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IPL बबल में कैसे घुसा वायरस, कहां चूक हुई..? खिलाड़ियों ने ऐसा कहा

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बायो-बबल (जैव सुरक्षित माहौल) को लेकर चर्चा जोरों पर है. इसके अंदर कोरोना कैसे पहुंचा..? इस पर लगातार बहस हो रही हैं. विश्व की सबसे बड़ी टी20 लीग को चार खिलाड़ियों और दो कोचों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने बाद मंगलवार को इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

IPL 2021 Suspended (@BCCI) IPL 2021 Suspended (@BCCI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • IPL के बायो-बबल को लेकर चर्चा जोरों पर है
  • आखिर इसके अंदर कोरोना कैसे पहुंचा..?
  • IPL को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बायो-बबल (जैव सुरक्षित माहौल) को लेकर चर्चा जोरों पर है. इसके अंदर कोरोना कैसे पहुंचा..? इस पर लगातार बहस हो रही हैं. विश्व की सबसे बड़ी टी20 लीग को चार खिलाड़ियों और दो कोचों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने बाद मंगलवार को इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

पीटीआई ने लीग में भाग लेने वाले कुछ प्रतिभागियों से बात कर यह जानने की कोशिश की कि कोविड-19 संक्रमण के बारे में पता चलने के बाद बायो-बबल की क्या स्थिति थी. कोरोना वायरस संक्रमण के आने से कुछ खिलाड़ियों में डर का माहौल था, तो वहीं कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही स्थगित हुई लीग के बबल को पिछले साल यूएई में आयोजित टूर्नामेंट की तुलना में कमजोर बताया.

'... बबल UAE जितना सुरक्षित नहीं था' 

एक खिलाड़ी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि यह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जितना सुरक्षित नहीं था, जहां टूर्नामेंट के दौरान एक भी मामला सामने नहीं आया था. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कुछ पॉजिटिव मामले आए थे, लेकिन बाद में एक भी ऐसा मामला नहीं आया.

उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और टीमों ने हालांकि अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन यह बायो-बबल संयुक्त यूएई इतना मजबूत नहीं था. यहां आप लोगों को आते-जाते देख सकते थे, भले ही वे अलग-अलग मंजिलों पर हों. मैंने कुछ लोगों को पूल का उपयोग करते हुए भी देखा. अभ्यास करने की सुविधाएं भी दूर थीं.’

भारतीय अंडर-19 टीम के सदस्य रहे श्रीवत्स गोस्वामी शुरू से आईपीएल का हिस्सा रहे है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी खिलाड़ी या सहयोगी सदस्य ने कोविड-19 से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का उल्लंघन किया है.

'बबल में हर कोई असहज हो गया था'

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘बबल के अंदर हमारी अच्छी देखभाल हो रही थी. किसी भी खिलाड़ी या सहयोगी स्टाफ ने इसका उल्लंघन नहीं किया. लेकिन मैं इस बात से इनकार नहीं करूंगा कि वायरस के बबल में प्रवेश के बाद हर कोई असहज हो गया था, खासकर विदेशी खिलाड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि मैं अच्छी प्रतिरोधक क्षमता वाला खिलाड़ी हूं. भगवान न करे, अगर मैं वायरस की चपेट में आ गया तो भी ठीक हो जाऊंगा. लेकिन मुझमें वायरस का लक्षण नहीं दिखा और मेरे बुजुर्ग माता-पिता इस वायरस की चपेट में आए तो क्या होगा. जब बबल में वायरस संक्रमण के मामले आए तो अधिकांश खिलाड़ी डर गए, क्योंकि आप नहीं चाहते कि इससे आपका परिवार प्रभावित हो.’

'इस वजह से विदेशी खिलाड़ी डर गए थे''

उन्होंने कहा, ‘जाहिर है कि आप इस बात से बेखबर नहीं थे कि बाहर क्या हो रहा है. जब आप ऑक्सीजन की कमी, अस्पताल में बिस्तर की कमी के कारण लोगों को मरते हुए देखते हैं तो आपको बुरा लगता है. खासकर विदेशी खिलाड़ी इसके बारे में ट्विटर पर पढ़ कर डर गए थे. भारतीय खिलाड़ी के तौर पर हम उन्हें समझाते थे कि चीजें ठीक हो जाएंगी.’

'... वायरस के आने से सब में बेचैनी'

ऐसे समय में लीग के आयोजन पर सवाल को लेकर एक खिलाड़ी ने गोपनीयता के शर्त पर कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के बीच मतभेद था. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘बाहर की स्थिति पर खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों के विचार एक जैसे नहीं थे. कुछ चाहते थे कि आईपीएल जारी रहे, तो कुछ चाहते थे इसे रोक दिया जाए. हां, बबल में वायरस के आने के बाद सब में बेचैनी थी.’

'... लेकिन बबल कमजोर नहीं था'

क्रिकेटर से कमेंटेटर बने दीप दासगुप्ता ने आईपीएल के बबल को कमजोर करार देने से इनकार किया, लेकिन कहा कि दिल्ली में मामले बढ़ने के बाद वह चिंतित हो गए थे. इस पूर्व विकेटकीपर ने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि इस बार बनाया गया बायो-बबल पिछली बार यूएई की तुलना में कमजोर था. हमारा अच्छी तरह से ख्याल रखा गया और मै सुरक्षित महसूस कर रहा था.’

उन्होंने कहा, ‘जब दिल्ली में मामले बढ़ने लगे तब मैं डर गया था. लोगों को संघर्ष करते देखना काफी निराशाजनक था. मैं अपने माता-पिता के लिए चिंतित था जो नोएडा में रहते हैं. उनके बारे में सोच कर चिंतित हो रहा था.’

'किसी को पता नहीं कि बबल में कोरोना कैसे घुसा' 

एक अन्य खिलाड़ी ने कहा कि जब टूर्नामेंट शुरू हुआ था, तब बबल काफी मजबूत था, लेकिन इसके आगे बढ़ने के साथ इसमें कुछ कमियां आ गई थीं. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘टूर्नामेंट की शुरुआत में यह बेहतर था. लेकिन किसी को पता नहीं कि बबल में कोरोना वायरस कैसे आया.’

भारत में गुरुवार को कोविड-19 संक्रमण के चार लाख से ज्यादा मामले आए, जबकि लगभग 4000 लोगों की मौत हो गई. अस्पताल में बिस्तर, ऑक्सीजन और महत्वपूर्ण दवाओं की कमी से जूझने के बाद भी आईपीएल आयोजन की बड़े पैमाने पर आलोचना हो रही थी.

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