पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आज पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे. चन्नी ने कहा कि वह अपने समर्थक नेताओं के साथ बघेल से मिलकर पंजाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता की भावनाओं से उन्हें अवगत कराएंगे.
चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'पंजाब के हित में एकजुट होकर हमने 11 जुलाई को पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को आमंत्रित किया है, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पंजाब के लोगों की भावनाओं को उनके सामने रखा जा सके.' यह बैठक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर होगी.
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, भारत भूषण आशु और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी शामिल हो सकते हैं. हालांकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे. भूपेश बघेल गत 6 जुलाई से पंजाब दौरे पर हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर लगातार पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं. उनका दौरा भी बढ़ा दिया गया है.
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व विवाद गहराया
दरअसल, 1 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा था. वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. माना जा रहा है कि चन्नी प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज हैं और इसी वजह से उन्होंने अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की थी. मोहाली में 6 जुलाई को चन्नी की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई थी. इस बैठक में जालंधर से कांग्रेस के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी. हालांकि भूपेश बघेल पहले ही साफ कर चुके हैं कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा.
चन्नी को CM फेस घोषित करने की मांग
इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता रहे बूटा सिंह के परिवार ने भी चन्नी को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग की है. बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह और बेटी गुरकीरत कौर ने चन्नी से मुलाकात के बाद कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को अगले चुनाव चन्नी के नेतृत्व में लड़ना चाहिए. उधर, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि उन्हें किसी भी नेता से कोई शिकायत नहीं है और कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है. उन्होंने कहा कि किसी वरिष्ठ नेता ने उनके नेतृत्व को स्वीकार करने से इनकार नहीं किया है.
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी भरोसा जताया कि पार्टी के भीतर सभी मतभेद बातचीत से सुलझ जाएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आम आदमी पार्टी जैसी स्थिति नहीं है, जहां सरकार दिल्ली से चलाई जाती हो. कांग्रेस में सभी नेताओं की बात सुनी जाती है. हालांकि परगट सिंह ने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर कुछ मतभेद जरूर हैं, लेकिन इन्हें भूपेश बघेल के सामने रखा जाएगा. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी का सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी करना है.