उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के थाना रुद्रपुर अंतर्गत सीएचसी सरकारी आवास में 25 अक्टूबर की रात प्रेग्नेंट गुड़िया विश्वकर्मा की गला दबाकर और हथौड़े से वार कर हत्या कर दी गई थी. मृतका के मायके वालों की तहरीर पर पति, जेठ, जेठानी, सास और ननद समेत अन्य पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था.
पुलिस ने विवेचना के आधार पर गोरखपुर के गगहा निवासी आरोपी राम आशीष यादव को 27 अक्टूबर की सुबह पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया, जिसके बाएं पैर में गोली लगी है और उसका एक साथी फरार है.
तीन लाख में तय हुआ था हत्या का सौदा
पुलिस जांच में सामने आया कि गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के रहने वाले सत्य प्रकाश यादव ने परिजनों से मिलकर हत्या की योजना बनाई थी. इसके लिए राम आशीष यादव और उसके साथी नरेश के साथ तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. घटना को अंजाम देने से पहले राम आशीष ढाई लाख रुपये नगद ले चुका था और बाकी के पचास हजार रुपये लेने जा रहा था. 25 अक्टूबर की रात को आरोपियों ने घर में घुसकर गुड़िया विश्वकर्मा की हत्या कर दी और ननद पूर्णिमा ने डायल 112 पर सूचना दी थी.
मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर की थी फायरिंग
एसपी देवरिया अजीत आर शंकर ने बताया कि थाना रुद्रपुर पुलिस 27 अक्टूबर 2026 की सुबह नियमित चेकिंग कर रही थी. इस दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का इशारा किया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे. पीछा करने पर वे बाइक फिसलने से नीचे गिर गए और दोबारा गोली चलाई. आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त राम आशीष यादव के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए सीएचसी रुद्रपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया जिसकी तलाश जारी है.