लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़ा धर्मांतरण केस अब सिर्फ एक संस्थान तक सीमित नहीं है. जांच के साथ हर दिन ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जो एक गहरे, संगठित और सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं. इस पूरे मामले का केंद्र बने डॉक्टर रमीज को लेकर जांच एजेंसियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
बलरामपुर के छांगुर बाबा धर्मांतरण सिंडिकेट में जहां करीब 100 करोड़ रुपए की फंडिंग और सैकड़ों महिलाओं के धर्मांतरण का खुलासा हुआ था, वहीं KGMU केस में डॉक्टर रमीज की भूमिका कई स्तरों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं, लेकिन उनके नेटवर्क और संपर्कों की परतें अब भी खुलती जा रही हैं.
जांच में सामने आया है कि पीड़िता डॉक्टर ने शुरुआत में ही अपने डिपार्टमेंट हेड सुरेश बाबू और मोहम्मद वाहिद को पूरी आपबीती बताई थी. आरोप है कि शिकायत के बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. करीब पांच दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके चलते मानसिक रूप से परेशान छात्रा ने खुदकुशी की कोशिश तक कर डाली.
इस मामले पर यूपी महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मुख्यमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है. उनका आरोप है कि शुरुआती स्तर पर शिकायत को दबाने की कोशिश की गई. पुलिस को आरोपी रमीज मलिक के मोबाइल फोन से कई अहम चैट्स मिली हैं.
यह भी पढ़ें: PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट... KGMU केस में नया मोड़, पुलिस को मिले अहम सबूत

ये चैट्स धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की ओर इशारा करती हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के मोबाइल फोन में जाकिर नायक के कई वीडियो मौजूद थे, जिन्हें वह नियमित रूप से सुनता था. इतना ही नहीं मोबाइल डेटा की जांच के दौरान कई महिलाओं की न्यूड तस्वीरें और डॉक्टरों के साथ की गई चैट भी सामने आई है.
पुलिस को पीड़िता के अलावा कई अन्य हिंदू लड़कियों से बातचीत के सबूत मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आरोपी एक से अधिक महिलाओं के संपर्क में था. इन सभी चैट रिकॉर्ड्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और अन्य महिलाओं से पूछताछ की तैयारी की जा रही है. इस मामले की जांच अब स्पेशल टास्क फोर्क कर ही है.
इसके साथ ही कुछ ऐसी तस्वीरें भी मिली हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि KGMU परिसर में VC ऑफिस के पास धार्मिक आयोजन कराए जाते रहे. इसके अलावा आरोपी रमीज के प्रतिबंधित संगठन PFI से कथित कनेक्शन भी जांच के दायरे में हैं. इससे पहले दिल्ली धमाके की आरोपी डॉक्टर शाहीन से उसके संपर्क की बात भी सामने आ चुकी है.
यह भी पढ़ें: करोड़ों की विदेशी फंडिंग, इस्लामिक राष्ट्र का सपना, छांगुर बाबा के खिलाफ चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि 16 दिनों की फरारी के दौरान डॉक्टर रमीज लगातार कई अन्य डॉक्टरों के संपर्क में था. आरोप है कि इसी दौरान उसके नेटवर्क के जरिए लाखों रुपए की फंडिंग जुटाई गई. सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध खाते PFI से जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ अकाउंट सीधे डॉक्टर शाहीन से जुड़े बताए जा रहे हैं.
इतना ही नहीं, रमीज को बड़े वकील की व्यवस्था के लिए भी फंडिंग किए जाने के संकेत मिले हैं. यूपी के कई जिलों के साथ-साथ दिल्ली और उत्तराखंड से भी पैसे भेजे जाने की जानकारी सामने आई है. इन सभी खातों की गहन जांच की जा रही है. इस बीच KGMU प्रशासन और यूपी महिला आयोग के बीच टकराव भी खुलकर सामने आया था.
यह भी पढ़ें: 'छांगुर बाबा बाहर आएंगे, सबको सबक सिखाएंगे'... सिंडिकेट की खुलेआम धमकी, डर के साए में महिलाएं
अपर्णा यादव ने KGMU की वाइस चांसलर सोनिया नित्यानंद, विशाखा कमेटी और आंतरिक जांच समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि आरोपी और उसकी मदद करने वाले प्रोफेसरों को संरक्षण दिया जा रहा है. KGMU प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. इसमें अब भ्रष्टाचार का एंगल भी जुड़ता दिख रहा है.
KGMU में बिना लाइसेंस ब्लड बैंक चलने और महिला HOD से छेड़छाड़ जैसे आरोपों का जिक्र भी अपर्णा यादव ने किया है. एक डिपार्टमेंट की HOD डॉक्टर तूलिका चंद्रा ने अपने जूनियर डॉक्टर आशुतोष सिंह पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था. इसे विशाखा कमेटी ने खारिज कर दिया. इसके बाद मामला महिला आयोग तक पहुंचा.