अशोक डिंडा (Ashok Dinda) एक भारतीय पूर्व क्रिकेटर और राजनेता हैं. उन्होंने के तौर पर शपथ ली है. मोयना निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर जीत हासिल करने के बाद, पश्चिम बंगाल की नई बनी राज्य सरकार में उन्होंने 1 जून 2026 को राज्य मंत्री पद की शपथ ली. उनका जन्म 25 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में हुआ था.
अशोक डिंडा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत घरेलू क्रिकेट से की थी. उन्होंने मुख्य रूप से बंगाल और बाद में गोवा की टीमों के लिए रणजी ट्रॉफी में खेला. वह एक तेज गेंदबाज (फास्ट बॉलर) थे और घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक सक्रिय रहे.
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उन्होंने कई टीमों के लिए खेला, जिसमें 2012 में पुणे वॉरियर्स इंडिया टीम शामिल थी. IPL में उन्हें एक अनुभवी तेज गेंदबाज के रूप में देखा गया.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अशोक डिंडा ने भारत के लिए वनडे और टी20 मैच खेले. उन्होंने अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 9 दिसंबर 2009 को श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में किया था. इस मैच में उन्होंने 1 विकेट लिया था. इसके बाद उन्होंने 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया.
उन्हें 2010 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया था, लेकिन उस टूर्नामेंट में उन्हें केवल एक मैच खेलने का मौका मिला.
घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बंगाल के लिए कई सालों तक खेला और 2017-18 रणजी ट्रॉफी सीजन में वह बंगाल के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. इसके बाद 2018-19 सीजन में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और उस सीजन में भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे.
हालांकि, 2019 में उन्हें अनुशासनात्मक कारणों के चलते टीम से बाहर किया गया था. इसके बाद 2020 में उन्होंने बंगाल टीम छोड़ दी और कुछ समय के लिए गोवा की टीम से भी जुड़े.
2 फरवरी 2021 को अशोक डिंडा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हुए हैं.
क्रिकेट के मैदान पर अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी से पहचान बनाने वाले अशोक डिंडा अब राजनीति की पिच पर नई जिम्मेदारी निभा रहे हैं. अशोक डिंडा ने बंगाल सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और इसके साथ ही उनकी राजनीतिक पारी का सबसे बड़ा अध्याय शुरू हो गया.
क्रिकेट के बाद राजनीति में भी अशोक डिंडा का यह प्रदर्शन उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है. उनकी इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि मैदान चाहे क्रिकेट का हो या राजनीति का, अशोक डिंडा दोनों जगह अपनी छाप छोड़ने में सक्षम हैं.