भारतीय अंडर-19 टीम के लिए जब शुरुआती बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौट रहे थे, तब राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई.उन्होंने महज 67 गेंदों में 87 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को संकट से निकालते हुए दूसरे युवा वनडे में श्रीलंका के खिलाफ 285 रन के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. सिर्फ 81 रन के भीतर 4 विकेट गिर चुके थे और टीम मुश्किल में थी. ऐसे समय विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय ने अर्जुन राजपूत के साथ मोर्चा संभाला. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 145 रनों की बेहतरीन साझेदारी कर पारी को नई दिशा दी.
अन्वय ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा. उन्होंने केवल 47 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी 87 रनों की पारी में 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. दूसरी ओर अर्जुन राजपूत ने भी 76 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर उनका शानदार साथ निभाया.
अन्वय के सामने शतक का सुनहरा मौका था, लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गिम्हान मेंडिस ने उनकी पारी का अंत कर दिया. मेंडिस श्रीलंका के सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 41 रन देकर पांच विकेट झटके.
अन्वय के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई. टीम ने आखिरी तीन विकेट सिर्फ 22 रन के भीतर गंवा दिए, जिसके कारण 300 रन का आंकड़ा छूने का मौका हाथ से निकल गया. इसके बावजूद भारत ने 285 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर लिया.
गौरतलब है कि भारत ने इस पांच मैचों की युवा वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को चार विकेट से हराकर 1-0 की बढ़त बनाई थी. अब टीम इंडिया की नजर दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर बढ़त मजबूत करने पर है.