Doha Diamond League 2026: भारतीय जैवलिन थ्रो सुपरस्टार नीरज चोपड़ा शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग में लंबे समय बाद मैदान पर वापसी करने जा रहे हैं. पिछले साल सितंबर में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के बाद से वह पीठ की चोट के कारण किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके थे. ऐसे में उनकी नजर वापसी को यादगार बनाने पर होगी, लेकिन राह आसान नहीं रहने वाली है क्योंकि उनके सामने इस सीजन के सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले श्रीलंका के रूमेश थरंगा पाथिराजे मौजूद हैं.
28 वर्षीय नीरज ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 84.03 मीटर के निराशाजनक थ्रो के साथ आठवां स्थान हासिल किया था. इसके बाद उन्हें चोट से जूझना पड़ा और वह लंबे समय तक मैदान से दूर रहे. तुर्किये में रिहैबिलिटेशन पूरा करने के बाद नीरज 25 मई से स्विट्जरलैंड में ट्रेनिंग कर रहे हैं और अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं.
दोहा का मैदान नीरज के लिए हमेशा खास रहा है. मई 2025 में इसी ट्रैक पर उन्होंने पहली बार 90 मीटर का जादुई आंकड़ा पार करते हुए 90.23 मीटर का थ्रो किया था. हालांकि उस इवेंट में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर के साथ उन्हें पीछे छोड़ दिया था. इस बार भी नीरज की कोशिश उसी लय को दोहराने की होगी.
मूल रूप से यह इवेंट 8 मई को सीजन के पहले डायमंड लीग इवेंट के रूप में आयोजित होनी थी, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. नीरज को भी अंतिम समय में नौ खिलाड़ियों के फील्ड में शामिल किया गया. नीरज का मुकाबला आज (19 मई) को भारतीय समयानुसार रात 11 बजे के बाद शुरू होगा.
दोहा डायमंड लीग से पहले नीरज ने क्या कहा?
इवेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने कहा कि उन्होंने करीब डेढ़ महीने पहले थ्रो करना शुरू किया था और वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की. उन्होंने बताया कि अंतिम ट्रेनिंग सेशन के बाद ही दोहा में खेलने का फैसला लिया गया. 90 मीटर के टारगेट पर नीरज ने कहा कि वह अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे और फिलहाल खुद को फिट महसूस कर रहे हैं.
"I'm working on my natural technique"@Neeraj_chopra1 says he is going back to basics after a change of coach.#DiamondLeague#DohaDL🇶🇦 pic.twitter.com/D9Mm9cdC0k
— Wanda Diamond League (@Diamond_League) June 18, 2026
रूमेश पाथिराजे बने सबसे बड़ी चुनौती
दोहा में नीरज की सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंका के 24 वर्षीय रूमेश थरंगा पाथिराजे होंगे. पाथिराजे इस समय दुनिया के सबसे फॉर्म में चल रहे जैवलिन थ्रोअर माने जा रहे हैं. उन्होंने 4 जून को रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो कर सनसनी मचा दी थी.
इस प्रदर्शन के साथ वह 90 मीटर क्लब में शामिल होने वाले एशिया के केवल चौथे खिलाड़ी बने. उनका यह थ्रो वर्ल्ड इतिहास की आठवीं सबसे लंबी दूरी भी है. यह प्रदर्शन पाकिस्तान के अरशद नदीम के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले 92.97 मीटर के थ्रो से केवल थोड़ा पीछे रहा.
रूमेश ने इस सीजन दो और बार 89 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका है. हाल ही में उन्होंने चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में आयोजित प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक मीट भी 86.57 मीटर के थ्रो के साथ जीती थी.
नीरज और रूमेश के बीच बराबरी की टक्कर
नीरज और रूमेश अब तक केवल दो बार आमने-सामने आए हैं और दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 1-1 से बराबर है.
जुलाई 2025 में बेंगलुरु में आयोजित नीरज चोपड़ा क्लासिक में नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि रूमेश 84.34 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. इसके बाद पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रूमेश सातवें और नीरज आठवें स्थान पर रहे थे. नीरज ने रूमेश की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनके अच्छे दोस्त हैं और श्रीलंका के लिए जो उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, उससे उन्हें खुशी है.
रूमेश का भारत से भी रहा है खास नाता
रूमेश पाथिराजे का भारत से भी गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने 2024 में पंचकूला में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया था. इसके बाद अक्टूबर 2025 में रांची में हुए दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 84.29 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता.
उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित पहले इंडियन ओपन वर्ल्ड एथलेटिक्स ब्रॉन्ज लेवल कॉन्टिनेंटल टूर में भी 86.50 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.
स्टार खिलाड़ियों से सजा है मुकाबला
दोहा डायमंड लीग में नीरज और रूमेश के अलावा कई बड़े नाम भी हिस्सा लेंगे. इनमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन केशोर्न वॉलकॉट, दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स, वर्ल्ड चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता कर्टिस थॉम्पसन, जूलियस येगो, जैकब वाडलेच, मोहम्मद हुसैन अहमद सामेह और आर्टुर फेल्फनर शामिल हैं.
हालांकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने इवेंट से अपना नाम वापस ले लिया है, जिसके बाद नीरज और रूमेश की भिड़ंत पर सभी की नजरें टिक गई हैं.
कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट भी लगभग तय
नीरज चोपड़ा को हाल ही में भारत की 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए शामिल किया गया है. हालांकि उन्हें एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का 82.61 मीटर का क्वालिफाइंग मार्क हासिल करना होगा, जो उनके स्तर के खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती नहीं माना जाता.
23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले दोहा डायमंड लीग नीरज के लिए अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने का बड़ा मंच होगी. वैसे नीरज का बेस्ट थ्रो 90.23 मीटर का है, जो उन्होंने दोहा डायमंड लीग में ही 16 मई 2025 को फेंका था.
डायमंड लीग का ऐसा है पॉइंट सिस्टम
पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट के लिए डायमंड लीग में 4 अलग-अलग मीट (लेग मैच) हैं. यह चारों दोहा, पेरिस, लुसाने और ज्यूरिख हैं. इन चारों इवेंट्स के बाद टेबल के लिहाज से टॉप-6 प्लेयर्स को फाइनल में जगह मिलती है. जहां डायमंड लीग में चैम्पियन के लिए निर्णायक मुकाबला होना है. ध्यान देने वाली बात यह है कि डायमंड लीग में कोई मेडल नहीं मिलता है. हर एक लेग मुकाबले में टॉप पर रहने वाले एथलीट को 8 प्वाइंट्स मिलते हैं. दूसरे प्लेयर को 7, तीसरे एथलीट को 6, चौथे खिलाड़ी को 5 और फिर इसी तरह आगे घटते क्रम में नंबर मिलते हैं. लेग मुकाबलों के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप-6 में रहने वाले जैवलिन थ्रोअर्स को ही डायमंड लीग के फाइनल में जगह मिलेगी.