जंग की आशंकाओं के बीच ईरान में एक के बाद एक धमाकों से दहशत और गहरा गई है. दक्षिणी ईरान में शनिवार को हुए दो अलग-अलग विस्फोटों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. सरकारी एजेंसियों ने इन धमाकों के लिए गैस लीक को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
पहला धमाका ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में एक रिहायशी इमारत में हुआ. स्थानीय अधिकारी के मुताबिक इस विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए. फायर डिपार्टमेंट के प्रमुख ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे गैस लीक का नतीजा बताया. हालांकि, एक स्थानीय निवासी ने ईरान इंटरनेशनल को भेजे गए वीडियो में दावा किया कि जिस इमारत में धमाका हुआ, वहां अब तक गैस कनेक्शन ही नहीं था.
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घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान हुआ है. इमारत की दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और आसपास मलबा बिखरा नजर आया. इन वीडियो के सामने आने के बाद अफवाहें तेज हो गईं कि यह धमाका किसी बड़े टारगेट पर हमला हो सकता है.
IRGC कमांडर को निशाना बनाने का दावा
इस बीच यह दावा भी सामने आया कि बंदर अब्बास में हुआ विस्फोट ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नेवी कमांडर को निशाना बनाकर किया गया. हालांकि IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. एक स्थानीय अखबार द्वारा जारी वीडियो में वर्दी पहने एक व्यक्ति को घायल दिखाया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसी का कर्मचारी था, जो घायलों की मदद करते वक्त जख्मी हुआ.
दूसरा विस्फोट दक्षिण-पश्चिमी ईरान के अहवाज शहर में हुआ, जहां पांच लोगों की मौत और तीन के घायल होने की खबर है. सरकारी मीडिया ने इस धमाके के लिए भी गैस लीक को जिम्मेदार बताया है.
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इजरायल ने धमाके में संलिप्तता से किया इनकार
इन घटनाओं पर इजरायल की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. रॉयटर्स के मुताबिक इजरायली अधिकारियों ने इन विस्फोटों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और फिलहाल विस्फोटों की असली वजह पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है.
गौरतलब है कि पिछले साल जून में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद से ईरान के कई शहरों में रहस्यमय धमाके और आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं. अधिकतर मामलों में अधिकारियों ने इन्हें हादसा बताते हुए तकनीकी खराबी या गैस लीक का हवाला दिया, लेकिन मौजूदा हालात में हर विस्फोट ईरान में बढ़ती असुरक्षा और युद्ध की आशंकाओं को और हवा दे रहा है.