की मांग की. लोगों का आरोप है कि स्थानीय टीएमसी विधायक जहांगीर खान के लोगों ने उन्हें वोट करने से रोका और डराया धमकाया. इसके बाद इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.
इस पूरे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि जहां भी इस तरह की गड़बड़ियां साबित होंगी, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी के प्रति निर्वाचन आयोग की नीति जीरो टॉलरेंस की है. मनोज अग्रवाल ने बताया कि फलता के 30 पोलिंग बूथों पर पुनर्मतदान का फैसला जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा. शुरुआती जांच में मतदान से पहले या मॉक पोल के दौरान अधिकारियों द्वारा किसी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे अंदेशा है कि कथित छेड़छाड़ मतदान के दौरान हुई हो सकती है.
अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब चुनाव के नतीजे सामने आएंगे. बता दें कि बंगाल विधानसभा के लिए दो चरणों में वोटिंग हुई थी. दूसरे चरण में करीब 92.25 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था, जबकि पहले चरण में करीब 93.19 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. फिलहाल सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं.