भारत के ट्रैक एंड फील्ड एथलीट और भाला फेंकने वाले खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने टोक्यो ओलंपिक्स 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था ( Olympic Gold Medal ). वहीं नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक 2024 (2024 Paris Olympic) में में 89.45 मीटर का जेवलिन थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
टोक्यो ओलंपिक्स 2020 के फाइनल्स में दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर (87.58 meter) भाला फेंककर ओलंपिक्स में ट्रैक एंड फील्ड गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए (India's first-ever Olympic track and field gold medal). अभिनव बिंद्रा के बाद वे ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं.
नीरज का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत में हुआ था (Neeraj Chopra born December 24, 1997). भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी चोपडा ने अपनी पढ़ाई डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से की है (DAV College, Chandigarh).
वे पोलैंड में, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस 2016 वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (World U-20 Athletics Championship) में वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं. वे टोक्यो ओलंपिक 2020 में पहले प्रयास में 86.65 मीटर (first attempt of 86.65 meters ) भाला फेंककर क्वालिफिकेशन में ‘ग्रुप ए’ में शीर्ष पर रहने वाले पहले भारतीय हैं.
चेक रिपब्लिक के पूर्व ट्रैक एंड फील्ड एथलीट यान जेलेजनी को अपना आइडल मानने वाले चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर (86.47 meters) भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और सबका ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने 2018 दोहा डायमंड लीग में 87.43 मीटर भाला फेंककर राष्ट्रीय कीर्तिमान (87.43 meters National Record) बनाया.
नीरज ने जकार्ता में हुए 2018 एशियाई खेलों में 88.06 मीटर भाला फेंककर अपने ही नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया (2018 Asian Games in Jakarta). इसके बाद, 2021 में, 88.07 मीटर थ्रो के साथ एकबार फिर नया कीर्तिमान बना दिया.
जेवलिन थ्रो के इस सितारे में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता (Commonwealth Games Javelin gold), फिनलैंड के सेवो गेम्स और फ्रांस में हुए सोटेविल एथलेटिक्स मीट में भी गोल्ड मेडल को अपने नाम किया. टोक्यो गेम्स के दौरान जर्मनी के बायोमेकेनिक्स के एक्सपर्ट क्लोस बार्टोनिज ने उनके कोच की भूमिका निभाई. 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स (Gold Coast Commonwealth) में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Award) दिया गया और 2020 ओलंपिक गोल्ड के बाद वे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (Khel Ratna) से सम्मानित किए गए.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @Neeraj_chopra1 है. उनका फेसबुक पेज Neeraj Chopra के नाम से है और वे इंस्टाग्राम पर neeraj____chopra यूजरनेम से एक्टिव हैं.
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के बाद नीरज चोपड़ा ने पहली बार खुलकर बताया कि पिछले 10 महीने उनके लिए कितने मुश्किल रहे, कैसे कई चोटों, एडक्टर मसल की परेशानी, लोअर बैक इंजरी और लंबे इंतजार के बीच वह हर दिन ट्रेनिंग करते रहे.
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड के लुसाने में होने वाली डायमंड लीग में दुनिया के सबसे मजबूत भाला फेंक खिलाड़ियों के खिलाफ उतरेंगे. कमर की चोट से वापसी के बाद यह उनका तीसरा टूर्नामेंट होगा.
ग्लास्गो में 11 दिनों तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो गया है, जिसमें भारत ने 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया. क्लोजिंग सेरेमनी में स्कॉटलैंड ने झंडा और बैटन भारत को सौंपा, जिसे 2030 के शताब्दी संस्करण की मेजबानी मिली है. ये गेम्स गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होंगे.
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बावजूद नीरज चोपड़ा के चेहरे पर मुस्कान थी. नीरज चोपड़ा ने इस बार सिर्फ अपना पदक नहीं, बल्कि भारतीय जैवलिन थ्रो के उज्ज्वल भविष्य को भी पोडियम पर खड़े देखा.
कॉमनवेल्थ गेम्स में खराब प्रदर्शन के बाद अब पाकिस्तान के अरशद नदीम की नजरें एशियन गेम्स पर होगी, जहां उन्हें एक बार फिर नीरज चोपड़ा और श्रीलंकाई स्टार रुमेश पथिरागे की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. अरशद नदीम ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. रुमेश ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भी पछाड़ दिया. रुमेश पहले एक क्रिकेटर थे, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने जैवलिन को चुना.
कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने ग्लास्गो में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुक्केबाजी, जूडो और एथलेटिक्स में कई मेडल्स अपने नाम किए. नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में सिल्वर मेडल हासिल किया जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए. नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत, यशवीर सिंह ने कांस्य जीता. तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में इतिहास रचा, जबकि अस्मिता डे ने जूडो में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया. भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से देश का पदक अभियान और मजबूत हुआ.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक फाइनल में नीरज चोपड़ा के सामने ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम, इस साल 92.62 मीटर के साथ दुनिया में सबसे आगे चल रहे रुमेश पथिरागे और एंडरसन पीटर्स की चुनौती होगी. जानिए फाइनल से पहले पूरा समीकरण.
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है. नीरज के साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी क्वालिफिकेशन राउंड पार कर शीर्ष-12 में स्थान बनाया. इस तरह भारत के तीनों जेवलिन थ्रोअर पदक की दौड़ में बने हुए हैं.
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के सामने लगातार टॉप-5 में जगह बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी. हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन और निशानेबाजी जैसे मजबूत खेल इस बार शामिल नहीं हैं, इसलिए अब नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन समेत मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और भारोत्तोलन पर भारत की सबसे ज्यादा उम्मीदें टिकी होंगी.
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.68 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया. ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.38 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ दूसरे, जबकि अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 85.99 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
Doha Diamond League: भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा आज (शुक्रवार) दोहा डायमंड लीग में चोट के बाद प्रतिस्पर्धी मैदान पर वापसी करेंगे. उनकी सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंका के उभरते सितारे रूमेश थरंगा पाथिराजे होंगे, जिन्होंने इस सीजन 92.62 मीटर का शानदार थ्रो किया है. दोनों खिलाड़ियों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 1-1 का है, जिससे मुकाबला और रोमांचक बन गया है.
नीरज चोपड़ा और सुमित अंतिल की शिकायत के बाद द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच नवल सिंह को PCI ने बर्खास्त कर दिया. उन पर मानसिक उत्पीड़न, गाली-गलौच और शराब के नशे में अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगे थे. जांच में शुरुआती सबूत मिलने के बाद आपात बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें एथलीट्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई.
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था. वहीं पेरिस ओलंपिक में उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था. वहीं सुमित अंतिल ने टोक्यों पैरालंपिक और पेरिस पैरालंपिक के दौरान मेन्स जैवलिन थ्रो (एफ 64 वर्ग) में गोल्ड मेडल जीते थे.
नीरज चोपड़ा और उनके कोच जान जेलेजनी के बीच अचानक जुदाई ने एथलेटिक्स की दुनिया को चौंका दिया. यह कदम तकनीकी अस्थिरता, चोट और मानसिक तैयारियों के मिश्रण का परिणाम था, साथ ही नीरज ने अपनी राह खुद बनाने का निर्णय भी लिया.
गाजियाबाद में गाजीपुर बॉर्डर पर उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया, जब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को UP में प्रवेश से पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसके बावजूद चंद्रशेखर आज़ाद ने यूपी में प्रवेश का प्रयास किया. प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल सरकार और CM ममता बनर्जी पर अपनी जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
नीरज चोपड़ा के लिए साल 2025 मिला जुला रहा. पिछले साल नीरज ने अपने करियर में पहली बार 90 मीटर का बैरियर पार किया. नीरज का प्रदर्शन उधर विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में कुछ खास नहीं रहा.
ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और हिमानी मोर ने 25 दिसंबर 2025 को करनाल के द ईडन होटल में अपने शादी के रिसेप्शन के करीब 11 महीने बाद 2 रिसेप्शन दिए. दोनों का लुक इन इवेंट्स में काफी लग्जरी था.
करनाल में गुरुवार को ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी का रिसेप्शन आयोजित हुआ. निजी पैलेस में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण शामिल हुए. नीरज क्रीम शेरवानी और हिमानी ग्रीन लहंगे में नजर आईं.
नई दिल्ली में नीरज चोपड़ा को विशेष पिपिंग समारोह में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक मिला. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने सम्मानित किया. ओलंपिक गोल्ड (टोक्यो 2020), सिल्वर (पेरिस 2024) और विश्व चैंपियनशिप गोल्ड सहित उपलब्धियों के लिए सम्मान दिया गया. 16 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति ने टेरिटोरियल आर्मी में कमीशन दिया.