दिल्ली में हाल ही में हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान लुटियंस दिल्ली के कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया था, जिसके बाद Bitchat नाम का मैसेजिंग GenZ का सहारा बना था, जो बिना इंटरनेट के भी काम करता है. अब भारत के ऐप स्टोर से इसको रिमूव किया जा चुका जा चुका है.
बिटचैट ऐप डेवलपर और Twitter के को-फाउंडर डैक डोर्सी ने एक पोस्ट किया है और इस पूरे मामले के बारे में बताया है. ऐपल के नोटिस के मुताबिक, यह कदम आईटी मंत्रालय MeitY की मांग पर लिया गया है. जुलाई में गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने माइक्रोसॉफ्ट की कंपनी गिटहब से इसको हटाने को कहा था.
Bitchat सिर्फ भारत के ऐप स्टोर से रिमूव किया है और अन्य देशों के ऐप स्टोर पर उपलब्ध रहेगा. साथ ही भारत में इसका टेस्टिंग वर्जन भी बंद रहेगा.
जैक डॉर्सी ने किया पोस्ट
जैक डॉर्सी ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया है. पोस्ट में लिखा है कि भारत सरकार ने बिटचैट को ऐप स्टोर से ऑफिशियली रिमूव करा दिया है. ऐपल की ऐप रिव्यू टीम ने भारत सरकार द्वारा ऐपल को भेजे गए नोटिस को भी लगाया है.
नोटिस में बताया है कि ऐप में ऐसा कंटेंट है, जो भारत में गैरकानूनी है. इसलिए वह ऐप रिव्यू गाइडलाइंस को पूरा नहीं करता है. साथ ही डेवलपर चाहे तो ज्यादा जानकारी के लिए सीधे भारत सरकार के मंत्रालय से संपर्क कर सकता है.
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जुलाई में गिटहब से ऐप रिमूव करने को कहा था
जुलाई में I4C ने माइक्रोसॉफ्ट की कंपनी गिटहब से बिटचैट को रिमूव करने के लिए कहा था. दरअसल, CJP प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में अस्थाई तौर पर इंटरनेट पर सर्विस को बंद था. ऐसे में बहुत से लोग ब्लूटूथ बेस्ड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हुए नजर आए थे.
Bitchat App कैसे काम करता है?
BitChat App, असल में एक डिसेंट्रीलाइज्ड और पियर टू पियर मैसेजिंग ऐप है. इसमें मैसेज भेजने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करता है.
Bitchat के काम करने का तरीका काफी अलग है. यह पहले आसपास मौजूद कंपेटेबल डिवाइसों को ब्लूटूथ लो एनर्जी के जरिए खोज सकता है. इसके दो हैंडसेट ब्लूटूथ के जरिए एक पुल तैयार करते हैं.
उदाहरण के तौर पर समझें तो A को C के पास मैसेज करना है, लेकिन वह दोनों एक दूसरे से डायरेक्ट ब्लूटूथ की रेंज में नहीं है. ऐसे में अगर B दोनों की ब्लूटूथ रेंज में है तो Bitchat ऐप B के जरिए एक वर्चुअल नेटवर्क पुल तैयार करेगा, जिसकी मदद से A और C आपस में संपर्क कर सकते हैं. इसका मतलब है कि A-B-C हैं तो बीच का फोन मैसेज को आगे भेजने का काम करता है, जिसको मेस नेटवर्किंग भी कहा जाता है.
Bitchat को प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया है. मैसेज को इनक्रिप्ट तरीसे भेजा जाता है, जिसकी वजह से बीच के डिवाइस में मैसेज को डिकोड नहीं किया जा सकता है. ऐसे में मैसेज सुरक्षित रहता है.