AI के चलते भारत समेत दुनियाभर में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों की नौकरी जा चुकी है. पहली बार है जब AI की वजह से सरकारी नौकरियां खत्म होंगी. दरअसल नीदरलैंड सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है, जिसके बाद AI के चलते करीब 25 हजार सरकारी नौकरियों को खत्म किया जाएगा. ये जानकारी ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दी है.
नीदरलैंड सरकार AI की मदद से सरकारी कामकाज को प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है. डच सरकार इसके तहत करीब 25 हजार सरकारी नौकरियों को खत्म करने जा रही है.
नीदरलैंड सरकार सरकारी नौकरी में कटौती करके करीब हर साल 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (47,595 करोड़ ) रुपये की बचत करने की प्लानिंग कर रही हैं.
जानकारी के मुताबिक, सरकार एक साथ 25 हजार नौकरियों को खत्म नहीं करने जा रही है, बल्कि कई स्टेज में धीरे-धीरे करके नौकरियों को खत्म किया जाएगा. रिपोर्ट में बताया है कि सरकार ने 26 अक्तूबर को इस संबंध में जानकारी दी है.
साल 2027 की शुरुआत में होगा बड़ा ऐलान
नीदरलैंड की सरकार अगले साल की शुरुआत में सरकारी कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर डिटेल्स प्लानिंग को पेश करेगी. राज्य सचिव एरिक वान डेन बर्ग ने बताया है कि सरकार हमेशा पुराने तौर तरीकों की तरह ही काम नहीं करती रहेगी. सरकार आने वाले दिनों में कुछ कठिन फैसले लेने जा रही है, जिसमें ज्यादा प्रभावित हो सके.
2025 में सरकारी कर्मचारियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
नीदरलैंड में सरकारी कर्मचारियों की संख्या साल 2025 के अंत तक बढ़कर 1.60 लाख कर्मचारियों तक पहुंच गई थी. यह संख्या साल 2018 की तुलना में करीब 41 परसेंट ज्यादा है. इससे पहले भी सरकारें सरकारी कर्मचारियों की संख्या कम करने का दावा कर चुके हैं, लेकिन ये संख्या लगातार बढ़ रही है.
यह भी पढ़ें: Microsoft की छंटनी क्यों नहीं है Oracle-Amazon जैसी? खुद का स्टार्टअप खोलने में मदद करेगी कंपनी
पुलिस और रक्षा विभाग पर नहीं पड़ेगा असर
नीदरलैंड सरकार की प्रस्तावित छंटनी का असर सभी विभागों पर एक जैसा नहीं होगा. रिपोर्ट में बताया है कि पुलिस और सेना को इस कटौती से बाहर रखा गया है. सबसे ज्यादा असर, मंत्रालयों, मॉनिटरिंग एजेंसी और सरकारी योजनाओं को लागू करने वाली एजेंसियों पर देखने को मिलेगा.
वान डेन बर्ग ने बताया है कि सरकार तकनीक का सहारा लेगी और अलग-अलग मंत्रालय व एजेंसियों में ज्यादा से ज्यादा काम AI की मदद से कंप्लीट करना है. सरकार AI की मदद से प्रोडक्टिविटी को बेहतर करना चाहती है.