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उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मी भी नहीं बच सके और गंवा दिए 25 लाख, आपको भी आ सकता है ये मैसेज

उत्तर प्रदेश से साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां विक्टिम 4 पुलिस कर्मी हैं. उनसे करीब 25 लाख रुपये की ठगी हुई है और अब पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का शिकार बनाया है. आइए इनके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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पुलिस ने साइबर ठगों का किया भंडाफोड़. (Photo: Unsplash)
पुलिस ने साइबर ठगों का किया भंडाफोड़. (Photo: Unsplash)

साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाले केस सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने बड़ी ही चालाकी से उत्तर प्रदेश के 4 पुलिस कर्मी को शिकार बनाया है और अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मोटे मुनाफे का झांसा दिया है और फिर उत्तर प्रदेश के चार पुलिसकर्मियों को 25 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया है. पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है. 

सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि आरोपी Botbro, Crossmarket और MineCrypto नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश कराने का लालच देते थे. वे निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न का वादा करते थे. 

निवेशकों से ठगी गई रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता और बाद में उसे निकालकर आपस में बांट लिया जाता था. 

कांस्टेबल की शिकायत पर जांच शुरू हुई थी 

एसपी अभिषेक वर्मा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषभ रनवाल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले की जांच की शुरुआत सोनभद्र में तैनात कांस्टेबल दीपक कुमार वर्मा की शिकायत से हुई थी. 

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उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी निवेश योजना के जरिए उनसे करीब 10.70 लाख रुपये की ठगी की गई. उन्होंने बताया कि तकनीकी जांच और बैंकिंग लेनदेन की पड़ताल में पता चला कि इसी गिरोह ने सोनभद्र में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के चार कर्मियों से कुल 25.03 लाख रुपये की ठगी की थी. 

बैंकिंग रिकॉर्ड से हुआ बड़ा खुलासा 

बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान की पहचान की गई. पुलिस ने बताया है कि ये सभी लखनऊ के रहने वाले हैं. 30 जून को राज्य की राजधानी में छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

मोबाइल और लैपटॉप हुए बरामद 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और वारदात में इस्तेमाल की गई एक चारपहिया गाड़ी भी बरामद की है. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराते थे. 

साइबर ठगी से बचाव के लिए यूजर्स को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. साइबर स्कैमर्स हाई रिटर्न का लालच देकर और कुछ ही सप्ताह के अंदर करोड़पति बनाने का वादा करते हैं. 

साइबर ठग इसके लिए एक फेक वॉट्सऐप ग्रुप तक तैयार करते हैं, जिनमें ढेरों लोग मैसेज करते हैं और बताते हैं कि उन्होंने शेयर मार्केट की सजेशन पर लाखों करोड़ों रुपये छापे हैं. मैसेज के झांसे में आकर बहुत से लोग रुपये इनवेस्ट करने का प्लान बना लेते हैं. 

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