अभिषेक देबरॉय (Abhishek Debroy) त्रिपुरा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता हैं. पार्टी ने अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसके अलावा वह मातरबाड़ी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भी हैं. उन्होंने पहली बार 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया.
अभिषेक देबरॉय का संबंध त्रिपुरा के गोमती जिले के काकराबन इलाके से है. उनके पिता का नाम हिमांग्शु देबरॉय है. शुरुआती जीवन और शिक्षा त्रिपुरा में ही पूरी करने के बाद उन्होंने फार्मेसी की पढ़ाई की. साल 2020 में उन्होंने कर्नाटक की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से बैचलर डिग्री इन फार्मेसी पूरी की.
राजनीतिक रूप से अभिषेक देबरॉय का नाम 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में आया. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर मातरबाड़ी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा. इस चुनाव में उन्हें कुल 25,494 वोट मिले. उनका वोट शेयर 51.06 प्रतिशत रहा. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रणजीत पॉय को 9,041 वोटों के अंतर से हराया.
मातरबाड़ी विधानसभा सीट गोमती जिले की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है. इस क्षेत्र में स्थानीय मुद्दे, विकास और संगठनात्मक राजनीति चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं. चुनाव जीतने के बाद अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा बीजेपी संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी मिली और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया.
त्रिपुरा की राजनीति में बीजेपी पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में संगठन और विधानसभा दोनों स्तर पर अभिषेक देबरॉय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी पार्टी संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाए रखना और चुनावी रणनीतियों पर काम करना है.
वहीं विधायक के रूप में मातरबाड़ी क्षेत्र में सड़क, स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाएं और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहते हैं. त्रिपुरा की राजनीति में युवा नेताओं की बढ़ती भागीदारी के बीच अभिषेक देबरॉय का नाम भी राज्य के सक्रिय राजनीतिक चेहरों में शामिल हो चुका है.
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही तीन अन्य राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं. इनमें चुनावी राज्य पंजाब भी शामिल है.